धनतेरस पर सोना खरीदने का है प्लान, दुकान पर ही इन 5 तरीकों से करें असली और नकली की पहचान, सुनार भी नहीं लगा पाएगा चूना
कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी यानी धनतेरस का पावन पर्व भारतीय परंपरा में सुख, समृद्धि और आरोग्य का प्रतीक माना जाता है। इस शुभ अवसर पर देश भर के सर्राफा बाजारों में सोने और चांदी के आभूषण, सिक्के और लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों को खरीदने के लिए लाखों श्रद्धालुओं और ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार धनतेरस के दिन सोना खरीदना अत्यंत शुभ और भाग्यशाली माना जाता है, जिससे घर में मां लक्ष्मी का स्थायी वास होता है। हालांकि, सोने की आसमान छूती कीमतों और बाजार में बढ़ती मांग का फायदा उठाने के लिए कुछ असामाजिक तत्व और बेईमान व्यापारी असली सोने के नाम पर मिलावटी या नकली आभूषण बेचकर ग्राहकों को चूना लगाने की कोशिश करते हैं। अगर आप भी इस धनतेरस पर अपनी गाढ़ी कमाई से सोने का गहना या सिक्का खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपको सुनार की दुकान पर खड़े-खड़े ही असली और नकली सोने का फर्क पहचानने के 5 सबसे सटीक और आसान तरीकों के बारे में जरूर जान लेना चाहिए। इन घरेलू और वैज्ञानिक जांच के तरीकों को अपनाकर आप ठगी का शिकार होने से पूरी तरह बच सकते हैं और कोई भी दुकानदार आपको धोखा नहीं दे पाएगा।
1. BIS हॉलमार्क और HUID कोड की करें सबसे पहले जांच, सरकारी गारंटी से नहीं होगी कोई ठगी
सोना खरीदते समय सबसे पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम है उस पर अंकित BIS (Bureau of Indian Standards) हॉलमार्क की जांच करना। भारत सरकार के नियमानुसार अब किसी भी सोने के आभूषण या सिक्के पर हॉलमार्किंग होना अनिवार्य कर दिया गया है। असली सोने के आभूषण पर त्रिकोण जैसा बीआईएस का लोगो, सोने की शुद्धता का कैरेट कोड (जैसे 22K के लिए 916, 18K के लिए 750 और 14K के लिए 585) और 6 अंकों का अल्फान्यूमेरिक HUID (Hallmark Unique Identification) कोड दर्ज होता है। आप दुकान पर लगे मैग्निफाइंग ग्लास (आवर्धक लेंस) से इस 6 अंकों के HUID कोड को साफ-साफ देख सकते हैं। इसके अलावा आप अपने मोबाइल फोन में सरकारी 'BIS CARE App' डाउनलोड करके इस 6 अंकों के HUID कोड को दर्ज करके तुरंत यह पता लगा सकते हैं कि वह आभूषण किस सुनार ने बनाया है, उसकी शुद्धता कितनी है और उसकी रजिस्ट्रेशन की स्थिति क्या है। अगर किसी गहने पर हॉलमार्क या HUID कोड नहीं है, तो उसे खरीदने से साफ इनकार कर दें।
2. चुंबक परीक्षण (Magnet Test): दुकान पर ही सेकंडों में करें मिलावटी सोने का पर्दाफाश
सोने की शुद्धता की तुरंत जांच करने का दूसरा बेहद आसान और असरदार तरीका है 'मैग्नेट टेस्ट'। शुद्ध सोना (24K, 22K या 18K) पूरी तरह से गैर-चुंबकीय (Non-Magnetic) धातु होता है, यानी यह किसी भी चुंबकीय क्षेत्र की तरफ आकर्षित नहीं होता। अगर आप धनतेरस पर ज्वैलरी शॉप पर जा रहे हैं, तो अपने साथ एक छोटा लेकिन शक्तिशाली चुंबक (Neodymium Magnet) ले जा सकते हैं। जब आप सोने के गहने या सिक्के के पास चुंबक ले जाएंगे, तो अगर सोना असली है तो वह चुंबक से बिल्कुल भी नहीं चिपकेगा। यदि सोने का आभूषण चुंबक की तरफ थोड़ा सा भी खिंचता है या चिपक जाता है, तो समझ जाइए कि उस गहने में लोहे, निकल या किसी अन्य सस्ती चुंबकीय धातु की भारी मिलावट की गई है। इस साधारण से टेस्ट से आप नकली या पॉलिश किए गए गहनों को तुरंत पकड़ सकते हैं।
