विराट कोहली ने 80वां वनडे अर्धशतक ठोक रचा नया इतिहास: सचिन तेंदुलकर के महा-रिकॉर्ड को ध्वस्त कर बनाए 7 विश्व कीर्तिमान

विराट कोहली ने 80वां वनडे अर्धशतक ठोक रचा नया इतिहास: सचिन तेंदुलकर के महा-रिकॉर्ड को ध्वस्त कर बनाए 7 विश्व कीर्तिमान

ऑकलैंड: विश्व क्रिकेट में जब भी रिकॉर्ड बुक के पन्नों को दोबारा लिखने की बात आती है, तो आधुनिक क्रिकेट के सबसे बड़े बल्लेबाज विराट कोहली का बल्ला सबसे आगे नजर आता है। न्यूजीलैंड के खिलाफ ऑकलैंड के ईडन पार्क में खेले गए पहले एकदिवसीय मुकाबले में 'किंग कोहली' ने एक बार फिर अपनी मास्टरक्लास बल्लेबाजी का ऐसा बेमिसाल मुजाहिरा पेश किया, जिसे क्रिकेट इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा। कीवी गेंदबाजों के खिलाफ दबाव भरे हालात में क्रीज पर उतरकर कोहली ने न केवल 51 गेंदों में 74 रनों की तूफानी पारी खेली, बल्कि अपने वनडे अंतरराष्ट्रीय करियर का 80वां अर्धशतक भी पूरा किया। इस एक ऐतिहासिक पारी के दम पर विराट कोहली ने क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर के वर्षों पुराने वर्ल्ड रिकॉर्ड को चकनाचूर कर दिया और एक ही झटके में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के 7 अद्भुत कीर्तिमान अपने नाम दर्ज कर लिए। पूरे ऑकलैंड के मैदान पर मौजूद हजारों भारतीय प्रशंसकों ने खड़े होकर इस महान बल्लेबाज की इस उपलब्धि का तालियों की गड़गड़ाहट के साथ अभिवादन किया।

1. सचिन तेंदुलकर का रन चेज रिकॉर्ड ध्वस्त: चेज मास्टर बने दुनिया के नंबर-1

विराट कोहली की इस पारी का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक आकर्षण एकदिवसीय क्रिकेट में लक्ष्य का पीछा करते हुए सबसे ज्यादा रन बनाने का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम करना रहा। इससे पहले यह सर्वकालिक महान रिकॉर्ड मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के नाम दर्ज था, जिन्होंने अपने पूरे करियर के दौरान दूसरी पारी में बल्लेबाजी करते हुए 232 पारियों में कुल 8,720 रन बनाए थे। ऑकलैंड के मैदान पर उतरने से पहले कोहली को सचिन के इस शिखर को छूने के लिए महज 54 रनों की आवश्यकता थी। मैदान पर आते ही कोहली ने बिना किसी दबाव के अपनी क्लासिकल टाइमिंग और गैप ढूंढने की कला का प्रदर्शन किया और 55वां रन पूरा करते ही सचिन को पीछे छोड़ दिया। कोहली अब वनडे रन चेज में 8,741 से अधिक रन बनाकर दुनिया के शीर्ष बल्लेबाज बन चुके हैं। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि कोहली ने सचिन के इस जादुई आंकड़े को मात्र 170 पारियों में पार कर लिया, जो उनकी असाधारण निरंतरता और चेज मास्टर की उपाधि को पूरी दुनिया में निर्विवाद रूप से प्रमाणित करता है।

