छोटी बचत योजनाओं पर सरकार का बड़ा फैसला: PPF, NSC और सुकन्या की ब्याज दरों का ऐलान, जानिए क्या बदला?

छोटी बचत योजनाओं पर सरकार का बड़ा फैसला: PPF, NSC और सुकन्या की ब्याज दरों का ऐलान, जानिए क्या बदला?

देश के करोड़ों मध्यमवर्गीय परिवारों, नौकरीपेशा लोगों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय ने छोटी बचत योजनाओं (Small Savings Schemes) को लेकर अपनी बहुप्रतीक्षित तिमाही समीक्षा के बाद बड़ा ऐलान कर दिया है। वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग (DEA) द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, चालू वित्त वर्ष 2026-27 की तीसरी तिमाही यानी 1 अक्टूबर 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक के लिए सभी प्रमुख डाकघर और लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों को पूरी तरह अपरिवर्तित (Unchanged) रखने का फैसला किया गया है।

लंबे समय से यह उम्मीद जताई जा रही थी कि बढ़ती महंगाई और सरकारी बॉन्ड यील्ड्स के आधार पर पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) की दरों में इजाफा देखने को मिल सकता है, लेकिन सरकार ने त्योहारी सीजन की शुरुआत से ठीक पहले स्थिरता बनाए रखने का विकल्प चुना है। इसका मतलब यह है कि निवेशकों को जुलाई-सितंबर तिमाही की तरह ही अक्टूबर से दिसंबर के दौरान भी अपनी बचत पर पहले जैसा ही तय और सुरक्षित रिटर्न मिलता रहेगा।

पीपीएफ, सुकन्या और सीनियर सिटीजन स्कीम में क्या मिलेगा ब्याज?

सरकार द्वारा जारी नई ब्याज दर तालिका के अनुसार, बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने वाली सबसे लोकप्रिय योजना 'सुकन्या समृद्धि योजना' (SSY) और बुजुर्गों के लिए चलाई जा रही 'सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम' (SCSS) पर 8.2 प्रतिशत की उच्चतम ब्याज दर मिलना जारी रहेगा। वहीं, आम करदाताओं की सबसे पसंदीदा कर-मुक्त योजना यानी पीपीएफ (PPF) पर पिछले कई वर्षों की तरह इस बार भी 7.1 प्रतिशत की दर से ही ब्याज दिया जाएगा।

डाकघर की अन्य प्रमुख बचत योजनाओं की वर्तमान ब्याज दरें इस प्रकार तय की गई हैं:

  • सुकन्या समृद्धि योजना (SSY): 8.2% प्रति वर्ष

  • सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS): 8.2% प्रति वर्ष

  • राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र (NSC): 7.7% प्रति वर्ष

  • किसान विकास पत्र (KVP): 7.5% प्रति वर्ष (115 महीनों में परिपक्वता)

  • पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF): 7.1% प्रति वर्ष

  • डाकघर मासिक आय योजना (POMIS): 7.4% प्रति वर्ष

  • 5 वर्षीय डाकघर टाइम डिपॉजिट (TD): 7.5% प्रति वर्ष

  • 3 वर्षीय डाकघर टाइम डिपॉजिट (TD): 7.1% प्रति वर्ष

  • 2 वर्षीय डाकघर टाइम डिपॉजिट (TD): 7.0% प्रति वर्ष

  • 1 वर्षीय डाकघर टाइम डिपॉजिट (TD): 6.9% प्रति वर्ष

  • 5 वर्षीय रिकरिंग डिपॉजिट (RD): 6.7% प्रति वर्ष

  • डाकघर बचत खाता (Savings Account): 4.0% प्रति वर्ष

क्यों नहीं बदली गईं दरें? जानिए इसके पीछे का गणित

नियमों के तहत, भारत सरकार हर तीन महीने (तिमाही आधार पर) छोटी बचत योजनाओं पर दी जाने वाली ब्याज दरों की गहन समीक्षा करती है। यह दरें मुख्य रूप से रिजर्व बैंक के फॉर्मूले के अनुसार सेकेंडरी मार्केट में सरकारी प्रतिभूतियों (G-Sec Yields) के रिटर्न से जुड़ी होती हैं।

विगत तिमाही के दौरान 10 वर्षीय और 5 वर्षीय सरकारी बॉन्ड यील्ड्स एक सीमित दायरे में बनी रहीं। इसके अलावा, बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की दरों में भी फिलहाल कोई बहुत बड़ा उछाल देखने को नहीं मिला है। सुकन्या समृद्धि और सीनियर सिटीजन जैसी योजनाएं पहले से ही 8 प्रतिशत से अधिक का आकर्षक रिटर्न दे रही हैं। यही वजह है कि वित्त मंत्रालय ने चालू तिमाही में किसी भी तरह की कटौती या बढ़ोतरी न करते हुए दरों को जस का तस रखने का निर्णय लिया।

सुरक्षित और टैक्स-फ्री रिटर्न के लिए अब भी निवेशकों की पहली पसंद

शेयर बाजार में जारी उतार-चढ़ाव और म्यूचुअल फंड के जोखिमों के बीच देश का एक बड़ा वर्ग आज भी अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई को पोस्ट ऑफिस और सरकारी बचत योजनाओं में लगाना पसंद करता है। इन योजनाओं की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इनमें सॉवरेन गारंटी (सरकारी सुरक्षा) होती है, जिससे मूलधन डूबने का जोखिम शून्य रहता है।

इसके साथ ही, पीपीएफ और सुकन्या समृद्धि योजना 'EEE' (Exempt-Exempt-Exempt) श्रेणी में आती हैं, जहां निवेश की गई रकम, उस पर मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाला पूरा फंड पूरी तरह से आयकर मुक्त होता है। एनएससी और टाइम डिपॉजिट जैसी योजनाएं भी पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट का लाभ देती हैं। ऐसे में जो निवेशक बिना किसी जोखिम के गारंटीड और निश्चित रिटर्न चाहते हैं, उनके लिए 1 अक्टूबर से शुरू हो रही नई तिमाही में भी ये योजनाएं सबसे मजबूत विकल्प बनी रहेंगी।