कारगिल स्वायत्त परिषद तत्काल प्रभाव से भंग, 8 साल बाद 21 नवंबर को होंगे पंचायत चुनाव; 8 जिलों में 100 सीटें अधिसूचित

कारगिल स्वायत्त परिषद तत्काल प्रभाव से भंग, 8 साल बाद 21 नवंबर को होंगे पंचायत चुनाव; 8 जिलों में 100 सीटें अधिसूचित

केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के प्रशासनिक ढांचे में एक ऐतिहासिक पुनर्गठन करते हुए उपराज्यपाल प्रशासन ने लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद, कारगिल (LAHDC-Kargil) को तत्काल प्रभाव से भंग (De-constitute) कर दिया है। राजस्व आयुक्त-सचिव द्वारा जारी आदेश के अनुसार, कारगिल जिले के क्षेत्रों को विभाजित कर नए जिलों—द्रास, जांस्कर और संकू के गठन के बाद पूर्व परिषद का मौजूदा स्वरूप कानूनी और संरचनात्मक रूप से अव्यावहारिक हो गया था। इस फैसले से पहले कारगिल परिषद के मुख्य कार्यकारी पार्षद डॉ. मोहम्मद जाफर अखून, तीन कार्यकारी पार्षदों और छह अन्य पार्षदों ने सामूहिक रूप से अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था।

डीसी कारगिल संभालेंगे कमान, प्रशासनिक कार्यों में नहीं आएगी रुकावट

परिषद के विघटन के साथ ही मुख्य कार्यकारी पार्षद, कार्यकारी पार्षदों और सभी मनोनीत व निर्वाचित सदस्यों के अधिकार तत्काल प्रभाव से समाप्त हो गए हैं। केंद्र शासित प्रदेश में किसी भी प्रशासनिक शून्य (Administrative Vacuum) को रोकने और सार्वजनिक सेवाओं को निर्बाध जारी रखने के लिए अंतरिम व्यवस्था की गई है। इसके तहत कारगिल के उपायुक्त-सह-मुख्य कार्यकारी अधिकारी (DC-cum-CEO) को तत्कालीन परिषद की सभी वित्तीय, प्रशासनिक और विकास संबंधी शक्तियां सौंप दी गई हैं। यह व्यवस्था तब तक प्रभावी रहेगी जब तक नए जिलों की स्वायत्त परिषदों का विधिवत गठन नहीं हो जाता।

8 साल बाद पंचायत चुनाव: 21 नवंबर को डाले जाएंगे वोट, आचार संहिता लागू

प्रशासनिक फेरबदल के साथ ही लद्दाख के राज्य निर्वाचन आयोग ने केंद्र शासित प्रदेश के पंचायत हलकों में आम चुनाव के विस्तृत कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। लद्दाख में आखिरी बार पंचायत चुनाव नवंबर 2018 में हुए थे, जिसके बाद अब 8 साल के लंबे अंतराल पर मतदाता अपने प्रतिनिधियों को चुनेंगे:

  • नामांकन की अंतिम तारीख: 2 नवंबर 2026

  • मतदान की तारीख: 21 नवंबर 2026

  • चुनावी प्रक्रिया की समाप्ति: 30 नवंबर 2026

  • आचार संहिता: चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही पूरे केंद्र शासित प्रदेश में आदर्श आचार संहिता (MCC) तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।

लद्दाख में अब 8 जिले, हिल काउंसिल की सीटें 52 से बढ़कर हुईं 100

लद्दाख में पहले केवल दो जिले—लेह और कारगिल थे, जिनमें 26-26 निर्वाचित सीटों वाली दो स्वायत्त परिषदें कार्यरत थीं (कुल 52 निर्वाचित सीटें)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद (संशोधन) विनियमन, 2026 को मंजूरी दिए जाने के बाद अब सभी आठ जिलों में अलग स्वायत्त परिषदें गठित की जा रही हैं। इसके तहत निर्वाचित सीटों की संख्या बढ़ाकर 100 कर दी गई है:

जिला अधिसूचित निर्वाचित सीटें
लेह 22
कारगिल 21
संकू 13
चांगथांग 10
नुब्रा 9
शाम 9
जांस्कर 9
द्रास 7
कुल सीटें 100

जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूती और आगामी वार्ता पर नजर

प्रशासन का कहना है कि पंचायत हलकों और नगर निकायों के वार्डों को आधार बनाकर सीटों का पुनर्निर्धारण किया गया है, जिसमें जनसंख्या और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों दोनों का संतुलन रखा गया है। यह बड़ा बदलाव ऐसे वक्त में सामने आया है जब लद्दाख के स्थानीय प्रतिनिधि और सामाजिक संगठन केंद्र सरकार के साथ स्वायत्तता और संवैधानिक सुरक्षा उपायों पर लगातार चर्चा कर रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंचायत चुनावों की बहाली और सीटों के दोगुने विस्तार से सीमांत और सुदूर इलाकों में स्थानीय शासन और जनभागीदारी को नई मजबूती मिलेगी।