Yogi Adityanath on Akhilesh Yadav PDA: 'PDA में P का मतलब पहले पिछड़ा, फिर पंडित और एक दिन पाकिस्तान भी होगा'; अखिलेश यादव पर बरसे सीएम योगी
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह 'बाबूजी' की पुण्यतिथि के अवसर पर लखनऊ के इकाना स्टेडियम में आयोजित 'हिन्दू गौरव दिवस' कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी (SP) के मुखिया अखिलेश यादव और उनके बहुचर्चित 'PDA' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले पर जोरदार हमला बोला। मुख्यमंत्री ने सपा के राजनीतिक रुख पर तंज कसते हुए कहा कि विपक्षी दल अवसरवादिता की राजनीति कर रहे हैं और गिरगिट की तरह रंग बदल रहे हैं। उन्होंने कहा कि सपा ने अपने राजनीतिक फायदे के लिए 'PDA' में 'P' की परिभाषा को लगातार बदला है—पहले इसे 'पिछड़ा' बताया, फिर अपनी सुविधानुसार 'पंडित' कर दिया और जिस तरह की उनकी नीतियां हैं, एक दिन वे 'P' का मतलब 'पाकिस्तान' भी कर देंगे।
'गिरगिट की तरह बदलते हैं परिभाषा' - सीएम योगी का प्रहार
सभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का अंतर है।
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सुविधानुसार बदलती परिभाषा: मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज को जातियों में बांटकर वोट बैंक की राजनीति करने वाले लोग कभी किसी वर्ग के सच्चे हितैषी नहीं हो सकते। 'PDA' का नारा सिर्फ सत्ता पाने का एक चुनावी मुखौटा है।
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महापुरुषों के अपमान का आरोप: सीएम योगी ने इतिहास का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि सपा शासनकाल में कन्नौज में बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाम पर बने मेडिकल कॉलेज से उनका नाम हटा दिया गया था, जिसे भाजपा सरकार ने दोबारा बहाल किया। इसी तरह मैनपुरी में लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के नाम को मिटाने का काम भी सपा सरकार के दौर में हुआ था।
कल्याण सिंह के प्रति सपा के रवैये पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय कल्याण सिंह के निधन के समय सपा के शीर्ष नेतृत्व द्वारा बरती गई बेरुखी को लेकर भी अखिलेश यादव को घेरा।
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शिष्टाचार न निभाने का आरोप: सीएम योगी ने कहा कि जब बाबूजी का निधन हुआ था, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने व्यस्त कार्यक्रम छोड़कर श्रद्धांजलि देने आए थे। बसपा प्रमुख मायावती ने भी अपने मतभेदों से ऊपर उठकर उन्हें श्रद्धांजलि दी और दायित्व निभाया।
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जातीय द्वेष की राजनीति: योगी ने कहा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव के मन में इतना द्वेष था कि उन्होंने प्रत्यक्ष जाकर श्रद्धांजलि देना तो दूर, संवेदना के दो शब्द भी नहीं कहे, जो हर उस विचारधारा और समाज का अपमान था जो कल्याण सिंह के आदर्शों में विश्वास रखता है।
आस्था और रामभक्ति के लिए सत्ता का त्याग
कल्याण सिंह के योगदान को नमन करते हुए सीएम योगी ने कहा कि बाबूजी ने सत्ता की परवाह किए बिना रामभक्तों पर गोली चलाने से इनकार कर दिया था और अपने मूल्यों व सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया। उन्होंने कहा कि जो दल आज राष्ट्रवाद और सामाजिक न्याय का दिखावा करते हैं, वे तुष्टिकरण की राजनीति के चलते देश और समाज के सांस्कृतिक मूल्यों को कमजोर करने का प्रयास करते रहे हैं।