क्या एलन मस्क ने बोला झूठ? यूक्रेन में स्टारलिंक की स्पीड घटाने पर मचा अंतरराष्ट्रीय बवाल
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध में संचार और रक्षा की रीढ़ माने जाने वाले स्पेसएक्स (SpaceX) के सैटेलाइट इंटरनेट नेटवर्क 'स्टारलिंक' (Starlink) को लेकर एक नया वैश्विक भूचाल आ गया है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की और यूक्रेनी सेना के अधिकारियों ने सार्वजनिक रूप से सनसनीखेज खुलासा किया कि यूक्रेन में स्टारलिंक और मिलिट्री-ग्रेड 'स्टारशील्ड' (Starshield) की स्पीड को तकनीकी रूप से घटा (Throttle) दिया गया है।
इस गुप्त पाबंदी का नतीजा यह हुआ कि 160 किलोमीटर प्रति घंटा (करीब 100 मील/घंटा) से अधिक गति से उड़ने वाले यूक्रेनी इंटरसेप्टर ड्रोन अचानक सैटेलाइट सिग्नल खोने लगे। इसके चलते यूक्रेन की सेना रूस की ओर से दागे जा रहे जेट-संचालित 'शाहेद' (Shahed) आत्मघाती ड्रोनों को हवा में मार गिराने में नाकाम रही। यूक्रेनी सेना के अनुसार, बिना किसी पूर्व चेतावनी के लागू किए गए इस प्रतिबंध ने देश के कई सैन्य और हवाई रक्षा अभियानों को बीच में ही रद्द करने पर मजबूर कर दिया।
एलन मस्क का पुराना बयान: 'स्पीड पर फैसला केवल अमेरिकी सेना और राष्ट्रपति करते हैं'
इस पूरे विवाद में सबसे बड़ा सवाल एलन मस्क की विश्वसनीयता और उनके पुराने बयानों को लेकर उठ रहा है। जब यूक्रेन में स्टारलिंक की सेवा बाधित होने को लेकर सवाल उठे थे, तब एलन मस्क ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट दावा किया था कि स्टारलिंक या स्टारशील्ड की स्पीड और इस्तेमाल पर किसी भी तरह की पाबंदी लगाने का अधिकार केवल अमेरिकी सेना (पेंटागन) और अंततः संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति (POTUS) के पास है।
मस्क के इस दावे से यह संदेश गया था कि किसी भी रणनीतिक प्रतिबंध के पीछे सीधे तौर पर व्हाइट हाउस या अमेरिकी रक्षा विभाग की आधिकारिक नीति जिम्मेदार है, न कि स्पेसएक्स या उनका कोई निजी फैसला।
वॉल स्ट्रीट जर्नल का विस्फोटक खुलासा: मस्क ने खुद दिए थे स्पीड घटाने के आदेश
अब प्रतिष्ठित अमेरिकी अखबार 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' (WSJ) की ताजा खोजी रिपोर्ट ने मस्क के दावों की पोल खोल दी है। रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेन में स्टारलिंक की स्पीड घटाने और हाई-स्पीड ड्रोनों के कनेक्शन को काटने का आदेश किसी सरकारी संस्था ने नहीं, बल्कि स्वयं एलन मस्क ने व्यक्तिगत रूप से जारी किया था।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि इस फैसले से ठीक पहले और इसके सार्वजनिक होने के तुरंत बाद एलन मस्क और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर सीधी बातचीत हुई थी। दूसरी ओर, अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ और विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया है कि पेंटागन या व्हाइट हाउस ने यूक्रेन की स्टारलिंक पहुंच को प्रतिबंधित करने का कोई सरकारी आदेश जारी नहीं किया था। अमेरिकी अधिकारियों के इस इनकार के बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या मस्क ने अमेरिकी सरकार के नाम की आड़ लेकर दुनिया से सच छिपाया था?
ट्रंप की नाराजगी और रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमले की टाइमिंग
इस गतिरोध के पीछे के कूटनीतिक कारणों की पड़ताल करें तो इसकी टाइमिंग बेहद अहम मानी जा रही है। हाल के हफ्तों में यूक्रेनी ड्रोनों ने रूस के भीतर गहराई तक जाकर कई प्रमुख तेल रिफाइनरियों और ईंधन डिपो को निशाना बनाया था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सार्वजनिक मंचों पर जेलेंस्की के इस कदम पर नाराजगी जताते हुए चेतावनी दी थी कि यूक्रेन को रूसी डीजल सुविधाओं पर हमले तुरंत बंद करने चाहिए, ताकि युद्ध और अधिक न भड़के।
ट्रंप प्रशासन शांति वार्ता की मेज पर आने के लिए यूक्रेन पर लगातार दबाव बना रहा है। सामरिक जानकारों का मानना है कि ट्रंप और मस्क के बीच बनी सहमति के बाद यूक्रेन की आक्रामक ड्रोन क्षमताओं पर लगाम लगाने के मकसद से ही स्टारलिंक की कनेक्टिविटी पर यह तकनीकी 'स्पीड लिमिट' थोपी गई थी।
निजी हाथों में युद्ध का रिमोट कंट्रोल: यूरोप और नाटो में क्यों मची खलबली?
इस घटनाक्रम ने केवल यूक्रेन ही नहीं, बल्कि समूचे पश्चिमी देशों और नाटो सहयोगियों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। एक निजी कंपनी के मालिक और एक टेक अरबपति का किसी संप्रभु देश की सुरक्षा व सैन्य अभियानों को अपनी उंगलियों के इशारे पर चालू या बंद कर पाना वैश्विक सुरक्षा तंत्र के लिए बड़ा खतरा माना जा रहा है।
यूरोपीय देशों में अब इस बात पर तीखी बहस शुरू हो गई है कि क्या अमेरिकी टेक दिग्गजों पर सैन्य और संचार निर्भरता उनकी अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा को बंधक बना सकती है। जेलेंस्की जहां एक ओर वाशिंगटन से स्टारशील्ड की पूरी क्षमता बहाल करने की गुहार लगा रहे हैं, वहीं यूक्रेनी सेना अब आपातकालीन बैकअप संचार और यूरोपीय सैटेलाइट विकल्पों की तलाश में जुट गई है ताकि भविष्य में किसी एक व्यक्ति की मर्जी पर युद्ध की तकदीर निर्भर न रहे।