तेंदुलकर का मास्टर स्ट्रोक! इस निवेश ने सिर्फ 3 साल में दिया 26 गुना रिटर्न, कुल इतने स्टार्ट-अप में लगा पैसा
भारतीय क्रिकेट इतिहास के महानतम बल्लेबाज और 'क्रिकेट के भगवान' कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने केवल अपने बल्ले के दम पर ही दुनिया भर के रिकॉर्ड्स को नहीं तोड़ा, बल्कि मैदान के बाहर भी उनकी बिजनेस की समझ और निवेश कौशल ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि वे केवल खेल के ही नहीं बल्कि वित्तीय निवेश के भी असली मास्टर हैं। हाल ही में सचिन तेंदुलकर के एक ऐसे ही गुप्त और बेहद शानदार निवेश की रिपोर्ट सामने आई है जिसने पूरे वित्तीय जगत और दलाल स्ट्रीट के बड़े-बड़े निवेशकों को भी हैरान कर दिया है। सचिन तेंदुलकर द्वारा समर्थित और निवेशित एक खास कंपनी और स्टार्टअप वेंचर ने अपने शुरुआती निवेशकों को महज तीन साल की छोटी सी अवधि के भीतर 26 गुना (26x Return) तक का जबरदस्त और बंपर रिटर्न प्रदान किया है। इस अभूतपूर्व सफलता के बाद से ही यह चर्चा का विषय बन गया है कि आखिर सचिन तेंदुलकर अपने पैसों को किन चुनिंदा और दूरदर्शी स्टार्टअप्स में लगाते हैं जो देखते ही देखते यूनिकॉर्न या सफलता की बुलंदियों पर पहुंच जाते हैं।
जानिए किस सेक्टर और किन स्टार्टअप्स में है सचिन तेंदुलकर का पैसा, पोर्टफोलियो में शामिल हैं दर्जनों उभरते वेंचर
क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद से ही सचिन तेंदुलकर ने एक समझदार एंजेल इन्वेस्टर (Angel Investor) और उद्यमी के रूप में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। विभिन्न वित्तीय और कॉर्पोरेट आंकड़ों के अनुसार, सचिन तेंदुलकर ने पिछले कुछ वर्षों में भारत के उभरते हुए विभिन्न सेक्टर्स जैसे कि एयरोस्पेस, टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर, कंज्यूमर ब्रांड्स और सस्टेनेबल एनर्जी से जुड़े कुल एक दर्जन से अधिक यानी लगभग 15 से ज्यादा स्टार्टअप्स और प्राइवेट कंपनियों में अपनी शुरुआती पूंजी लगाई है। इसमें 'आजाद इंजीनियरिंग' जैसी हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग कंपनी से लेकर कई कंज्यूमर-सेंट्रिक स्टार्टअप्स शामिल हैं। सचिन की निवेश रणनीति की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वे भीड़ का हिस्सा बनने के बजाय उन शुरुआती कंपनियों और फाउंडर्स पर दांव लगाते हैं जिनके पास भारत के भविष्य को बदलने का मजबूत विजन और पक्का रोडमैप होता है।
वित्तीय अनुशासन और दूरदर्शिता का नतीजा: कैसे सचिन ने खेल के मैदान की तरह बिजनेस में भी हासिल की सफलता
स्पोर्ट्स एक्सपर्ट्स और फाइनेंशियल एनालिस्ट्स का मानना है कि सचिन तेंदुलकर की यह सफलता रातों-रात नहीं मिली है, बल्कि इसके पीछे उनका दशकों पुराना वित्तीय अनुशासन, धैर्य और सही समय पर सही सलाह लेना शामिल है। अपने पूरे क्रिकेट करियर के दौरान भी सचिन ने विज्ञापनों और ब्रांड एंडोर्समेंट के साथ-साथ अपने वित्त को हमेशा बेहद सूझबूझ के साथ मैनेज किया। जब उन्होंने स्टार्टअप इकोसिस्टम में निवेश करना शुरू किया, तो उन्होंने केवल मुनाफे पर ध्यान देने के बजाय उन कंपनियों के बिजनेस मॉडल को गहराई से समझा जो जमीनी स्तर पर रोजगार पैदा कर रही थीं और देश के विकास में योगदान दे रही थीं। यही वजह है कि उनके द्वारा चुने गए अधिकांश स्टार्टअप्स ने निवेशकों को निराश नहीं किया और निवेशकों की संपत्ति में कई गुना इजाफा किया है।
युवा उद्यमियों के लिए प्रेरणा बने सचिन, स्टार्टअप इंडिया और भारतीय अर्थव्यवस्था को मिल रहा है नया बल
सचिन तेंदुलकर का यह निवेश सफर केवल उनके व्यक्तिगत मुनाफे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत के संपूर्ण स्टार्टअप इकोसिस्टम (Startup Ecosystem) के लिए एक बहुत बड़ा वरदान साबित हो रहा है। जब देश का कोई इतना बड़ा और प्रतिष्ठित आइकॉन किसी नए स्टार्टअप में पैसा लगाता है, तो न केवल उस कंपनी का मनोबल बढ़ता है बल्कि दुनिया भर के अन्य वेंचर कैपिटलिस्ट्स का भी भारतीय बाजार पर भरोसा मजबूत होता है। आज देश के युवा युवा उद्यमी (Young Entrepreneurs) सचिन तेंदुलकर को अपना आदर्श मानते हैं और वे यह सीखते हैं कि कैसे खेल या किसी भी अन्य क्षेत्र से आने के बाद देश की आर्थिक उन्नति में सक्रिय भागीदारी निभाई जा सकती है।
निष्कर्ष: क्रिकेट की पिच से लेकर वेंचर कैपिटल तक, मास्टर ब्लास्टर ने साबित कर दिया कि वे हर जगह 'भारत रत्न' हैं
संक्षेप में कहें तो सचिन तेंदुलकर का यह मास्टर स्ट्रोक यह साबित करता है कि उनकी नजरें केवल क्रिकेट की गेंद पर ही नहीं, बल्कि भविष्य के व्यावसायिक अवसरों पर भी उतनी ही पैनी थीं। महज तीन साल में 26 गुना रिटर्न हासिल करने की यह कहानी आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी।