अमृतसर में अंतरराष्ट्रीय नशा तस्करी का बड़ा खुलासा, अमरूद के बाग को बनाया गया था हथियारों और हेरोइन का अड्डा

अमृतसर में अंतरराष्ट्रीय नशा तस्करी का बड़ा खुलासा, अमरूद के बाग को बनाया गया था हथियारों और हेरोइन का अड्डा

भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास सुरक्षा एजेंसियों ने एक बार फिर सीमा पार से चल रहे नापाक साजिशों का बड़ा भंडाफोड़ किया है। पंजाब के अमृतसर में अटारी सीमा के नजदीक एक घने अमरूद के बाग से हेरोइन और अत्याधुनिक हथियारों की भारी-भरकम खेप बरामद की गई है। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने मास्टरमाइंड पति, उसकी पत्नी और भाई समेत तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में इन आरोपियों के तार सीधे तौर पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) और सीमा पार बैठे आतंकवादियों व ड्रग्स तस्करों से जुड़े होने का खुलासा हुआ है।

पुलिस कमिश्नरेट और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के संयुक्त इनपुट के आधार पर की गई इस कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि तस्कर कानून की नजरों से बचने के लिए किस हद तक नए और शातिर तरीके अपना रहे हैं। अमृतसर के पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, थाना घरिंडा की पुलिस ने इस गिरोह के सरगना संदीप सिंह, उसकी पत्नी कमलजीत कौर और उसके भाई बिक्रमजीत सिंह को धर दबोचा है। उनके पास से जो बरामदगी हुई है, उसने सुरक्षा एजेंसियों के भी होश उड़ा दिए हैं।

एके-47 और एके-56 जैसे हथियारों के साथ 10 किलो हेरोइन जब्त

पुलिस लाइन में आयोजित एक उच्चस्तरीय प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आईजी गुरप्रीत सिंह भुल्लर और एसएसपी कंवलप्रीत सिंह चाहल ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने एक अत्याधुनिक एके-56 (AK-56) असॉल्ट राइफल, एक एके-47 (AK-47) राइफल, चार मैगजीन, दस जिंदा कारतूस और 10 किलोग्राम उच्च कोटि की हेरोइन बरामद की है। यह खेप भारत में अशांति फैलाने और युवाओं को नशे के दलदल में धकेलने के लिए पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से भेजी गई थी।

पुलिस जांच में सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क का मुख्य सरगना संदीप सिंह बेहद शातिर है। उसने बहुत ही चालाकी के साथ इस साल अटारी बॉर्डर के पास स्थित एक अमरूद के बाग का लेबर और रखवाली का ठेका ले लिया था। घना बाग होने के कारण वहां बाहरी लोगों की आवाजाही कम होती थी, जिसका फायदा उठाकर यह गिरोह पाकिस्तान से आने वाले ड्रोन की गतिविधियों को अंजाम देता था।

ड्रोन से गिराई जाती थी खेप, एक्टिवा और कारों पर ढोकर ठिकाने लगाती थी पत्नी

आईजी गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि पाकिस्तान में बैठे आईएसआई के आकाओं के इशारे पर सीमा पार से ड्रोन के जरिए हथियारों और ड्रग्स की खेप इस अमरूद के बाग में गिराई जाती थी। रात के अंधेरे में जब खेप बाग में पहुंचती थी, तब संदीप सिंह और उसकी पत्नी कमलजीत कौर चुपचाप वहां से कंसाइनमेंट को उठा लेते थे।

इस तस्करी की सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि आरोपी पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाते थे। पति-पत्नी कभी कार पर तो कभी साधारण सी एक्टिवा पर सवार होकर इन अवैध हथियारों और हेरोइन के पैकेटों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाते थे। स्कूटर या कार पर होने के कारण आम लोगों या पुलिस को उन पर कभी शक नहीं हुआ। फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को कब्जे में लेकर उनकी फोरेंसिक जांच शुरू कर दी है, ताकि इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य चेहरों को भी बेनकाब किया जा सके।

पुराना अपराधी है मुख्य सरगना संदीप सिंह, पहले भी दर्ज हैं कई आपराधिक मामले

पुलिस रिकॉर्ड के खंगालने पर पता चला कि मुख्य आरोपी संदीप सिंह का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। उसे साल 2022 में भी आर्म्स एक्ट (असलाह अधिनियम) के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद भी उसकी गतिविधियों में सुधार नहीं आया और साल 2025 में उसके खिलाफ चोरी का एक और मामला दर्ज किया गया था।

इसके अलावा, अगस्त और सितंबर महीने में घरिंडा और लोपोके थानों में पांच-पांच किलो हेरोइन तस्करी के मामले पहले ही दर्ज हो चुके हैं। इस पूरे गिरोह के आधा दर्जन से अधिक छोटे-बड़े गुर्गे पहले ही पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। एसएसपी कंवलप्रीत सिंह चाहल ने बताया कि सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा और खुफिया तंत्र को और अधिक मजबूत कर दिया गया है ताकि इस प्रकार की ड्रोन आधारित हरकतों को पूरी तरह से नेस्तनाबूद किया जा सके।