जीत के बाद कप्तान शुभमन गिल ने बांधे तारीफों के पुल, गेंदबाजों और फील्डरों की थपथपाई पीठ

जीत के बाद कप्तान शुभमन गिल ने बांधे तारीफों के पुल, गेंदबाजों और फील्डरों की थपथपाई पीठ

ऑकलैंड: न्यूजीलैंड के खिलाफ ऑकलैंड के ईडन पार्क में खेले गए पहले एकदिवसीय मुकाबले में पांच विकेट से धमाकेदार जीत दर्ज करने के बाद भारतीय टीम के युवा कप्तान शुभमन गिल बेहद गदगद नजर आए। इस मुकाबले में भारत ने कीवी टीम को महज 185 रनों पर ढेर करने के बाद लक्ष्य को बेहद आसानी से हासिल कर पांच मैचों की श्रृंखला में 1-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। मैच के बाद आयोजित प्रेजेंटेशन सेरेमनी और प्रेस वार्ता में कप्तान गिल ने जीत का पूरा श्रेय बल्लेबाजों से पहले अपनी गेंदबाजी और फील्डिंग यूनिट को दिया। विशेष रूप से गिल ने पूर्व कप्तान और दिग्गज सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा की मैदान पर दिखाई गई असाधारण चुस्ती और कमिटमेंट की दिल खोलकर तारीफ की। गिल ने कहा कि भले ही रोहित भाई बल्ले से रन न बना पाए हों और दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से शून्य पर आउट हो गए हों, लेकिन 38 साल की उम्र में उन्होंने 50 ओवरों तक जिस तरह डाइव लगाकर चौके रोके और स्लिप में पैनी फील्डिंग की, उसने पूरी टीम में गजब का जोश भर दिया।

बल्ले से नाकामी के बावजूद मैदान पर रोहित का समर्पण, कप्तान गिल ने बांधे तारीफों के पुल

शुभमन गिल ने मैच के बाद रोहित शर्मा की तारीफ करते हुए कहा कि एक सच्चे लीडर की पहचान केवल इस बात से नहीं होती कि वह कितने रन बनाता है, बल्कि इस बात से होती है कि वह टीम के लिए मैदान पर अपनी बॉडी लैंग्वेज कैसी रखता है। जब कोई सीनियर खिलाड़ी और पूर्व कप्तान पहली ही गेंद पर बिना खाता खोले आउट होने के बावजूद मैदान पर 100 प्रतिशत से ज्यादा ऊर्जा झोंक देता है, तो उससे युवा खिलाड़ियों को सबसे बड़ा सबक मिलता है। रोहित ने इस मैच में पहली स्लिप में खड़े होकर न केवल शानदार कैच लपके, बल्कि 30 गज के दायरे में कई निश्चित बाउंड्रीज को रोककर कीवी बल्लेबाजों पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाए रखा। गिल ने कहा कि जब वह खुद पहली बार विदेशी सरजमीं पर एकदिवसीय टीम का नियमित नेतृत्व कर रहे हैं, तो मैदान पर रोहित भाई की यह तत्परता और निरंतर सलाह उनके काम को बेहद सरल बना देती है। रोहित ने मैच के दौरान कई मौकों पर गेंदबाजों के साथ बातचीत की और फील्ड प्लेसमेंट में गिल को सटीक सुझाव दिए, जिससे टीम को समय पर अहम साझेदारियां तोड़ने में मदद मिली।

अर्शदीप सिंह और गुरनूर बराड़ की आग उगलती गेंदबाजी ने आसान की टीम इंडिया की राह

कप्तान शुभमन गिल ने गेंदबाजों की पीठ थपथपाते हुए कहा कि ईडन पार्क की पिच पर टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला पूरी तरह सही साबित हुआ, जिसका पूरा श्रेय तेज गेंदबाजों को जाता है। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने नई गेंद के साथ जिस तरह की स्विंग और अनुशासन दिखाया, उसने न्यूजीलैंड के शीर्ष क्रम को पैर जमाने का मौका ही नहीं दिया। अर्शदीप ने अपने 9.2 ओवरों में केवल 38 रन देकर 4 बड़े विकेट चटकाए और विरोधी टीम की रीढ़ तोड़ दी। इसके साथ ही गिल ने अपने गृह राज्य पंजाब के साथी तेज गेंदबाज गुरनूर बराड़ के अंतरराष्ट्रीय पदार्पण की भी जमकर प्रशंसा की। अपने डेब्यू मैच में 8 ओवर में 41 रन देकर 3 विकेट झटकने वाले बराड़ के बारे में गिल ने कहा कि एक नए गेंदबाज के लिए विदेशी परिस्थितियों में इतनी नियंत्रित लाइन और लेंथ बनाए रखना आसान नहीं होता। अंशुल कंबोज और ऑलराउंडर अक्षर पटेल ने भी बीच के ओवरों में रनों की गति पर अंकुश लगाकर कीवी बल्लेबाजों को जोखिम भरे शॉट्स खेलने पर मजबूर किया, जिसके चलते पूरी न्यूजीलैंड टीम 44 ओवरों के भीतर 185 रनों पर सिमट गई।

