पुलिस स्मृति दिवस पर CM योगी का बड़ा तोहफा: यूपी पुलिस के वर्दी, बाइक और मोबाइल भत्तों में भारी बढ़ोतरी

पुलिस स्मृति दिवस पर CM योगी का बड़ा तोहफा: यूपी पुलिस के वर्दी, बाइक और मोबाइल भत्तों में भारी बढ़ोतरी

उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और पुलिसकर्मियों का मनोबल ऊंचा रखने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 21 अक्टूबर को लखनऊ स्थित रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित राज्यस्तरीय 'पुलिस स्मृति दिवस' समारोह के मंच से तीन महत्वपूर्ण कल्याणकारी घोषणाएं की हैं। प्रदेश के कर्तव्य पथ पर अपने प्राण न्योछावर करने वाले अमर शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार पुलिस बल के दैनिक संचालन, गश्त और संचार को सुगम बनाने के लिए वर्दी, मोटरसाइकिल और मोबाइल सिम भत्तों में उल्लेखनीय वृद्धि कर रही है। इस घोषणा के बाद प्रांतीय पुलिस सेवा (PPS) के अधिकारियों से लेकर फील्ड ड्यूटी में तैनात दारोगा, इंस्पेक्टर, हेड कांस्टेबल और सिपाहियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

पीपीएस अधिकारियों के वर्दी भत्ते में 134% का भारी इजाफा

मुख्यमंत्री की ओर से की गई पहली बड़ी घोषणा प्रांतीय पुलिस सेवा (PPS) संवर्ग के पुलिस अधिकारियों के यूनिफॉर्म भत्ते से जुड़ी है। राज्य सरकार ने पीपीएस संवर्ग के अधिकारियों को प्रत्येक पांच वर्ष की अवधि में दिए जाने वाले वर्दी भत्ते को ₹6,400 से बढ़ाकर सीधे ₹15,000 करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इस भत्ते में ₹8,600 की एकमुश्त बढ़ोतरी की गई है, जो कि 134 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्शाती है। सरकार का मानना है कि फील्ड और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर पुलिस अधिकारियों की औपचारिक कार्यशैली, गरिमा और उच्च गुणवत्ता वाली यूनिफॉर्म के रखरखाव के लिए यह वित्तीय सहायता बेहद जरूरी थी।

फील्ड ड्यूटी में तैनात दारोगा और इंस्पेक्टरों का मोटरसाइकिल भत्ता ₹1,000 हुआ

दूसरी प्रमुख घोषणा अपराध नियंत्रण और मैदानी गश्त में चौबीसों घंटे तैनात रहने वाले पुलिसकर्मियों के लिए की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि फील्ड ड्यूटी में तैनात उपनिरीक्षक (सब-इंस्पेक्टर) और निरीक्षक (इंस्पेक्टर) स्तर के अधिकारियों को मिलने वाले मोटरसाइकिल भत्ते को ₹700 प्रतिमाह से बढ़ाकर अब ₹1,000 प्रतिमाह कर दिया गया है। पात्र अधिकारियों को अब हर महीने ₹300 की अतिरिक्त राहत मिलेगी, जिससे वे अपने गश्ती वाहनों के ईंधन और नियमित रखरखाव के बढ़ते खर्चों का आसानी से वहन कर सकेंगे। उल्लेखनीय है कि योगी सरकार ने इससे पहले पुलिसकर्मियों को मिलने वाले पुराने ₹200 के साइकिल भत्ते को समाप्त कर मोटरसाइकिल भत्ता शुरू किया था, जिसमें अब फिर से बढ़ोतरी कर दी गई है।

सिपाहियों और मुख्य आरक्षियों के मोबाइल सिम भत्ते में ₹500 की बढ़ोतरी

डिजिटल पुलिसिंग और तेज संचार व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने तीसरी घोषणा पुलिस के सबसे अहम मैदानी अंग यानी आरक्षियों (कॉन्स्टेबल) और मुख्य आरक्षियों (हेड कॉन्स्टेबल) के लिए की। इन कर्मियों को मिलने वाले आधिकारिक मोबाइल/सिम भत्ते को ₹2,000 से बढ़ाकर ₹2,500 कर दिया गया है। पुलिसिंग में सूचनाओं के तुरंत आदान-प्रदान, डिजिटल साक्ष्य संकलन, अपराध स्थलों की लोकेशन शेयरिंग और वायरलेस व मोबाइल नेटवर्क के जरिए चौबीसों घंटे संवाद बनाए रखने में यह बढ़ी हुई राशि मैदानी जवानों की जेब पर पड़ने वाले व्यक्तिगत खर्च को काफी हद तक कम करेगी।

पुलिस आधुनिकीकरण और कल्याण: 2 लाख भर्तियां और 45 हजार महिला कर्मी

अपने संबोधन में सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश पुलिस में हजारों पद खाली पड़े थे और संसाधनों का भारी अभाव था। वर्तमान सरकार ने बीते वर्षों में बिना किसी भेदभाव और पूरी शुचिता के साथ 2 लाख से अधिक पुलिसकर्मियों की पारदर्शी भर्तियां संपन्न कराई हैं। महिला सुरक्षा को मजबूती देने के लिए यूपी पुलिस में महिला कर्मियों की संख्या को 10 हजार से सीधे बढ़ाकर 45 हजार के पार पहुंचाया गया है। इसके साथ ही जवानों की आवासीय व्यवस्था, सीएपीएफ स्तर की अत्याधुनिक ट्रेनिंग, थानों के आधुनिकीकरण और ₹5 लाख तक के कैशलेस हेल्थ कार्ड की सुविधा देकर पुलिसकर्मियों के परिवारों को भी सामाजिक सुरक्षा दी गई है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि जब सुरक्षा बल सुरक्षित, साधन-संपन्न और तनावमुक्त होंगे, तभी प्रदेश में कानून का राज और नागरिकों की सुरक्षा पूरी दृढ़ता से कायम रह सकेगी।