बिजली, इंटरनेट और डेटा सेंटर... यूक्रेन पर रूस का रातभर भीषण मिसाइल-ड्रोन अटैक

बिजली, इंटरनेट और डेटा सेंटर... यूक्रेन पर रूस का रातभर भीषण मिसाइल-ड्रोन अटैक

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध ने सर्दियों की आहट से पहले एक बार फिर बेहद खतरनाक और आक्रामक रूप ले लिया है। रूसी सेना ने राजधानी कीव सहित यूक्रेन के कई प्रमुख शहरों पर रातभर क्रूज मिसाइलों, बैलिस्टिक मिसाइलों और ईरानी मूल के 'शाहिद' कामिकेज ड्रोनों की जबरदस्त बारिश की है। इस भीषण हवाई हमले के निशाने पर केवल रिहायशी या सैन्य ठिकाने नहीं थे, बल्कि रूस ने सुनियोजित तरीके से यूक्रेन की लाइफलाइन कहे जाने वाले बुनियादी ढांचे—विशेष रूप से पावर ग्रिड, बिजली सबस्टेशनों, इंटरनेट एक्सचेंज पॉइंट्स और डेटा सेंटर्स—को निशाना बनाया है। इस बड़े हमले के बाद राजधानी कीव समेत कई इलाकों में आपातकालीन ब्लैकआउट (इमरजेंसी बिजली कटौती) लागू कर दी गई है।

रूस के रडार पर क्या-क्या रहा? बिजली से लेकर इंटरनेट तक सब ठप करने की चाल

रूसी रक्षा मंत्रालय और यूक्रेनी अधिकारियों की ओर से सामने आई जानकारी के मुताबिक, इस संयुक्त मिसाइल-ड्रोन हमले के जरिए यूक्रेन की डिजिटल और ऊर्जा व्यवस्था को पंगु बनाने का प्रयास किया गया:

  • हाइड्रोइलेक्ट्रिक और थर्मल पावर प्लांट: रूसी मिसाइलों ने यूक्रेन के प्रमुख थर्मल पावर प्लांट्स और जलविद्युत उत्पादन इकाइयों (Hydroelectric Plants) को निशाना बनाया, जिससे बिजली उत्पादन तंत्र को गहरा आघात पहुंचा है।

  • हाई-वोल्टेज सबस्टेशन और ग्रिड: ऊर्जा आपूर्ति को नियंत्रित करने वाले प्रमुख ट्रांसमिशन सबस्टेशनों पर सटीक वार किए गए, जिसके चलते राज्य ग्रिड ऑपरेटर 'यूक्रेनेर्गो' को सिस्टम को ध्वस्त होने से बचाने के लिए आपात बिजली कटौती का सहारा लेना पड़ा।

  • इंटरनेट एक्सचेंज और डेटा सेंटर: हमले का एक मुख्य केंद्र कीव में स्थित एक प्रमुख डेटा सेंटर और मुख्य इंटरनेट एक्सचेंज पॉइंट रहा। रूसी दावों के अनुसार, इस डेटा सेंटर का उपयोग मोबाइल इंटरनेट सेवाओं और यूक्रेन के सैन्य संचार का आधार माने जाने वाले 'स्टारलिंक' (Starlink) सैटेलाइट नेटवर्क के बैकअप के रूप में किया जा रहा था। इस पर हमले से कई इलाकों में दूरसंचार और डिजिटल सेवाएं बाधित हुईं।

  • ऊर्जा भंडारण और डिपो: ईंधन व ऊर्जा भंडारण सुविधाओं (Energy Storage Facilities) को भी निशाना बनाया गया, ताकि आपातकालीन जनरेटरों के संचालन को भी सीमित किया जा सके।

सर्दियों से पहले यूक्रेन को अंधेरे और ठंड में धकेलने की रणनीति

विमानन और युद्ध विश्लेषकों का मानना है कि रूस की यह कार्रवाई यूक्रेन के खिलाफ आगामी कड़ाके की सर्दियों से पहले 'वेपनाइज्ड विंटर' (Weaponised Winter) की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। जब तापमान माइनस में चला जाएगा, तब हीटिंग और बिजली की कमी यूक्रेनी नागरिकों और सेना दोनों के मनोबल को तोड़ने का काम कर सकती है। यूक्रेनी ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि यह हमला पिछले हीटिंग सीजन के खत्म होने के बाद से अब तक का सबसे बड़ा संयुक्त ऊर्जा हमला है।

एयर डिफेंस पर बढ़ा दबाव, यूक्रेनी अधिकारियों ने पश्चिमी देशों से लगाई गुहार

कीव के अधिकारियों के अनुसार, रूसी हमलों में आवासीय इमारतों और दफ्तरों को भी भारी नुकसान पहुंचा है, जिसमें कई नागरिकों के हताहत होने की पुष्टि हुई है। यूक्रेनी वायु रक्षा प्रणाली ने कई मिसाइलों और ड्रोनों को मार गिराने का दावा किया, लेकिन एक साथ दर्जनों दिशाओं से किए गए हमलों (Swarm Attacks) ने एयर डिफेंस शील्ड को भेद दिया।

यूक्रेनी राष्ट्रपति कार्यालय ने इस हमले के बाद एक बार फिर अमेरिका और यूरोपीय सहयोगी देशों से अतिरिक्त पैट्रियट मिसाइल प्रणालियों और आधुनिक एयर डिफेंस इंटरसेप्टर की तत्काल आपूर्ति की मांग दोहराई है, ताकि ऊर्जा अवसंरचना को सर्दियों से पहले पूरी तरह तबाह होने से बचाया जा सके।