उस्ताद बिस्मिल्लाह खान के पैतृक घर पर बुलडोजर का दावा कर भाजपा पर बरसे अखिलेश यादव, नगर निगम व परिजनों ने दी सफाई

उस्ताद बिस्मिल्लाह खान के पैतृक घर पर बुलडोजर का दावा कर भाजपा पर बरसे अखिलेश यादव, नगर निगम व परिजनों ने दी सफाई

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने वाराणसी में भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खान के पैतृक आवास को गिराए जाने का दावा करते हुए सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक वीडियो साझा करते हुए अखिलेश यादव ने भाजपा और उसके सहयोगियों को संकीर्ण मानसिकता का करार दिया।

अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए लिखा:

"जिनके लिए शहनाई नहीं बजी, उनसे और क्या उम्मीद करना? भाजपा और उनके संकीर्ण सोच के संगी-साथी 'कला और कलाकारों' के हमेशा खिलाफ रहते हैं, क्योंकि इन पुरातनपंथी-रूढ़िवादियों की यह संकरी मानसिकता होती है कि रचनात्मक लोग ही समाज में परिवर्तन की भूमि और भूमिका बनाते हैं। सकारात्मक कला सहृदयता को जन्म देती है और सहनशीलता को भी। इसीलिए कला के हर रूप को ये अपने एजेंडे के रास्ते में रोड़ा मानते हैं या फिर कला को अपने एजेंडे के लिए इस्तेमाल करके उसको नकारात्मक बना देना चाहते हैं।"

'भारत रत्न की मिलीजुली विरासत को ध्वस्त करना देश का अपमान': सपा प्रमुख का ऐलान

अखिलेश यादव ने आगे कहा कि जिन महान विभूतियों के नाम के आगे 'भारत रत्न' लगा हो, उनकी मिलीजुली और गंगा-जमुनी साझी विरासत को ध्वस्त करना उनके मान-सम्मान के साथ-साथ सीधे तौर पर 'भारत' के मान को चोट पहुंचाने जैसा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नफरत की आग में जलकर देश की सांस्कृतिक धरोहरों को नुकसान पहुंचा रही है।

इसके साथ ही अखिलेश यादव ने बड़ा राजनीतिक वादा करते हुए ऐलान किया कि जब उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार आएगी, तो 'भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खान' जी की सांगीतिक धरोहर को हमेशा के लिए संरक्षित रखने के उद्देश्य से एक भव्य 'श्रवण-संग्रहालय' (Listening Museum) की स्थापना की जाएगी।

प्रशासन और नगर निगम ने खारिज किया दावा: 'कोई सरकारी बुलडोजर एक्शन नहीं'

अखिलेश यादव के इस बयान के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में तूफान खड़ा हो गया। हालांकि, वाराणसी नगर निगम और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने तुरंत स्थिति स्पष्ट करते हुए बुलडोजर कार्रवाई के दावे को खारिज कर दिया।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार:

  • निजी संपत्ति और पारिवारिक मामला: यह वाराणसी के बेनियाबाग/सराय हड़हा स्थित उस्ताद बिस्मिल्लाह खान का निजी आवास है। इस पर किसी भी सरकारी एजेंसी या नगर निगम द्वारा कोई ध्वस्तीकरण (Demolition) नहीं किया गया है।

  • इमारत की जर्जर स्थिति: यह पैतृक मकान 80 साल से अधिक पुराना और बेहद जर्जर अवस्था में था, जिसके कुछ हिस्से गिरने की कगार पर थे।

  • पारिवारिक सहमति से पुनर्निर्माण: मकान को लेकर परिवार के सदस्यों के बीच पहले कुछ विवाद था, जो बाद में आपसी सहमति से सुलझ गया। परिवार के लोग ही अपने स्तर पर जर्जर हिस्से को हटाकर नया निर्माण करा रहे हैं।

उस्ताद के परिजनों का बयान: 'हम खुद बनवा रहे हैं मकान, घर में ही बनेगा संग्रहालय'

अखिलेश यादव के ट्वीट के बाद भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खान के परिजनों ने भी सामने आकर हकीकत बयां की। उस्ताद के पोते मोहम्मद सिब्तेन ने स्पष्ट किया कि मकान पर कोई जबरन बुलडोजर नहीं चला है।

सिब्तेन ने बताया कि यह 670 वर्ग फीट का पैतृक मकान उनके पिता के नाम पर है और पूरी तरह जर्जर हो चुका था। ऊपर के तल पर स्थित दादा हुजूर (उस्ताद बिस्मिल्लाह खान) का रियाज वाला कमरा कभी भी ढह सकता था। इसलिए परिवार के सभी लोगों ने आपस में मिलकर इसका पुनर्निर्माण कराने का फैसला लिया। उन्होंने यह भी जोड़ा कि वे नए बनने वाले मकान के एक तल पर 10x15 का एक विशेष निजी संग्रहालय बनाएंगे, जिसमें उस्ताद बिस्मिल्लाह खान की शहनाई, पुरस्कार और उनसे जुड़ी दुर्लभ यादों को सुरक्षित रखा जाएगा। परिजनों ने मामले को बेवजह राजनीतिक रंग न देने की अपील की है।