3. पानी और घनत्व परीक्षण (Density & Float Test): जानिए कैसे तैरने के बजाय तुरंत डूब जाता है असली सोना
सोने की भौतिक प्रकृति उसकी सघनता और भारी घनत्व पर निर्भर करती है। असली सोना अन्य साधारण धातुओं की तुलना में काफी भारी होता है। आप ज्वेलरी शॉप पर एक पारदर्शी कांच के गिलास में पानी लेकर इस 'फ्लोट टेस्ट' को बड़ी आसानी से कर सकते हैं। जब आप सोने के सिक्के या गहने को पानी से भरे गिलास में डालेंगे, तो असली सोना अपने भारी वजन और उच्च घनत्व के कारण सीधे गिलास की तली में जाकर बैठ जाएगा। इसके विपरीत, यदि वह गहना नकली है, तांबे-पीतल पर सोने का पानी चढ़ाया गया है या उसमें कोई खोखली धातु मिलाई गई है, तो वह पानी में तैरने लगेगा या बहुत धीरे-धीरे नीचे जाएगा। इसके अलावा, असली सोना पानी के संपर्क में आने पर कभी भी काला नहीं पड़ता और न ही उसमें जंग (Rust) लगती है।
4. सिरका परीक्षण (Vinegar Test): रसोई के साधारण सिरके से लगाएं नकली पॉलिश का सुराग
यदि आप सोने की चेन, अंगूठी या सिक्का खरीद रहे हैं और आपको उसकी रंगत या शुद्धता पर थोड़ा भी संदेह हो रहा है, तो आप सिरका परीक्षण का सहारा ले सकते हैं। इस जांच के लिए सोने के गहने पर सिरके (White Vinegar) की दो-तीन बूंदें डालें। यदि सोना असली और शुद्ध है, तो सिरके की बूंदें पड़ने के बाद भी उसके रंग में कोई बदलाव नहीं आएगा और उसकी चमक वैसी की वैसी बनी रहेगी। लेकिन यदि वह गहना नकली है या उस पर केवल सोने का पानी चढ़ाया गया है, तो सिरका डालते ही उस स्थान का रंग तुरंत बदलकर काला, हरा या धुंधला हो जाएगा। यह रासायनिक परीक्षण तांबे, पीतल और जर्मन सिल्वर पर चढ़ाई गई सोने की नकली परतों का पर्दाफाश करने में शत-प्रतिशत सटीक साबित होता है।
5. मेक-अप फाउंडेशन या सिरेमिक प्लेट टेस्ट: सतह पर रगड़कर पहचानें असली और नकली का फर्क
असली सोने की पहचान करने का एक और पारंपरिक और व्यावहारिक तरीका है सिरेमिक प्लेट (Unglazed Ceramic Plate) परीक्षण। इसके लिए सोने के गहने को बिना पॉलिश वाली सफेद सिरेमिक प्लेट पर हल्के हाथों से रगड़ें। अगर रगड़ने के बाद प्लेट पर सोने जैसी ही सुनहरी (Golden) रेखा या निशान बनता है, तो सोना पूरी तरह से असली है। लेकिन अगर प्लेट पर काली, भूरी या ग्रे रंग की रेखा बनती है, तो इसका सीधा मतलब है कि गहने के अंदर कोई दूसरी धातु छुपी हुई है। इसी तरह, त्वचा पर थोड़ा सा मेकअप फाउंडेशन लगाकर उस पर सोने का आभूषण रगड़ने से भी असली सोने की पहचान होती है; असली सोना त्वचा पर कोई काला निशान नहीं छोड़ता।
निष्कर्ष: धनतेरस पर जागरूकता और सतर्कता ही आपको ठगी से बचाने की सबसे बड़ी चाबी है
संक्षेप में कहें तो धनतेरस के इस शुभ अवसर पर सोने की खरीदारी करते समय जल्दबाजी या किसी भी सुनार की मीठी बातों में आने के बजाय अपने अधिकारों और जांच के इन 5 तरीकों के प्रति जागरूक रहना आवश्यक है। हमेशा बीआईएस हॉलमार्क और पक्के बिल (GST Invoice) के साथ ही सोने की खरीदारी करें ताकि आपकी मेहनत की कमाई पूरी तरह सुरक्षित रहे और आपका धनतेरस का त्योहार खुशियों और समृद्धि से भरा रहे।