2. नंबर-3 बल्लेबाजी क्रम पर 13,000 रन पूरे करने वाले विश्व के इकलौते बल्लेबाज

कोहली ने अपने इस 80वें अर्धशतक के दौरान नंबर-3 की बेहद चुनौतीपूर्ण और निर्णायक पोजीशन पर खेलते हुए 13,000 रन का जादुई आंकड़ा भी पार कर लिया। एकदिवसीय क्रिकेट के पूरे इतिहास में किसी एक निश्चित बैटिंग ऑर्डर पर 13,000 से अधिक रन बनाने का कीर्तिमान इससे पहले केवल सचिन तेंदुलकर ने बतौर ओपनर (13,685 रन) बनाया था। नंबर-3 पर खेलते हुए कोहली ने 61 से अधिक की अविश्वसनीय औसत के साथ 13,062 रन बना लिए हैं। इस सूची में दूसरे पायदान पर ऑस्ट्रेलिया के पूर्व विश्व विजेता कप्तान रिकी पोंटिंग हैं, जिन्होंने नंबर-3 पर 12,662 रन बनाए थे। श्रीलंका के कुमार संगकारा 9,747 रनों के साथ तीसरे और दक्षिण अफ्रीका के जैक्स कैलिस 7,774 रनों के साथ चौथे स्थान पर हैं। कोहली ने न केवल पोंटिंग के इस ऐतिहासिक आंकड़े को पीछे छोड़ा, बल्कि दुनिया के किसी भी अन्य बल्लेबाज से कहीं तेज गति से यह मुकाम हासिल कर नंबर-3 की गद्दी पर अपनी बादशाहत हमेशा के लिए कायम कर दी।

3. विदेशी सरजमीं पर 50 बार 'पचासा' जड़ने वाले पहले विदेशी खिलाड़ी

विराट कोहली की इस पारी ने उन्हें विपक्षी टीमों के घरेलू मैदानों (विदेशी सरजमीं) पर सबसे कामयाब बल्लेबाज के रूप में स्थापित कर दिया है। ऑकलैंड में अर्धशतक पूरा करते ही कोहली विदेशी धरती पर 50 या उससे अधिक रन (शतक और अर्धशतक मिलाकर) बनाने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बन गए। यह कारनामा उन्होंने विदेशी पिचों पर 50वीं बार कर दिखाया है, जिसमें उनके 21 विदेशी शतक और 29 अर्धशतक शामिल हैं। इस मामले में उन्होंने श्रीलंका के महान विकेटकीपर बल्लेबाज कुमार संगकारा के 45 बार के रिकॉर्ड को काफी पीछे छोड़ दिया है। अक्सर एशियाई उपमहाद्वीप के बल्लेबाजों पर विदेशी उछाल भरी पिचों पर संघर्ष करने के आरोप लगते रहे हैं, लेकिन कोहली ने ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड की तेज पिचों पर लगातार 50+ स्कोर बनाकर साबित किया है कि परिस्थितियां चाहे कोई भी हों, उनकी तकनीक दुनिया के किसी भी कोने में बेजोड़ है।

4. सेना (SENA) देशों के खिलाफ सबसे ज्यादा 50+ स्कोर का नया कीर्तिमान

क्रिकेट जगत में दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया को सामूहिक रूप से 'सेना' (SENA) देश कहा जाता है, जहां की उछाल, स्विंग और सीम दुनिया के किसी भी बल्लेबाज की असली परीक्षा लेती है। इस मुकाबले में 74 रनों की पारी खेलकर कोहली ने SENA देशों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार 50 से अधिक रन बनाने का सचिन तेंदुलकर का महारिकॉर्ड भी तोड़ दिया। सचिन तेंदुलकर ने अपने पूरे करियर में सेना देशों के खिलाफ सभी फॉर्मेट मिलाकर 133 बार 50 प्लस का स्कोर बनाया था। कोहली ने न्यूजीलैंड के खिलाफ यह पारी खेलकर 134वीं बार यह उपलब्धि हासिल की और इस विशिष्ट सूची में दुनिया के नंबर-1 बल्लेबाज बन गए। वेस्टइंडीज के दिग्गज ब्रायन लारा 100 ऐसे स्कोर्स के साथ तीसरे स्थान पर हैं, जबकि रिकी पोंटिंग और कुमार संगकारा भी इस आंकड़े के करीब नहीं पहुंच सके हैं।

