अगले दो महीने में 5 बड़ी रैलियां, राष्ट्रपति से मुलाकात: 'वोट चोरी' और चुनाव आयोग के खिलाफ INDIA गठबंधन का बड़ा ऐलान
देश के सियासी गलियारों में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है। विपक्षी 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन ने चुनावों में कथित 'वोट चोरी' और चुनाव आयोग द्वारा चलाए गए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। बुधवार को विपक्षी गठबंधन के शीर्ष नेताओं की करीब साढ़े तीन घंटे तक चली मैराथन बैठक के बाद गठबंधन ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ चार-स्तरीय राष्ट्रव्यापी आंदोलन का विस्तृत खाका जारी किया।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में हुई इस साझा बैठक में तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, उमर अब्दुल्ला समेत कई दिग्गज नेता प्रत्यक्ष रूप से शामिल हुए, जबकि उद्धव ठाकरे और हेमंत सोरेन जैसे नेता ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। बैठक के बाद नेताओं ने ऐलान किया कि अगले दो महीनों के भीतर देश के अलग-अलग हिस्सों में पांच विशाल संयुक्त रैलियां आयोजित की जाएंगी, विपक्षी सांसद निर्वाचन सदन का घेराव करेंगे और विपक्षी नेता राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलकर पूरे मामले से अवगत कराएंगे।
INDIA गठबंधन का चार-सूत्रीय एक्शन प्लान: जमीन से संसद तक मोर्चा
मल्लिकार्जुन खरगे ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में आंदोलन के चार प्रमुख चरणों की घोषणा की:
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2 से 8 अक्टूबर तक 'लोकतंत्र बचाओ' जिला मार्च: गांधी जयंती (2 अक्टूबर) से शुरू होकर 8 अक्टूबर तक देश के प्रत्येक जिले में जिला मजिस्ट्रेट (DM) कार्यालयों के बाहर 'लोकतंत्र बचाओ' अभियान के तहत धरने और प्रदर्शन किए जाएंगे।
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6 अक्टूबर को चुनाव आयोग दफ्तर तक मार्च: आगामी 6 अक्टूबर को विपक्षी दलों के सभी लोकसभा और राज्यसभा सांसद दिल्ली में एकत्र होकर भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के मुख्यालय तक विरोध मार्च निकालेंगे।
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राष्ट्रपति से मुलाकात: अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में दोनों सदनों के नेता प्रतिपक्ष (मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी) अन्य वरिष्ठ विपक्षी नेताओं के साथ राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगेंगे और 'वोट चोरी' व संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव को लेकर औपचारिक ज्ञापन सौंपेंगे।
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अगले दो महीनों में 5 महारैलियां: पूरे देश में माहौल तैयार करने के लिए अक्टूबर और नवंबर के दौरान गठबंधन 5 बड़ी जनसभाएं करेगा, जिसमें पहली बड़ी रैली 1 नवंबर को राजधानी दिल्ली में प्रस्तावित की गई है। शेष रैलियों के स्थान व तारीख जल्द घोषित होंगे।
'लोकतंत्र किसी एक व्यक्ति से बड़ा है': राहुल गांधी का तीखा हमला
बैठक के बाद नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि भारतीय लोकतंत्र किसी भी व्यक्ति या सरकार से कहीं बड़ा है। उन्होंने कहा:
"यह INDIA गठबंधन के सभी नेताओं की सामूहिक प्रतिबद्धता है कि हम उन लोगों को सजा दिलाएंगे जिन्होंने भारतीय लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश की है। देश की जनता और खासकर युवाओं में यह बात स्पष्ट हो चुकी है कि किस तरह से संस्थाओं का दुरुपयोग कर 'वोट चोरी' का खेल खेला गया है। देश में बदलाव की लहर चल चुकी है।'"
वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर सीधा निशाना साधते हुए उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की और आरोप लगाया कि चुनाव आयोग चुनावी निष्पक्षता बनाए रखने में पूरी तरह विफल रहा है।
चुनाव आयोग के सामने रखीं 6 प्रमुख मांगें
गठबंधन ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए 6 प्रमुख मांगें सार्वजनिक की हैं:
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ईवीएम की जगह बैलेट पेपर: भविष्य के चुनावों में जनविश्वास बहाल करने के लिए दोबारा मतपत्र (बैलेट पेपर) से मतदान कराया जाए।
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प्री-SIR मतदाता सूची का इस्तेमाल: मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से पहले की सूची को ही बहाल किया जाए।
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13.3 करोड़ नामों की जानकारी सार्वजनिक हो: खरगे ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया के तहत 13.3 करोड़ वोटरों के नाम काटे गए; चुनाव आयोग इसका कारण और सूची सार्वजनिक करे।
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नाम हटाने से पहले नोटिस: किसी भी वैध नागरिक का नाम मतदाता सूची से काटने से पहले विधिवत नोटिस, स्पष्ट कारण और अपील का ठोस अवसर मिले।
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युवाओं के लिए आसान रजिस्ट्रेशन: पहली बार मतदान करने वाले 18 वर्षीय युवाओं के लिए फॉर्म-6 की जटिलताओं को समाप्त कर प्रक्रिया सुगम बनाई जाए।
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सख्त जवाबदेही और सर्वदलीय संवाद: चुनाव आयोग अपनी संस्थागत जवाबदेही तय करे और सभी राजनीतिक दलों को विश्वास में लेकर पारदर्शी व्यवस्था लागू करे।