मोबाइल, बिजली मिस्त्री समेत 14 ट्रेड के युवाओं को 10 लाख तक ब्याज मुक्त लोन: कैबिनेट मंजूरी के बाद योजना पर काम शुरू
स्वरोजगार को बढ़ावा देने, सूक्ष्म व लघु उद्यमों की रीढ़ मजबूत करने और स्थानीय हुनरमंद कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार ने एक ऐतिहासिक आर्थिक पहल को धरातल पर उतार दिया है। कैबिनेट की हालिया बैठक में औपचारिक मुहर लगने के बाद अब 14 विशिष्ट तकनीकी और पारंपरिक ट्रेडों से जुड़े कारीगरों, तकनीशियनों और छोटे उद्यमियों के लिए 10 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण (Interest-Free Loan) उपलब्ध कराने की योजना पर प्रशासनिक स्तर पर काम तेज हो गया है। इस योजना का सीधा लाभ मोबाइल रिपेयरिंग टेक्नीशियन, इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर, कारपेंटर और मोटर मैकेनिक जैसे जमीनी स्तर पर सेवाएं देने वाले युवाओं को मिलेगा। बैंक ब्याज का पूरा वित्तीय बोझ सरकार स्वयं वहन करेगी, जिससे युवाओं पर वित्तीय दबाव नहीं पड़ेगा और वे अपने छोटे कारोबार को आधुनिक टूल्स व उपकरणों के साथ बड़े स्तर पर स्थापित कर सकेंगे।
इन 14 प्रमुख ट्रेडों को किया गया शामिल: युवाओं के लिए खुलेंगे नए रास्ते
योजना के तहत उन सभी तकनीकी और दैनिक जीवन से जुड़े ट्रेडों को प्राथमिकता दी गई है, जिनकी बाजार में भारी मांग है लेकिन पूंजी के अभाव में युवा आधुनिक वर्कशॉप या सर्विस सेंटर नहीं खोल पाते हैं। चयनित 14 प्रमुख ट्रेडों में शामिल हैं:
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मोबाइल व गैजेट्स रिपेयरिंग टेक्निशियन
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इलेक्ट्रीशियन एवं घरेलू विद्युत उपकरण मिस्त्री
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प्लंबर एवं पाइप-फिटिंग कारीगर
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ऑटोमोबाइल मैकेनिक (दोपहिया व चारपहिया वाहन सर्विसिंग)
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कारपेंटर एवं मॉडर्न फर्नीचर निर्माता
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वेल्डर एवं फैब्रिकेशन वर्कर
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रेफ्रिजरेशन व एसी (HVAC) मैकेनिक
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टेलरिंग, फैशन एवं गारमेंट डिजाइनिंग
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सोलर पैनल इंस्टॉलेशन एवं मेंटेनेंस टेक्निशियन
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ब्यूटीशियन, सैलून एवं पर्सनल केयर एक्सपर्ट
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आईटी एवं कंप्यूटर हार्डवेयर-नेटवर्किंग टेक्नीशियन
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पेंटर एवं होम डेकोरेशन आर्टिसन
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राजमिस्त्री एवं आधुनिक कंस्ट्रक्शन टाइल-मार्बल फिटर
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हैंडीक्राफ्ट, मिट्टी व पारंपरिक धातु शिल्पी
क्या हैं योजना की मुख्य विशेषताएं और वित्तीय ढांचा?
संबंधित विभाग द्वारा तैयार की गई कार्ययोजना के अनुसार, इस योजना को पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल प्रक्रिया के तहत लागू किया जाएगा ताकि लाभार्थियों को सरकारी दफ्तरों या बैंकों के चक्कर न काटने पड़ें:
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10 लाख रुपये तक की सीमा: आवेदक अपनी कार्ययोजना (प्रोजेक्ट रिपोर्ट) के आधार पर 50 हजार रुपये से लेकर अधिकतम 10 लाख रुपये तक के ऋण के लिए आवेदन कर सकेंगे।
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शत-प्रतिशत ब्याज सब्सिडी: लिए गए कर्ज पर जो भी सामान्य बैंक ब्याज दर लागू होगी, उसकी पूरी राशि सरकार द्वारा सीधे बैंक को अनुदान (इंटरेस्ट सबवेंशन) के रूप में दी जाएगी। लाभार्थी को केवल मूलधन (Principal Amount) आसान मासिक किस्तों (EMIs) में चुकाना होगा।
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बिना किसी कोलैटरल/गारंटी के ऋण: छोटे कारीगरों के पास बंधक रखने के लिए जमीन या संपत्ति नहीं होती, इसलिए इस योजना को क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट के तहत कवर किया जाएगा, जिससे बिना किसी संपत्ति गिरवी रखे लोन स्वीकृत हो सकेगा।
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लोन चुकाने की लचीली अवधि: लाभार्थियों को कारोबार शुरू कर कमाने के लिए शुरुआती मोराटोरियम अवधि (छूट अवधि) के साथ 3 से 5 वर्ष तक का पुनर्भुगतान समय दिया जाएगा।
आवेदन के लिए क्या होंगी पात्रता की शर्तें?
योजना का लाभ केवल वास्तविक और प्रशिक्षित हुनरमंद युवाओं तक पहुंचाने के लिए कुछ आवश्यक मानक तय किए गए हैं:
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आयु सीमा: आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
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प्रशिक्षण व प्रमाणपत्र: संबंधित ट्रेड में आईटीआई (ITI), पॉलिटेक्निक डिप्लोमा, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY), राज्य कौशल विकास मिशन (SDM) का प्रमाण पत्र होना चाहिए अथवा पारंपरिक कारीगरों के पास संबंधित काम का न्यूनतम 3 वर्ष का प्रमाणित जमीनी अनुभव होना अनिवार्य है।
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आधार व बैंक लिंकेज: आवेदक का बैंक खाता आधार से लिंक होना चाहिए और सिबिल/क्रेडिट स्कोर पहले से किसी बड़े डिफॉल्ट में खराब नहीं होना चाहिए।
पोर्टल पर होगा ऑनलाइन आवेदन, बैंकों को तय समय में निपटारे के निर्देश
कैबिनेट की स्वीकृति मिलने के बाद अब उद्योग एवं एमएसएमई (MSME) विभाग नोडल एजेंसी के रूप में अन्य सरकारी व वाणिज्यिक बैंकों के साथ मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार कर रहा है। इसके लिए एक एकीकृत सिंगल-विंडो डिजिटल पोर्टल विकसित किया जा रहा है, जहां युवा घर बैठे अपने मोबाइल से आवेदन फॉर्म, प्रोजेक्ट कॉस्ट और आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर सकेंगे।
अधिकारियों के मुताबिक, बैंकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि दस्तावेजों के भौतिक सत्यापन के 15 दिनों के भीतर लोन राशि सीधे लाभार्थी के खाते में ट्रांसफर की जाए। यह योजना न केवल लाखों युवाओं को नौकरी मांगने वाले के बजाय रोजगार देने वाला (Job Creator) बनाएगी, बल्कि कस्बों और ग्रामीण बाजारों में आधुनिक तकनीकी सेवाओं का एक मजबूत नेटवर्क भी खड़ा करेगी।