पीयू की प्रोफेसर डॉ. नवदीप कौर को प्रतिष्ठित संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार! राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिल्ली में किया सम्मानित, पंजाब यूनिवर्सिटी और रंगमंच जगत में छाई खुशी की लहर
भारतीय रंगमंच, अभिनय और नाट्य कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली पंजाब यूनिवर्सिटी (PU) चंडीगढ़ के 'इंडियन थिएटर विभाग' की प्रोफेसर डॉ. नवदीप कौर को देश के सर्वोच्च सांस्कृतिक सम्मानों में से एक 'संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार' से नवाजा गया है। नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य और गरिमामय पुरस्कार वितरण समारोह में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया। इस दौरान उन्हें पुरस्कार स्वरूप ताम्रपत्र, अंगवस्त्रम, प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार राशि भेंट की गई।
डॉ. नवदीप कौर को यह सम्मान भारतीय नाट्य कला, लोक प्रदर्शन कलाओं (Folk Performing Arts), निर्देशन और थिएटर शिक्षा के क्षेत्र में उनके बहुमूल्य और दीर्घकालिक शोध व योगदान के लिए प्रदान किया गया है। समारोह में केंद्रीय संस्कृति मंत्री और संगीत नाटक अकादमी की अध्यक्ष सहित देश भर के प्रमुख कलाकार, साहित्यकार और कला प्रेमी उपस्थित रहे। जैसे ही दिल्ली के मंच से डॉ. नवदीप कौर के नाम की घोषणा हुई, पंजाब यूनिवर्सिटी के साथ-साथ चंडीगढ़ और पंजाब के कला व साहित्य जगत में खुशी और गर्व की लहर दौड़ गई।
थिएटर और लोक कलाओं में दशकों का समर्पण: जानिए डॉ. नवदीप कौर का सफर
डॉ. नवदीप कौर का नाम भारतीय रंगमंच और विशेष रूप से उत्तर भारत की नाट्य परंपरा में बेहद सम्मान के साथ लिया जाता है। पंजाब यूनिवर्सिटी के इंडियन थिएटर विभाग में बतौर प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष के रूप में सेवा देते हुए उन्होंने न केवल सैकड़ों युवाओं को अभिनय व निर्देशन के गुर सिखाए हैं, बल्कि कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारतीय थिएटर का परचम लहराया है। उन्होंने शास्त्रीय नाट्य परंपरा और आधुनिक प्रयोगात्मक रंगमंच के बीच एक बेहतरीन सामंजस्य स्थापित किया है।
डॉ. नवदीप कौर ने पंजाब और उत्तर भारत की समृद्ध लोक संस्कृति, स्वांग, नौटंकी, और पारंपरिक थिएट्रिकल आर्ट फॉर्म्स पर गहरा शोध कार्य किया है। उनके निर्देशन में तैयार किए गए नाटकों ने न केवल देश के अलग-अलग राज्यों में बल्कि विदेशों में भी काफी सराहना बटोरी है। उन्होंने समाज के ज्वलंत मुद्दों, महिला सशक्तिकरण और मानवीय संवेदनाओं को अपने नाटकों की विषय-वस्तु बनाकर दर्शकों के दिलों में अपनी खास जगह बनाई है।
पंजाब यूनिवर्सिटी में जश्न का माहौल: कुलपति और सहयोगियों ने दी बधाई
डॉ. नवदीप कौर को राष्ट्रपति से यह राष्ट्रीय सम्मान मिलने की खबर सामने आते ही पंजाब यूनिवर्सिटी परिसर में जश्न का माहौल बन गया। पीयू की कुलपति (Vice-Chancellor) प्रोफेसर रेणु विग ने डॉ. नवदीप कौर को इस अभूतपूर्व उपलब्धि पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह न केवल उनके व्यक्तिगत समर्पण का प्रतिफल है, बल्कि संपूर्ण पंजाब यूनिवर्सिटी और चंडीगढ़ शहर के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवशाली क्षण है।
इंडियन थिएटर विभाग के फैकल्टी सदस्यों, शोधार्थियों और छात्रों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर इस खुशी का जश्न मनाया। संकाय के सहयोगियों का कहना है कि डॉ. नवदीप कौर का यह सम्मान विश्वविद्यालय के कला एवं प्रदर्शन कला (Performing Arts) विभाग के स्तर को और ऊंचा उठाएगा। इससे पीयू में थिएटर की पढ़ाई कर रहे नए छात्रों को नई प्रेरणा और ऊर्जा मिलेगी।
भारतीय रंगमंच के संवर्धन में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार का महत्व
संगीत नाटक अकादमी, जो भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के तहत प्रदर्शन कलाओं की शीर्ष राष्ट्रीय अकादमी है, हर साल संगीत, नृत्य, नाटक और पारंपरिक/लोक कलाओं के क्षेत्र में अद्वितीय योगदान देने वाले शीर्ष विद्वानों व कलाकारों को नामांकित करती है। रंगमंच के क्षेत्र में यह पुरस्कार किसी भी कलाकार की जीवनभर की साधना और उसके कलात्मक विजन की सर्वोच्च मान्यता माना जाता है।
कला विशेषज्ञों का मानना है कि डॉ. नवदीप कौर को मिला यह सम्मान इस बात का प्रमाण है कि क्षेत्रीय और पारंपरिक थिएटर को जब अकादमिक गहराई और आधुनिक दृष्टि के साथ जोड़ा जाता है, तो वह राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अमिट छाप छोड़ता है। डॉ. नवदीप कौर ने पुरस्कार प्राप्त करने के बाद अपने गुरुओं, पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन, अपने विद्यार्थियों और दर्शकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उन्हें भविष्य में भारतीय कला और संस्कृति की सेवा के लिए और अधिक निष्ठा के साथ काम करने की प्रेरणा देगा।