57 एकड़ की हवेली और 5 हजार करोड़ के याट के मालिक सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान बंकर में रहने को मजबूर

57 एकड़ की हवेली और 5 हजार करोड़ के याट के मालिक सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान बंकर में रहने को मजबूर

पश्चिम एशिया में बढ़ते रणनीतिक तनाव और यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा लगातार तेज किए जा रहे मिसाइल व ड्रोन हमलों ने सऊदी अरब के शाही घराने की नींद उड़ा दी है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थान 'वॉल स्ट्रीट जर्नल' की ताजा खोजी रिपोर्ट के अनुसार सऊदी अरब के सबसे ताकतवर शख्स और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) इन दिनों भारी सुरक्षा घेरे वाले अत्याधुनिक अंडरग्राउंड बंकर वाले महल में रहने को मजबूर हो गए हैं। यमन के विद्रोही गुटों द्वारा राजधानी रियाद सहित सऊदी अरब के कई अहम ठिकानों, तेल शोधक संयंत्रों और सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाए जाने के बढ़ते खतरों के बीच प्रिंस सलमान की सुरक्षा को उच्चतम स्तर यानी रेड अलर्ट पर रखा गया है। इस अप्रत्याशित सुरक्षा संकट ने एक बार फिर सऊदी क्राउन प्रिंस की उस बेहिसाब दौलत, अकल्पनीय विलासिता और ऐशो-आराम से भरी जिंदगी को वैश्विक सुर्खियों में ला दिया है, जिसमें दुनिया का सबसे महंगा निजी महल, अरबों का सुपरयाट और फोन से नियंत्रित होने वाले महल शामिल हैं।

आधे घंटे में पसंद आया 5472 करोड़ का सुपरयाट 'सेरेन': दोगुने दाम देकर खरीदी थी लग्जरी

सऊदी क्राउन प्रिंस की बेपनाह दौलत का सबसे चर्चित उदाहरण उनका सुपरयाट 'सेरेन' (Serene) है, जिसे दुनिया के सबसे आलीशान और महंगे निजी जहाजों में गिना जाता है। वर्ष 2015 में जब मोहम्मद बिन सलमान दक्षिणी फ्रांस के तटीय इलाके में छुट्टियां बिताने गए थे, तब उनकी नजर समुद्र में तैरते इस विशालकाय और वैभवशाली सुपरयाट पर पड़ी। बताया जाता है कि प्रिंस सलमान को पहली ही नजर में यह याट इतना भा गया कि वे इसके मालिक से मिलने पहुंच गए। उन्होंने इस याट पर महज आधा घंटा बिताया और उसके फौरन बाद इसे खरीदने का मन बना लिया। उन्होंने इसके तत्कालीन मालिक को ऐसी पेशकश दी जिसे ठुकराना नामुमकिन था और लगभग दोगुने दाम यानी 5,472 करोड़ रुपये की भारी-भरकम रकम चुकाकर उसी दिन इसका सौदा तय कर लिया। करीब 439 फीट लंबे इस सुपरयाट में दो निजी हेलीपैड, एक इनडोर स्विमिंग पूल, स्नो रूम, सिनेमाघर और समुद्र की गहराइयों को निहारने के लिए एक बेहद अनोखा अंडरवाटर व्यूइंग रूम बना हुआ है, जहां बैठकर कांच की दीवारों से समुद्री जीवों को देखा जा सकता है।

फ्रांस के वर्साय में 2848 करोड़ की हवेली: शैटॉ लुई XIV बना दुनिया का सबसे महंगा आशियाना

सुपरयाट के अलावा प्रिंस सलमान का पेरिस के पास वर्साय में स्थित 'शैटॉ लुई XIV' (Château Louis XIV) नामक निजी महल भी वास्तुशिल्प और ऐशो-आराम का अद्वितीय नमूना है। 57 एकड़ के विशाल भूभाग में फैले इस ऐतिहासिक दिखने वाले महल को प्रिंस ने साल 2015 में करीब 2,848 करोड़ रुपये में खरीदा था, जिसने उस वक्त दुनिया के सबसे महंगे निजी आवास का वैश्विक रिकॉर्ड बनाया था। बाहर से देखने पर यह महल 17वीं सदी के फ्रांस के क्लासिकल महलों जैसा दिखाई देता है, परंतु अंदर से यह अत्याधुनिक और फ्यूचरिस्टिक तकनीक से लैस है। इस हवेली के बेसमेंट में एक पारदर्शी एक्वेरियम चैंबर बनाया गया है, जिसके चारों तरफ पानी भरा हुआ है और सोफे पर बैठकर सिर के ऊपर तैरती रंग-बिरंगी मछलियां और स्टिंगरे साफ देखी जा सकती हैं। इसके अलावा महल में एक भव्य प्राइवेट मूवी थिएटर, वाइन सेलर, इनडोर व आउटडोर स्विमिंग पूल, स्क्वैश कोर्ट और संगमरमर की नक्काशीदार सीढ़ियां मौजूद हैं। इस विशाल महल के फाउंटेन, साउंड सिस्टम, म्यूटेड लाइटिंग और एयर कंडीशनिंग सिस्टम को दुनिया के किसी भी कोने से आईफोन के जरिए एक क्लिक पर नियंत्रित किया जा सकता है।

नियोम और लाल सागर के तट पर 10 हेलीपैड वाला शाही महल: हूती ड्रोन के निशाने पर रियाद

सऊदी अरब के भीतर क्राउन प्रिंस ने अपने ड्रीम प्रोजेक्ट 'नियोम' (NEOM) और लाल सागर के सुरम्य तट पर भी कई विशाल और सुरक्षित शाही महल तैयार करवाए हैं। लाल सागर के किनारे बने इस निजी शाही परिसर में एक निजी समुद्र तट (प्राइवेट बीच), दर्जनों एकड़ में फैले विदेशी फूलों के बगीचे, विश्वस्तरीय गोल्फ कोर्स और वीआईपी मेहमानों तथा सुरक्षा काफिले के हेलिकॉप्टरों को एक साथ उतारने के लिए 10 अलग-अलग हेलीपैड बनाए गए हैं। इसके बावजूद, यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा आधुनिक हथियारों, बैलिस्टिक मिसाइलों और लंबी दूरी के आत्मघाती ड्रोनों के लगातार किए जा रहे हमलों ने इन खुले और विशाल महलों की सुरक्षा पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। यही कारण है कि सुरक्षा एजेंसियों की सख्त सलाह के बाद मोहम्मद बिन सलमान को इन खुले लक्जरी रिसॉर्ट्स को छोड़कर राजधानी रियाद के नीचे गहराई में बने हाई-टेक एंटी-मिसाइल बंकरों वाले सुरक्षित शाही महल में स्थानांतरित होना पड़ा है, जहां चारों तरफ उन्नत मिसाइल डिफेंस शील्ड का पहरा लगा हुआ है।