पंजाब के 24 लाख बुजुर्गों के लिए बड़ी राहत: सरकार ने जारी किए ₹2507 करोड़, बजट में ₹4000 करोड़ का बड़ा प्रावधान

पंजाब के 24 लाख बुजुर्गों के लिए बड़ी राहत: सरकार ने जारी किए ₹2507 करोड़, बजट में ₹4000 करोड़ का बड़ा प्रावधान

पंजाब के लाखों वरिष्ठ नागरिकों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा वित्तीय कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ने वृद्धावस्था पेंशन योजना (Old Age Pension Scheme) के अंतर्गत चालू वित्त वर्ष 2026-27 में सितंबर माह तक ₹2507.98 करोड़ की राशि जारी कर दी है। इस सीधे वित्तीय हस्तांतरण से प्रदेश के 24 लाख 7 हजार से अधिक पात्र बुजुर्गों को समय पर सीधी आर्थिक मदद मिली है।

राज्य की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने चंडीगढ़ स्थित मुख्यालय से इस कल्याणकारी पहल का पूरा लेखा-जोखा साझा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार अपने बुजुर्गों को केवल लाभार्थी के रूप में नहीं देखती, बल्कि उनके जीवन को गरिमापूर्ण, स्वावलंबी और सुरक्षित बनाना प्रशासन की शीर्ष प्राथमिकता है। सरकार की ओर से दी जाने वाली मासिक पेंशन सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) प्रणाली के माध्यम से भेजी जा रही है, जिससे बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह समाप्त हो गई है।

वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹4000 करोड़ का बजट, धन की कोई कमी नहीं होगी

सामाजिक सुरक्षा मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि राज्य सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के वार्षिक बजट में बुजुर्ग पेंशन योजना के लिए कुल ₹4000 करोड़ का भारी-भरकम वित्तीय प्रावधान तय किया है। सितंबर तक जारी किए गए ₹2507.98 करोड़ इसी वार्षिक बजट का हिस्सा हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि चालू वित्त वर्ष की शेष तिमाहियों के लिए भी बजट की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी और हर महीने तय समय सीमा के भीतर लाभार्थियों के खातों में पेंशन भेजी जाती रहेगी।

कैबिनेट मंत्री के अनुसार, पंजाब की ग्रामीण और अर्ध-शहरी अर्थव्यवस्था में इस योजना का प्रभाव बेहद व्यापक है। जब ग्रामीण अंचल के किसी बुजुर्ग के खाते में हर माह निश्चित पेंशन पहुंचती है, तो वे अपनी दैनिक दवाओं, पोषण और जरूरी रोजमर्रा के खर्चों के लिए परिवार या किसी अन्य व्यक्ति पर निर्भर रहने के लिए विवश नहीं होते। यह आर्थिक संबल बुजुर्गों में आत्मसम्मान का भाव पैदा करता है और उन्हें सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आवरण देता है।

कौन हैं योजना के पात्र? जानिए आयु सीमा और आय के कड़े नियम

पंजाब सरकार की वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ उठाने के लिए राज्य के समाज कल्याण विभाग द्वारा तय किए गए पात्रता नियमों को जानना बेहद महत्वपूर्ण है। डॉ. बलजीत कौर ने स्पष्ट किया कि योजना में पुरुषों और महिलाओं के लिए आयु सीमा का अलग-अलग पैमाना तय किया गया है:

  • पुरुषों के लिए आयु सीमा: 65 वर्ष या उससे अधिक आयु के पुरुष नागरिक इस योजना के लिए पात्र हैं।

  • महिलाओं के लिए आयु सीमा: 58 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिला नागरिक पेंशन के लिए आवेदन कर सकती हैं।

  • पारिवारिक आय सीमा: आवेदक और उसके पति/पत्नी की कुल वार्षिक आय ₹60,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए।

  • भूमि सीमा का नियम: ग्रामीण क्षेत्रों में आवेदक के पास अधिकतम ढाई एकड़ तक नहरी/चाही जमीन या 5 एकड़ तक बरानी जमीन हो सकती है। शहरी क्षेत्रों में रहने वाले आवेदकों के पास 200 वर्ग गज से बड़ा आवासीय मकान या 1000 वर्ग फुट से अधिक का फ्लैट नहीं होना चाहिए।

  • अपात्रता की शर्तें: यदि कोई वरिष्ठ नागरिक केंद्र सरकार, राज्य सरकार, किसी बोर्ड, निगम या सार्वजनिक उपक्रम से पहले ही कोई अन्य नियमित पेंशन प्राप्त कर रहा है, तो वह इस योजना के दायरे में नहीं आएगा।

विभाग का प्रयास है कि समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े, साधनहीन और वास्तविक जरूरतमंद बुजुर्गों तक इस सरकारी सहायता का लाभ शत-प्रतिशत पहुंचे।

जिला अधिकारियों को सख्त हिदायत: आवेदनों का वेरिफिकेशन जल्द निपटाएं

पेंशन वितरण प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने सभी जिला सामाजिक सुरक्षा अधिकारियों (DSSO), ब्लॉक विकास एवं पंचायत अधिकारियों (BDPO) और संबंधित प्रशासनिक अमले को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि कार्यालयों में लंबित पड़े नए पेंशन आवेदनों के सत्यापन (Verification) का काम युद्धस्तर पर पूरा किया जाए।

अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी बुजुर्ग को दस्तावेजों की मामूली कमी के चलते बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। यदि किसी आवेदन में कोई दस्तावेज अधूरा है, तो फील्ड कर्मचारी स्वयं आवेदक से संपर्क कर उस तकनीकी बाधा को दूर कराएं। इसके साथ ही मंत्री ने ग्राम पंचायतों, ब्लॉक समितियों, नगर निगमों, नगर कौंसिलों और स्थानीय गैर-सरकारी सामाजिक संगठनों (NGOs) से अपील की है कि वे गांवों और वार्डों में जन-जागरूकता फैलाएं, ताकि कोई भी पात्र बुजुर्ग जानकारी के अभाव में इस लाभ से वंचित न रह जाए।

'रंगला पंजाब' की संकल्पना में बुजुर्गों का कल्याण सर्वोपरि

डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान का 'रंगला पंजाब' बनाने का सपना तब तक अधूरा है, जब तक हमारे बुजुर्ग समाज में आदर और निश्चिंतता के साथ जीवन न जिएं। जिन बुजुर्गों ने अपने जीवन का बहुमूल्य समय पंजाब की धरती को सींचने, खेती, किसानी, उद्योग और सांस्कृतिक ताने-बाने को गढ़ने में लगाया है, बुढ़ापे के पड़ाव पर उनकी देखभाल करना राज्य सरकार का परम दायित्व है।

सरकार सामाजिक सुरक्षा ढांचे को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी व तकनीक-सक्षम बनाने पर काम कर रही है। पेंशन पोर्टल को परिवार पहचान और आधार-आधारित प्रमाणीकरण से जोड़ा गया है, जिससे फर्जीवाड़ा रुक सके और केवल वास्तविक नागरिकों तक बजट का एक-एक रुपया बिना किसी रुकावट के सीधे पहुंच सके। चालू वित्त वर्ष में ₹4000 करोड़ के इस निर्धारित बजट के साथ पंजाब सरकार ने यह साफ संदेश दिया है कि जन-कल्याण और सामाजिक सुरक्षा की मदों में किसी भी स्तर पर कटौती नहीं की जाएगी।