KEI Industries के शेयर में 11% का जोरदार क्रैश, 9 महीने के निचले स्तर पर भाव; क्या करें निवेशक?

KEI Industries के शेयर में 11% का जोरदार क्रैश, 9 महीने के निचले स्तर पर भाव; क्या करें निवेशक?

केबल और वायर बनाने वाली देश की प्रमुख कंपनी केईआई इंडस्ट्रीज (KEI Industries Ltd) के शेयरों में आज के कारोबारी सत्र के दौरान भारी बिकवाली देखने को मिली। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर कंपनी का शेयर 11 प्रतिशत से अधिक टूटकर ₹3,744.80 के इंट्रा-डे निचले स्तर तक फिसल गया। यह गिरावट स्टॉक को सीधे पिछले 9 महीनों के सबसे निचले स्तर पर ले आई है। बाजार के कमजोर रुख और मेटल व इंफ्रा सेक्टर में बने दबाव के बीच शेयर में अचानक आई इस तेज गिरावट से रिटेल निवेशकों की चिंता बढ़ गई है, जबकि शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स के स्टॉप-लॉस हिट होने से बिकवाली का दायरा और बढ़ गया।

तिमाही नतीजों ने किया निराश: बाजार के अनुमानों से चूका मुनाफा

शेयर में आई इस बड़ी गिरावट की सबसे मुख्य वजह कंपनी द्वारा घोषित सितंबर तिमाही (Q2 FY27) के कमजोर वित्तीय नतीजे रहे। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कंपनी ने ₹262 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जबकि बाजार विश्लेषकों का अनुमान ₹272 करोड़ के मुनाफे का था। हालांकि कंपनी के वायर और केबल सेगमेंट में वॉल्यूम ग्रोथ स्थिर बनी रही, लेकिन कच्चे माल जैसे तांबा (कॉपर) और एल्युमीनियम की बढ़ती लागत तथा परिचालन खर्चों में इजाफे के चलते ऑपरेटिंग मार्जिन पर सीधा असर पड़ा। मुनाफे के मोर्चे पर बाजार के अनुमान से पीछे रह जाने के कारण संस्थागत निवेशकों ने नतीजों के तुरंत बाद प्रॉफिट बुकिंग शुरू कर दी।

वायर और केबल सेक्टर में बढ़ती लागत और मार्जिन का दबाव

चालू वित्त वर्ष के दौरान वैश्विक कमोडिटी बाजारों में उतार-चढ़ाव और मेटल की कीमतों में उछाल ने केबल निर्माताओं के ग्रॉस मार्जिन को प्रभावित किया है। केईआई इंडस्ट्रीज के नतीजों में एक तरफ घरेलू रिटेल और संस्थागत ऑर्डर बुक की मांग बेहतर दिखी, लेकिन दूसरी ओर ईपीसी (EPC) प्रोजेक्ट्स में एग्जीक्यूशन की धीमी गति और बढ़ती इनपुट कॉस्ट ने कुल मार्जिन को दबा दिया। विश्लेषकों का मानना है कि मानसून के प्रभाव और कई प्रोजेक्ट्स में देरी के कारण दूसरी तिमाही आमतौर पर थोड़ा दबाव दिखाती है, लेकिन बाजार ने नतीजों को लेकर आक्रामक नकारात्मक प्रतिक्रिया दी।

ब्रोकरेज हाउसेज का रुख और टेक्निकल सपोर्ट लेवल्स

शेयर में 11% के बड़े फॉल के बाद तकनीकी चार्ट्स पर स्टॉक अपने कई अहम मूविंग एवरेजेस (200-DMA) से नीचे फिसल गया है। तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, ₹3,700 से ₹3,720 का दायरा शेयर के लिए तात्कालिक मजबूत सपोर्ट का काम कर सकता है। यदि यह सपोर्ट स्तर टूटता है, तो शेयर में ₹3,550 तक का और करेक्शन देखने को मिल सकता है। वहीं, ऊपर की ओर ₹3,950 का स्तर अब एक कड़ा रेजिस्टेंस बन गया है। अधिकांश संस्थागत ब्रोकरेज फर्म्स का मानना है कि कंपनी के लॉन्ग-टर्म फंडामेंटल्स मजबूत हैं, लेकिन शॉर्ट टर्म में मार्जिन रिकवरी के स्पष्ट संकेत मिलने तक शेयर में दबाव और कंसॉलिडेशन बना रह सकता है।

मौजूदा और नए निवेशकों के लिए रणनीति: क्या करें और क्या न करें?

जो निवेशक पहले से इस शेयर में बने हुए हैं, उन्हें घबराहट में तुरंत पैनिक सेलिंग करने से बचना चाहिए। कंपनी का डेट-टू-इक्विटी प्रोफाइल मजबूत है और पावर ट्रांसमिशन व रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में बढ़ती केबल मांग से लंबी अवधि की विजिबिलिटी सुरक्षित है। नए निवेशकों के लिए सलाह है कि गिरते हुए शेयर में एक साथ पूरी रकम लगाने के बजाय शेयर के ₹3,700 के आसपास स्थिर होने और बेस बनाने का इंतजार करें। लंबी अवधि के निवेशक चरणबद्ध तरीके से 'बाय ऑन डिप्स' (Buy on Dips) की रणनीति अपना सकते हैं, जबकि शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स को सख्त स्टॉप-लॉस के बिना नई पोजीशन बनाने से बचना चाहिए।