Jio IPO : ₹37,700 करोड़ का मेगा इश्यू, रिटेल निवेशकों और RIL शेयरधारकों को मिलेगा बड़ा मौका

Jio IPO : ₹37,700 करोड़ का मेगा इश्यू, रिटेल निवेशकों और RIL शेयरधारकों को मिलेगा बड़ा मौका

भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में अब तक के सबसे बड़े इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) की डिजिटल और टेलीकॉम शाखा 'जियो प्लेटफॉर्म्स' (Jio Platforms) का मेगा आईपीओ इसी महीने अक्टूबर के अंत तक प्राइमरी मार्केट में लॉन्च हो सकता है। बाजार सूत्रों और ट्रैकिंग पोर्टल्स के अनुसार, कंपनी 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर के बीच पब्लिक इश्यू खोल सकती है, जबकि 28 अक्टूबर के आसपास स्टॉक एक्सचेंजों (BSE और NSE) पर लिस्टिंग की तैयारी की जा रही है।

मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) से हरी झंडी मिलने के बाद अब मर्चेंट बैंकर्स और कंपनी प्रबंधन रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) और प्राइस बैंड को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। यह सार्वजनिक निर्गम देश के पूंजी बाजार में नए रिकॉर्ड स्थापित करने जा रहा है, जिसको लेकर संस्थागत निवेशकों के साथ-साथ रिटेल और छोटे निवेशकों में जबर्दस्त उत्साह देखा जा रहा है।

37,700 करोड़ का फ्रेश इश्यू और $137 बिलियन का संभावित वैल्यूएशन

जियो प्लेटफॉर्म्स के इस मेगा आईपीओ का अनुमानित आकार लगभग ₹37,700 करोड़ होने की संभावना है। इसके तहत कंपनी करीब 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी करने की योजना बना रही है। सबसे खास बात यह है कि यह 100% फ्रेश इश्यू (Fresh Issue) होने का अनुमान है, जिसका अर्थ है कि कंपनी में हिस्सेदारी रखने वाले वैश्विक रणनीतिक निवेशक (जैसे मेटा, गूगल, केकेआर और पीआईएफ) अपनी हिस्सेदारी बेचकर बाहर नहीं निकल रहे हैं।

वैश्विक रोडशो और वैल्यूएशन अनुमानों के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स का बाजार मूल्यांकन लगभग 130 से 137 बिलियन डॉलर (करीब 11 से 11.5 लाख करोड़ रुपये) आंका जा रहा है। इस भारी-भरकम पूंजी का इस्तेमाल 5G नेटवर्क के विस्तार, 6G और एआई-संचालित क्लाउड टेक्नोलॉजी (AI Infrastructure) को मजबूत करने और डेटा सेंटर क्षमता को बढ़ाने में किया जाएगा।

रिटेल निवेशकों और RIL शेयरधारकों के पास क्या होगा खास फायदा?

इस आईपीओ में आम रिटेल निवेशकों के लिए विशेष आकर्षण रहने वाला है:

  • 35% रिटेल कोटा: मुख्य बोर्ड आईपीओ नियमों के तहत कुल निर्गम का 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल व्यक्तिगत निवेशकों (RII) के लिए आरक्षित रखा जाएगा, जिससे छोटे निवेशकों को भारी संख्या में शेयर आवंटित होने की उम्मीद है।

  • RIL शेयरधारकों के लिए स्पेशल रिजर्वेशन: रिलायंस इंडस्ट्रीज के मौजूदा शेयरधारकों के लिए ड्राफ्ट पेपर्स में अलग से शेयरहोल्डर कोटा (Shareholder Quota) का प्रावधान रखा गया है। इसका मतलब है कि जिन निवेशकों के डीमैट खाते में रिकॉर्ड डेट तक RIL के शेयर होंगे, वे सामान्य रिटेल श्रेणी के अलावा शेयरहोल्डर कोटे से भी अतिरिक्त बोली लगा सकेंगे।

  • मजबूत वित्तीय आधार और यूजर बेस: 52 करोड़ से अधिक सक्रिय ग्राहकों और 26 करोड़ से अधिक 5G उपभोक्ताओं के साथ जियो देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी बनी हुई है। हालिया टैरिफ बढ़ोतरी के बाद कंपनी का प्रति यूजर औसत राजस्व (ARPU) बढ़कर ₹214 के पार पहुंच चुका है।

ग्रे मार्केट में हलचल तेज: क्या लिस्टिंग गेन की उम्मीद है?

प्राइमरी मार्केट में तारीखों की अनौपचारिक चर्चा शुरू होते ही गैर-आधिकारिक ग्रे मार्केट (Grey Market) में भी प्रीमियम सक्रिय हो गया है। अनौपचारिक हलकों में जियो के शेयरों पर ₹130 से ₹170 प्रति शेयर तक का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) कोट किया जा रहा है।

हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को केवल ग्रे मार्केट के दावों पर निर्भर रहने के बजाय कंपनी के आधिकारिक आरएचपी, प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) मल्टीपल और भारती एयरटेल जैसी प्रतिस्पर्धी कंपनियों के वैल्यूएशन की तुलना करके ही दीर्घकालिक निवेश का फैसला लेना चाहिए। रिलायंस जियो का यह कदम न केवल भारतीय शेयर बाजार में लिक्विडिटी का नया दौर लाएगा, बल्कि भारत के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन में आम जनता को सीधा हिस्सेदार बनने का सुनहरा अवसर भी देगा।