5. वनडे में 80वां अर्धशतक जड़कर विशिष्ट क्लब में दर्ज कराया नाम

न्यूजीलैंड के खिलाफ यह पारी विराट कोहली के वनडे करियर का 80वां अर्धशतक थी। एकदिवसीय क्रिकेट में 50 शतकों का अद्वितीय वर्ल्ड रिकॉर्ड पहले से ही अपने नाम रखने वाले कोहली अब 80 अर्धशतक लगाने वाले दुनिया के चुनिंदा दिग्गजों की जमात में शामिल हो गए हैं। वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा अर्धशतक बनाने का रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर (96 अर्धशतक) के नाम है, जिसके बाद कुमार संगकारा (93), जैक्स कैलिस (86) और रिकी पोंटिंग (82) आते हैं। कोहली अब 80 अर्धशतकों के साथ पोंटिंग और कैलिस के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। 50 शतक और 80 अर्धशतकों को जोड़ दिया जाए, तो कोहली वनडे में 130 बार 50 से अधिक रन बनाने वाले दुनिया के दूसरे बल्लेबाज बन चुके हैं और सचिन (145 बार) के बाद इस मील के पत्थर तक पहुंचने वाले एकमात्र सक्रिय खिलाड़ी हैं।

6. सफल रन चेज में 80 से अधिक की औसत रखने वाले दुनिया के इकलौते योद्धा

इस 80वें अर्धशतक के साथ ही विराट कोहली ने सफल रन चेज (जब टीम मैच जीतती है) में अपनी बल्लेबाजी औसत को एक बार फिर 88 के अविश्वसनीय स्तर पर पहुंचा दिया है। दुनिया के किसी भी अन्य बल्लेबाज ने 5,000 से अधिक चेज रन बनाते हुए 60 से ऊपर की औसत भी बरकरार नहीं रखी है, लेकिन कोहली ने लगातार दूसरी पारी में नाबाद रहते हुए या मैच जिताकर लौटने की परंपरा को कायम रखा है। ऑकलैंड में जब भारतीय टीम ने शून्य पर रोहित शर्मा का विकेट गंवा दिया था, तब कोहली ने काउंटर-अटैक करते हुए मात्र 35 गेंदों में अपना अर्धशतक ठोक डाला, जो विदेशी पिचों पर उनके करियर का दूसरा सबसे तेज पचासा भी साबित हुआ। दबाव के क्षणों में उनकी यह पारी टीम को सुरक्षित किनारे तक ले गई और उन्होंने साबित कर दिया कि जब तक वह क्रीज पर हैं, कोई भी लक्ष्य नामुमकिन नहीं है।

7. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे तेज गति से 27,500 रन पूरे करने की दहलीज

ऑकलैंड में 74 रनों की इस आतिशी पारी के साथ ही विराट कोहली अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के तीनों प्रारूपों (टेस्ट, वनडे और टी20) को मिलाकर सबसे तेज गति से 27,500 अंतरराष्ट्रीय रन पूरे करने के ऐतिहासिक मुकाम पर पहुंच गए हैं। उन्होंने इस जादुई आंकड़े को छूने के लिए सचिन तेंदुलकर और ब्रायन लारा से भी कम पारियां खेली हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में वह अब सचिन तेंदुलकर और कुमार संगकारा के बाद दुनिया में तीसरे स्थान पर मजबूती से काबिज हैं। मैदान पर कोहली की इस ऐतिहासिक पारी ने न केवल भारतीय ड्रेसिंग रूम को नई ऊर्जा से भर दिया है, बल्कि कप्तान शुभमन गिल और मुख्य कोच गौतम गंभीर की 2027 वनडे विश्व कप की रणनीतियों को भी सबसे बड़ा आधार प्रदान किया है। 38 साल की उम्र के करीब पहुंचकर भी जिस तरह की फिटनेस, भूख और आक्रामकता कोहली के खेल में दिखाई दे रही है, उससे साफ जाहिर है कि भारतीय क्रिकेट का यह लीजेंड आने वाले दिनों में कई और ऐतिहासिक कीर्तिमानों को अपने नाम करने वाला है।