UP वोटर लिस्ट में भारी गड़बड़ी का आरोप: अखिलेश यादव बोले- 'PDA प्रहरी फर्जी वोटरों को रोकें'
उत्तर प्रदेश की राजनीति में आगामी विधानसभा चुनावों और विधान परिषद की 11 सीटों पर होने वाले मतदान से ठीक पहले मतदाता सूची को लेकर एक नया सियासी घमासान छिड़ गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी एसआईआर (SIR) के बाद जारी मतदाता सूची में गंभीर विसंगतियों का आरोप लगाया है। सपा प्रमुख का कहना है कि वोटर लिस्ट की शुद्धिकरण प्रक्रिया के बाद गड़बड़ियां कम होने के बजाय और अधिक बढ़ गई हैं। पार्टी ने बस्ती जिले की चार प्रमुख विधानसभा सीटों पर एक ही मतदाता के कई-कई बार नाम दर्ज होने और पीलीभीत में वोटर आईडी कार्ड के ईपीआईसी (EPIC) नंबर की ऑनलाइन जांच में किसी अन्य मतदाता का विवरण खुलकर सामने आने जैसे गंभीर मामलों को उजागर किया है। अखिलेश यादव ने अपने बूथ कार्यकर्ताओं और पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) प्रहरियों को हाई अलर्ट पर रहने का सीधा निर्देश दिया है।
बस्ती की 4 विधानसभा सीटों पर डुप्लीकेट वोटरों की भरमार, एक ही नाम 5 बार दर्ज
समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने निर्वाचन आयोग को सौंपे गए विस्तृत ज्ञापन में दस्तावेजों के साथ दावा किया है कि बस्ती जिले की बस्ती सदर, हर्रैया, रुधौली और महादेवा विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर डुप्लीकेट प्रविष्टियां की गई हैं। पार्टी द्वारा जुटाए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार बस्ती सदर विधानसभा सीट पर आशीष कुमार जायसवाल और अशोक कुमार तिवारी के नाम वोटर लिस्ट में दो-दो बार अलग-अलग पन्नों पर दर्ज पाए गए हैं। हर्रैया विधानसभा क्षेत्र में सूरज निषाद और मोहम्मद ईदू के नाम तीन-तीन बार दर्ज मिले हैं। सबसे ज्यादा चौंकाने वाला मामला रुधौली विधानसभा क्षेत्र में सामने आया है, जहां संजू नामक मतदाता का नाम एक ही सूची में पांच बार और उमा देवी का नाम तीन बार शामिल किया गया है। सपा का सीधा आरोप है कि कई संवेदनशील मामलों में तो मतदाता का नाम और चेहरा एक ही है, लेकिन उसके नाम के आगे अलग-अलग फर्जी ईपीआईसी नंबर जारी कर दिए गए हैं, जो चुनावी पारदर्शिता पर गहरा संदेह पैदा करता है।
पीलीभीत में EPIC नंबर डालते ही खुला दूसरे व्यक्ति का रिकॉर्ड, 2027 चुनाव प्रभावित होने की आशंका
मतदाता पहचान पत्र प्रणाली में ऑनलाइन स्तर पर हो रही तकनीकी धांधली का उल्लेख करते हुए समाजवादी पार्टी ने पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र का सनसनीखेज मामला चुनाव आयोग के समक्ष रखा है। सपा द्वारा दिए गए ज्ञापन में पुख्ता साक्ष्य देते हुए बताया गया कि पीलीभीत सदर के बूथ संख्या 409 पर दर्ज मतदाता आशिक अली के वोटर आईडी (EPIC) नंबर को जब चुनाव आयोग के आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल पर सर्च किया गया, तो स्क्रीन पर आशिक अली की जगह खलील खां का नाम और पता प्रदर्शित होने लगा। पार्टी नेताओं ने गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि अगर इस प्रकार की डिजिटल और जमीनी विसंगतियों को समय रहते पूरी तरह दुरुस्त नहीं किया गया, तो वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा आम चुनाव में लाखों वास्तविक और पात्र मतदाताओं को अपने लोकतांत्रिक मताधिकार से वंचित होना पड़ेगा, जबकि फर्जी मतदाताओं के जरिए परिणामों को प्रभावित करने का रास्ता खुल जाएगा।
विधान परिषद चुनाव में प्रशासनिक दबाव का आरोप, बलिया और कौशांबी के अफसरों पर सपा का वार
मतदाता सूची की खामियों के साथ-साथ समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश विधान परिषद (MLC) की 11 सीटों पर हो रहे चुनाव को लेकर भी राज्य की प्रशासनिक मशीनरी पर तीखा हमला बोला है। सपा प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) को एक विस्तृत शिकायती पत्र सौंपा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में मतदान कराने के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों पर अनुचित दबाव बनाया जा रहा है। ज्ञापन के अनुसार कौशांबी जिले में जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी (एसडीएम) के माध्यम से स्थानीय पुलिस प्रशासन का दुरुपयोग करके ग्राम प्रधानों, स्नातक मतदाताओं और शिक्षक मतदाताओं को भाजपा उम्मीदवारों के समर्थन में मतदान करने के लिए डराया-धमकाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त पार्टी ने बलिया के जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) द्वारा 21 अक्टूबर को अचानक बुलाई गई विद्यालय प्रबंधकों की आपात बैठक पर भी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। सपा का कहना है कि 23 अक्टूबर को मतदान होना है और आचार संहिता लागू रहने के दौरान मतदान से महज 48 घंटे पहले शिक्षकों के प्रमाणपत्रों के सत्यापन का बहाना बनाकर बैठक बुलाना निर्वाचन आयोग के निष्पक्षता संबंधी दिशा-निर्देशों का खुला उल्लंघन है।
24 अक्टूबर को अलर्ट मोड पर रहें PDA प्रहरी: अखिलेश यादव का कार्यकर्ताओं को स्पष्ट फरमान
मतदाता पुनरीक्षण अभियान के दौरान जमीनी स्तर पर मतदाताओं की सहायता करने वाले पीडीए प्रहरियों की भूमिका की सराहना करते हुए अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया और पार्टी मंच से स्पष्ट आह्वान किया है। सपा अध्यक्ष ने कहा कि आगामी 24 अक्टूबर को भी सभी पीडीए प्रहरी अपने-अपने पोलिंग बूथों पर पूरी मजबूती और मुस्तैदी के साथ डटे रहें। अखिलेश यादव ने पार्टी के सभी सांसदों, विधायकों, पूर्व जन प्रतिनिधियों और समर्पित कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे गांव-गांव और मोहल्ले-मोहल्ले जाकर मतदाता सूचियों के एक-एक पन्ने की बारीकी से जांच करें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी स्थिति में किसी फर्जी, बाहरी या अपात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में जुड़ने न दिया जाए और जो वास्तविक पात्र नागरिक हैं, उनके नाम सूची में शामिल कराने में पूरी कानूनी मदद की जाए ताकि लोकतंत्र की बुनियाद को कमजोर होने से बचाया जा सके।