एक मंच पर दिखेंगे विरोधी खेमे! चंडीगढ़ में पंजाब कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन: चन्नी बोले- नए प्रभारी सचिन पायलट की अगुवाई में लूंगा हिस्सा
लंबे समय से अंदरूनी खींचतान और गुटबाजी से जूझ रही पंजाब कांग्रेस में सियासी बर्फ पिघलती नजर आ रही है। पार्टी के नए पंजाब प्रभारी सचिन पायलट की नियुक्ति के बाद कांग्रेस के दोनों विरोधी खेमे—पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग—लंबे समय बाद एक साथ एक ही मंच पर नजर आने वाले हैं। चंडीगढ़ में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा के आवास घेराव को लेकर बुलाए गए विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का औपचारिक ऐलान करते हुए चरणजीत सिंह चन्नी ने स्पष्ट किया है कि वे नए प्रभारी सचिन पायलट की अगुवाई में इस प्रदर्शन में पूरी ताकत के साथ हिस्सा लेंगे।
पायलट की अगुवाई में चन्नी-वड़िंग का साझा शक्ति प्रदर्शन
पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी के तौर पर कमान संभालने के बाद राज्य में सचिन पायलट का यह पहला बड़ा राजनीतिक कार्यक्रम और जमीन पर शक्ति प्रदर्शन है।
पंजाब कांग्रेस कार्यालय से मंत्री हरपाल सिंह चीमा के सरकारी आवास की ओर निकाले जाने वाले इस विरोध मार्च में:
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पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद चरणजीत सिंह चन्नी,
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पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग,
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पूर्व उप मुख्यमंत्री एवं सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा,
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विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा समेत पार्टी के सभी प्रमुख विधायक और सांसद एक साथ कदमताल करते दिखाई देंगे।
हाल के महीनों में यह पहला मौका होगा जब चन्नी और राजा वड़िंग एक साथ सड़क पर उतरेंगे। इससे पहले अगस्त में बाबा बकाला और ईसरू सम्मेलनों में दोनों खेमे अलग-अलग मंचों से अपनी राजनीतिक सक्रियता दिखाते रहे थे।
किस मुद्दे पर सरकार को घेरेगी कांग्रेस?
कांग्रेस का यह बड़ा विरोध प्रदर्शन संगरूर के निवासी गुलजार सिंह की संदिग्ध आत्महत्या मामले को लेकर आयोजित किया गया है।
कांग्रेस का गंभीर आरोप है कि गुलजार सिंह ने इलाके में बढ़ते नशे के अवैध कारोबार और प्रशासनिक उदासीनता को लेकर वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से तीखे सवाल पूछे थे। इसके बाद कथित तौर पर उन पर भारी राजनीतिक और मानसिक दबाव बनाया गया, जिससे आहत होकर उन्होंने यह खौफनाक कदम उठा लिया। कांग्रेस पार्टी की मांग है कि:
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कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा को मंत्रिमंडल से तुरंत बर्खास्त किया जाए।
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मामले की निष्पक्ष, समयबद्ध और स्वतंत्र जांच कराकर मंत्री के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
'पायलट के आने से नई उम्मीद जगी': चरणजीत सिंह चन्नी
पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट साझा करते हुए कार्यकर्ताओं से भारी संख्या में चंडीगढ़ पहुंचने का आह्वान किया है। चन्नी ने कहा:
"सचिन पायलट पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हैं और उन्होंने इस प्रदर्शन को लेकर सीधे बात की है। उनके नेतृत्व में पंजाब कांग्रेस सड़कों पर उतर रही है और हम सब मिलकर इस जनविरोधी सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करेंगे। उनके आने से पंजाब के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में एक नई ऊर्जा और उम्मीद का संचार हुआ है।'"
पूर्व डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भी पायलट को अपने पूरे दलबल के साथ प्रदर्शन में शामिल होने का भरोसा दिया है।
2027 से पहले पायलट के लिए एकजुटता की पहली अग्निपरीक्षा
भूपेश बघेल की जगह सचिन पायलट को पंजाब की कमान सौंपे जाने को कांग्रेस आलाकमान का रणनीतिक दांव माना जा रहा है। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राज्य इकाई में जारी 'चन्नी बनाम वड़िंग' के विवाद को सुलझाना पायलट की सबसे बड़ी प्राथमिकता रही है।
पायलट ने पहले ही साफ कर दिया है कि चुनाव से पहले पार्टी किसी को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित नहीं करेगी और सामूहिक नेतृत्व में ही चुनाव लड़ा जाएगा। ऐसे में दोनों विरोधी धड़ों को एक मंच पर लाकर 'आप' सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अख्तियार कराना पायलट के कूटनीतिक प्रबंधन और कांग्रेस की एकजुटता के लिए एक बड़ा इम्तिहान साबित होगा।