10वें दीपोत्सव के पावन अवसर पर योगी आदित्यनाथ का अयोध्या से शंखनाद, बोला हमला

10वें दीपोत्सव के पावन अवसर पर योगी आदित्यनाथ का अयोध्या से शंखनाद, बोला हमला

राम नगरी अयोध्या में कार्तिक मास की चतुर्दशी और अमावस्या के पावन अवसर पर आयोजित ऐतिहासिक 10वें दीपोत्सव के मंच से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे प्रदेश और देश को संबोधित करते हुए एक बड़ा राजनीतिक और सांस्कृतिक संदेश दिया है। लाखों-करोड़ों दीयों की दिव्य रोशनी से जगमगाती अवधपुरी की पावन धरा से सीएम योगी ने कहा कि आज की अयोध्या केवल एक शहर नहीं, बल्कि भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण और अभूतपूर्व विकास का एक नया सूर्योदय बन चुकी है। उन्होंने भगवान श्री राम की जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर के निर्माण और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अयोध्या के कायाकल्प का जिक्र करते हुए कहा कि जिस अयोध्या को पिछली सरकारों ने उपेक्षा, अंधकार और कर्फ्यू के दौर में धकेल दिया था, आज वही अयोध्या दुनिया के पर्यटन और आस्था के मानचित्र पर एक नए कीर्तिमान के रूप में चमक रही है। इस भव्य और अलौकिक समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी (सपा) की पूर्ववर्ती सरकारों पर बिना नाम लिए तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जिन्होंने राम भक्तों पर गोलियां चलवाई थीं और अयोध्या के अस्तित्व को नकारने की कोशिश की थी, आज वे अयोध्या के इस अलौकिक विकास और दुनिया भर से आ रहे श्रद्धालुओं के जनसैलाब को देखकर पूरी तरह से बेचैन हो चुके हैं।

अंधकार के दौर से दिव्य दीपोत्सव तक का सफर: सीएम योगी ने बताया कि कैसे बदली राम नगरी की ऐतिहासिक तस्वीर

अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के पिछले सात-आठ सालों के विकास कार्यों की पूरी रूपरेखा देश के सामने रखी। उन्होंने याद दिलाया कि 2017 से पहले अयोध्या में दीपोत्सव जैसा कोई भव्य आयोजन नहीं होता था और न ही श्रद्धालुओं के लिए बुनियादी सुविधाएं मौजूद थीं। पहले की सरकारों की नीतियां अयोध्या की उपेक्षा करने पर आधारित थीं, जिसके कारण यह ऐतिहासिक नगरी विकास की दौड़ में पिछड़ गई थी। लेकिन साल 2017 में बीजेपी सरकार बनने के बाद से शुरू हुआ दीपोत्सव का यह सफर आज अपने 10वें भव्य संस्करण तक पहुंच चुका है, जिसने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में हर साल अपना ही नाम दर्ज कराया है। सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या का यह विकास केवल पत्थरों या सड़कों का निर्माण नहीं है, बल्कि यह करोड़ों सनातन धर्मशास्त्रों और देशवासियों की सदियों पुरानी आस्था और सम्मान का सांस्कृतिक पुनर्जागरण है। आज सरयू जी के घाटों पर जलने वाला हर एक दिया भारत के समृद्ध और गौरवशाली अतीत की पुनरावृत्ति का प्रतीक बन चुका है।

समाजवादी पार्टी पर तीखा पलटवार: 'जिन्होंने रामभक्तों पर गोलियां चलाईं, वे आज विकास के सूर्योदय पर उठा रहे हैं सवाल'

समारोह के दौरान सीएम योगी का राजनीतिक हमला पूरी तरह से आक्रामक रहा। उन्होंने विपक्ष, विशेष रूप से समाजवादी पार्टी की पुरानी नीतियों को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि एक दौर वह था जब अयोध्या में रामनवमी और मेलों पर पाबंदियां लगा दी जाती थीं, संतों और रामभक्तों पर अत्याचार किए जाते थे और सरयू का तट खून से लाल कर दिया गया था। सीएम योगी ने सपा नेतृत्व को याद दिलाया कि वे वही लोग हैं जिन्होंने कोर्ट में राम मंदिर निर्माण की राह में रोड़े अटकाने का काम किया था। आज जब अयोध्या में श्रीराम लला अपने भव्य और भव्य मंदिर में विराजमान हैं और पूरी दुनिया अयोध्या के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, 8-लेन सड़कों तथा विश्वस्तरीय रेलवे स्टेशन को देखकर अचंभित है, तब वही लोग अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती देख अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राम की अयोध्या अब किसी की राजनीतिक दुर्भावना का शिकार नहीं बनेगी और न ही अब कोई ताकत अयोध्या के इस अविरल विकास रथ को रोक सकती है।

अंतरराष्ट्रीय पर्यटन का नया केंद्र बनी अयोध्या: 25 लाख से अधिक दीयों से जगमगाए सरयू के तट और नया घाट

दीपोत्सव के इस 10वें ऐतिहासिक आयोजन में राम की पैड़ी, नया घाट और सरयू नदी के सभी प्रमुख तटों पर एक नया विश्व रिकॉर्ड कायम किया गया। विश्वविद्यालय के स्वयंसेवकों, साधु-संतों, श्रद्धालुओं और आम नागरिकों के सहयोग से 25 लाख से अधिक मिट्टी के दीयों (माटी के दीपकों) को एक साथ प्रज्वलित किया गया, जिसे देखने के लिए देश-विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे। लेजर शो, रामलीला का मंचन और हेलीकॉप्टर से राम-सीता के स्वरूपों पर हुई पुष्प वर्षा ने पूरे माहौल को त्रेता युग की अनुभूति से सराबोर कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपोत्सव के इस आयोजन ने न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था और कुम्हारों (प्रजापति समाज) को आर्थिक मजबूती दी है, बल्कि अयोध्या को दुनिया के नक्शे पर आध्यात्मिक पर्यटन (Spiritual Tourism) का सबसे बड़ा केंद्र बना दिया है, जिससे हर साल करोड़ों रुपये का व्यापार और रोजगार स्थानीय युवाओं के लिए पैदा हो रहा है।