'विकसित उत्तर प्रदेश' की पहचान बनी अयोध्या, सीएम योगी ने पिछली सरकारों पर कसा तंज

'विकसित उत्तर प्रदेश' की पहचान बनी अयोध्या, सीएम योगी ने पिछली सरकारों पर कसा तंज

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या धाम के कायाकल्प और राज्य के समग्र विकास मॉडल को रेखांकित करते हुए एक बार फिर पिछली सरकारों की नीतियों पर जोरदार हमला बोला है। अयोध्या में आयोजित एक भव्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि एक समय था जब भगवान श्री राम की यह पावन नगरी प्रशासनिक उपेक्षा, बदहाल सड़कों, जर्जर बिजली व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं के घोर अभाव से जूझ रही थी। पिछली सरकारों की संकीर्ण मानसिकता और तुष्टिकरण की राजनीति के कारण अयोध्या के ऐतिहासिक और धार्मिक गौरव को पूरी तरह से हाशिए पर धकेल दिया गया था। लेकिन बीते कुछ वर्षों में राज्य सरकार के अनवरत प्रयासों, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के बल पर आज वही अयोध्या 'विकसित उत्तर प्रदेश' और 'विकसित भारत' के एक सबसे मजबूत और चमकदार प्रतीक के रूप में पूरी दुनिया के सामने स्थापित हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि अयोध्या की यह नई तस्वीर केवल उत्तर प्रदेश का कायाकल्प नहीं दर्शाती, बल्कि यह देश के हर नागरिक के स्वाभिमान और आस्था के सम्मान की पुनर्स्थापना है।

जर्जर इंफ्रास्ट्रक्चर से फोर-लेन गलियारों तक: सीएम योगी ने बताया कि कैसे बदली रामनगरी की प्रशासनिक और जमीनी हकीकत

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में अयोध्या के ऐतिहासिक बदलाव का ब्योरा देते हुए कहा कि 2017 से पहले अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को टूटी सड़कों, धूल-मिट्टी, लचर कानून-व्यवस्था और अंधेरे में डूबे घाटों का सामना करना पड़ता था। संतों और स्थानीय नागरिकों की सुध लेने वाला कोई नहीं था। हालांकि, समर्पित डबल-इंजन सरकार की दूरदर्शी नीतियों के तहत आज अयोध्या में भक्ति पथ, राम पथ और धर्म पथ जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के चौड़े और अत्याधुनिक फोर-लेन गलियारों का निर्माण पूरा हो चुका है। सरयू नदी के तटों का सौंदर्यकरण, भूमिगत केबलिंग नेटवर्क, 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति और विश्वस्तरीय स्वच्छता मॉडल ने अयोध्या के जनजीवन को पूरी तरह से बदल दिया है। सीएम योगी ने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग पहले अयोध्या का नाम लेने से भी कतराते थे और इसे विकास के नक्शे से मिटाना चाहते थे, आज वे भी अयोध्या की चमचमाती सड़कों, महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और नए रेलवे स्टेशन को देखकर हैरान हैं।

'विकास और विरासत का अनोखा संगम': रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिल रही है अभूतपूर्व ऊंचाई

सीएम योगी ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य केवल धार्मिक स्थलों का जीर्णोद्धार करना नहीं है, बल्कि 'विकास और विरासत' के इस अद्भुत संगम के जरिए प्रदेश के युवाओं और व्यापारियों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। आज अयोध्या में प्रतिदिन लाखों की संख्या में देश और दुनिया से पर्यटक और श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जिससे स्थानीय होटल उद्योग, ट्रांसपोर्ट, हस्तशिल्प, टूरिज्म गाइड और खान-पान के कारोबार में कई गुना की वृद्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री के अनुसार, अयोध्या का यह आर्थिक मॉडल आज पूरे उत्तर प्रदेश के लिए एक मिसाल बन चुका है कि किस प्रकार सांस्कृतिक गौरव को अर्थव्यवस्था की नई ताकत बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अयोध्या का यह अभूतपूर्व रूपांतरण राज्य के 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के संकल्प को पूरा करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

पिछली सरकारों की तुष्टिकरण नीति पर तीखा प्रहार: 'जिन्होंने अयोध्या को पहचान संकट में डाला, जनता ने उन्हें नकार दिया'

संबोधन के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ का राजनीतिक प्रहार बेहद आक्रामक और सीधा रहा। उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने अपने वोट बैंक को साधने के लिए अयोध्या को दशकों तक उपेक्षा और पहचान के संकट (Identity Crisis) में ढकेल रखा था। रामभक्तों पर अत्याचार किए गए और अयोध्या की पावन भूमि को केवल राजनीतिक नफा-नुकसान की कसौटी पर तौला गया। सीएम योगी ने कहा कि आज प्रदेश की जनता ने उस विभाजनकारी और विकास विरोधी सोच को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उत्तर प्रदेश अब दंगे, माफियाराज और जर्जर व्यवस्था के दौर से निकलकर सुरक्षा, सुशासन और तेज रफ्तार विकास की राह पर अग्रसर है। उन्होंने दोहराया कि अयोध्या में चल रहे हजारों करोड़ रुपये के विकास प्रोजेक्ट्स न केवल शहर की भव्यता को बढ़ा रहे हैं, बल्कि नए भारत के निर्माण का नया अध्याय लिख रहे हैं।