405 रन का पहाड़ जैसा स्कोर बनाकर भी हारा वेस्टइंडीज, गेंदबाजी कोच का फूटा गुस्सा; गेंदबाजों को लगाई कड़ी फटकार
क्रिकेट के मैदान पर जब कोई टीम स्कोरबोर्ड पर 400 से अधिक रनों का विशाल एवरेस्ट खड़ा कर दे, तो अमूमन जीत की गारंटी तय मानी जाती है। लेकिन वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जब अनुशासन और लाइन-लेंथ का अभाव हो, तो कोई भी बड़ा स्कोर सुरक्षित नहीं रहता। पहली पारी में बल्लेबाजों द्वारा 405 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा करने के बावजूद कैरेबियाई टीम को करारी और शर्मनाक हार का मुंह देखना पड़ा। मैच हाथ से फिसलने के बाद वेस्टइंडीज के गेंदबाजी कोच का सब्र का बांध टूट गया और उन्होंने पोस्ट-मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने गेंदबाजों की कड़ी क्लास लगाते हुए उन्हें जमकर खरी-खोटी सुनाई।
बल्लेबाजों ने दिखाया दम, लेकिन गेंदबाजों ने डुबो दी लुटिया
मुकाबले में वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने शानदार जज्बा दिखाया था। शीर्ष और मध्यक्रम के शतकीय व अर्धशतकीय योगदान के बूते कैरेबियाई टीम ने पहली पारी में 405 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया था। इस विशाल स्कोर के बाद उम्मीद की जा रही थी कि गेंदबाज विपक्षी टीम पर शिकंजा कसेंगे।
लेकिन मैदान पर उतरते ही कैरेबियाई गेंदबाजों ने अनुशासनहीनता की सारी हदें पार कर दीं। दिशाहीन गेंदबाजी, शॉर्ट पिच गेंदों की भरमार और ओवरस्टेपिंग के चलते विपक्षी बल्लेबाजों को खुलकर हाथ खोलने का मौका मिला। विपक्षी टीम ने इस साधारण गेंदबाजी की धज्जियां उड़ाते हुए न केवल बढ़त हासिल की, बल्कि चौथी पारी में मिले लक्ष्य को भी आसानी से हासिल कर वेस्टइंडीज को एक अप्रत्याशित हार थमा दी।
'400 रन बनाने के बाद ऐसी गेंदबाजी बर्दाश्त नहीं': भड़के गेंदबाजी कोच
मैच खत्म होने के बाद पत्रकारों से मुखातिब हुए वेस्टइंडीज के गेंदबाजी कोच बेहद तल्ख तेवरों में नजर आए। उन्होंने किसी भी खिलाड़ी का बचाव करने से साफ इनकार कर दिया और इसे टीम की गेंदबाजी यूनिट की सामूहिक विफलता करार दिया।
गेंदबाजी कोच ने दो टूक कहा, "जब आपके बल्लेबाज बोर्ड पर 405 रन टांगते हैं, तो एक गेंदबाजी कोच के तौर पर आप उनसे मैच जीतने या कम से कम कड़ा मुकाबला करने की उम्मीद करते हैं। लेकिन हमारे गेंदबाजों ने बुनियादी अनुशासन का भी पालन नहीं किया। हमने बहुत अधिक बाउंड्री गेंदें फेंकीं और विपक्षी बल्लेबाजों पर कोई दबाव नहीं बनाया। टेस्ट या अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आप हर ओवर में दो लूज गेंदें फेंककर जीत की उम्मीद नहीं कर सकते।"
नो-बॉल और एक्स्ट्रा रनों पर कोच ने जताई गहरी नाराजगी
कोच ने विशेष रूप से तेज गेंदबाजों द्वारा फेंकी गई नो-बॉल और दिए गए अतिरिक्त रनों (Extras) पर नाराजगी जताई।
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गैर-जिम्मेदाराना ओवरस्टेपिंग: कोच ने कहा कि आधुनिक क्रिकेट में नो-बॉल फेंकना एक अपराध जैसा है। जब आप बार-बार क्रीज से आगे पैर निकालते हैं, तो यह सीधे तौर पर एकाग्रता की कमी को दर्शाता है।
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रणनीति पर अमल करने में नाकामी: टीम मीटिंग में जो योजनाएं और फील्ड सेटिंग तय की गई थीं, मैदान पर गेंदबाजों ने उसके बिल्कुल उलट गेंदबाजी की।
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विकेट लेने के बजाय रन लुटाए: जब साझेदारियां तोड़ने के लिए धैर्य और मेडन ओवर्स की जरूरत थी, तब गेंदबाजों ने शॉर्ट और लेग-स्टंप पर गेंदें डालकर विरोधी बल्लेबाजों का काम बेहद आसान कर दिया।
आने वाले मैचों के लिए कड़े बदलाव के संकेत
कोच ने स्पष्ट कर दिया कि इस तरह की गैर-जिम्मेदाराना गेंदबाजी को ड्रेसिंग रूम में हल्के में नहीं लिया जाएगा। उन्होंने संकेत दिए कि अगर मुख्य गेंदबाज अपनी लाइन-लेंथ और फिटनेस पर गंभीरता से काम नहीं करते हैं, तो आगामी सीरीज में टीम प्रबंधन नए और युवा विकल्पों को मौका देने से नहीं हिचकिचाएगा। 405 रन बनाकर मिली यह हार वेस्टइंडीज क्रिकेट के इतिहास के उन पन्नों में दर्ज हो गई है, जिसे कोई भी कैरेबियाई प्रशंसक याद नहीं रखना चाहेगा।