फील्डिंग में दिखा वर्ल्ड क्लास मानक, विराट और रोहित के कैचों ने पलटा मैच का रुख

गिल ने कहा कि ऑकलैंड का ईडन पार्क मैदान अपने अजीबोगरीब आकार और छोटी बाउंड्रीज के लिए जाना जाता है, जहां थोड़ी सी भी ढीली फील्डिंग मैच को किसी भी समय हाथ से निकाल सकती है। लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने इस मैच में जिस अनुशासन और तत्परता का परिचय दिया, वह विश्व स्तरीय था। गिल ने विराट कोहली द्वारा बैकवर्ड पॉइंट पर हवा में उड़ते हुए लपके गए एक हाथ के सनसनीखेज कैच का विशेष रूप से उल्लेख किया, जिसने मैच में कीवी टीम के आक्रामक बल्लेबाज नाथन स्मिथ की पारी का अंत किया था। इसके अलावा स्लिप कॉर्डन में रोहित शर्मा की सतर्कता और इनर रिंग में श्रेयस अय्यर व केएल राहुल की मुस्तैदी ने कम से कम 25 से 30 अतिरिक्त रन बचाए। गिल ने साफ शब्दों में कहा कि आधुनिक सीमित ओवरों के क्रिकेट में गेंदबाजी और फील्डिंग एक सिक्के के दो पहलू हैं; अगर फील्डर गेंदबाजों की गेंदों पर कैच छोड़ते हैं तो गेंदबाजों का मनोबल टूट जाता है, लेकिन आज हमारे फील्डर्स ने हाफ चांस को भी विकेट में तब्दील करके जीत की राह बेहद आसान बना दी।

ड्रेसिंग रूम में सीनियर और युवाओं का बेहतरीन तालमेल, गिल ने खोला जीत का राज

भारतीय टीम की कमान संभालने के अपने अनुभव पर बात करते हुए शुभमन गिल ने कहा कि टीम के भीतर सीनियर्स और जूनियर्स के बीच किसी तरह की कोई दूरी नहीं है। ड्रेसिंग रूम का माहौल पूरी तरह खुला, सकारात्मक और एक-दूसरे को आगे बढ़ाने वाला है। उन्होंने कहा कि रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे महान खिलाड़ी जब टीम में होते हैं, तो एक युवा कप्तान के रूप में आपको कभी अकेलापन महसूस नहीं होता। दोनों दिग्गजों ने अपने करियर में सैकड़ों मैच जिताए हैं, और वे हर नाजुक मोड़ पर बिना किसी औपचारिकता के अपना अनुभव साझा करते हैं। गिल ने कहा कि जब विराट भाई नंबर 3 पर बल्लेबाजी करने उतरे और उन्होंने काउंटर-अटैक करते हुए मात्र 35 गेंदों में अर्धशतक ठोक दिया, तो डगआउट में बैठे हर खिलाड़ी का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर पहुंच गया था। सीनियर खिलाड़ियों का यह रवैया युवा खिलाड़ियों को बिना किसी डर के खुलकर अपनी स्वाभाविक प्रतिभा दिखाने का माहौल देता है।

186 रनों के चेज में 50 फीसदी काम गेंदबाजों ने किया: कप्तान गिल का दो टूक विश्लेषण

लक्ष्य का पीछा करने के संदर्भ में गिल ने स्वीकार किया कि जब विरोधी टीम 185 रनों पर ढेर हो जाती है, तो बल्लेबाजों का आधा काम पहले ही खत्म हो चुका होता है। हालांकि पहले ओवर में रोहित शर्मा का विकेट गंवाने के बाद मैच में कुछ पलों के लिए तनाव जरूर बना था, लेकिन विराट कोहली (74 रन) और श्रेयस अय्यर की सधी हुई पारियों ने टीम को कोई झटका नहीं लगने दिया। खुद गिल ने भी संयम भरी बल्लेबाजी करते हुए पारी को स्थिरता दी। गिल ने कहा कि ईडन पार्क की पिच पर रोशनी में गेंद काफी तेजी से स्विंग हो रही थी और काइल जैमीसन जैसे ऊंचे कद के गेंदबाज अतिरिक्त उछाल हासिल कर रहे थे, लेकिन टीम के बल्लेबाजों ने सूझबूझ दिखाते हुए कोई हड़बड़ी नहीं दिखाई और खराब गेंदों का इंतजार करके मैच को 5 विकेट शेष रहते ही खत्म कर दिया। यह जीत दर्शाती है कि टीम केवल किसी एक खिलाड़ी की व्यक्तिगत चमक पर निर्भर नहीं है, बल्कि हर विभाग ने अपनी तय जिम्मेदारी को बखूबी निभाया है।

2027 वनडे वर्ल्ड कप के रोडमैप में पहली जीत का मनोवैज्ञानिक असर

भारतीय कप्तान ने भविष्य की रणनीतियों पर रोशनी डालते हुए कहा कि न्यूजीलैंड की मुश्किल परिस्थितियों में सीरीज का पहला मैच जीतना आगामी 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। विदेशी धरती पर जब आप सीरीज की शुरुआत जीत के साथ करते हैं, तो विरोधी टीम पर मानसिक दबाव दोगुना हो जाता है। उन्होंने कहा कि अगले चार मैचों में भी टीम इसी आक्रामक और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ मैदान में उतरेगी। टीम प्रबंधन का मुख्य लक्ष्य बेंच स्ट्रेंथ को परखने के साथ-साथ एक ऐसा कोर ग्रुप तैयार करना है जो किसी भी देश में, किसी भी मौसम और पिच पर जीत हासिल करने का माद्दा रखता हो। गिल ने अंत में ऑकलैंड में पहुंचे हजारों भारतीय प्रशंसकों का भी आभार जताया और वादा किया कि आने वाले मैचों में भी टीम इंडिया अपने खेल के स्तर को और ऊंचा उठाकर देशवासियों को गौरवान्वित करती रहेगी।