दिल्ली पुलिस ने दिलजीत दोसांझ के 30 अक्टूबर के कॉन्सर्ट को नहीं दी मंजूरी, आयोजकों को भेजे पत्र में बताए ये 3 बड़े कारण

दिल्ली पुलिस ने दिलजीत दोसांझ के 30 अक्टूबर के कॉन्सर्ट को नहीं दी मंजूरी, आयोजकों को भेजे पत्र में बताए ये 3 बड़े कारण

ग्लोबल म्यूजिक स्टार दिलजीत दोसांझ के देशव्यापी 'ऑरा' (Aura) टूर के दिल्ली शो को लेकर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। राष्ट्रीय राजधानी के जवाहरलाल नेहरू (JLN) स्टेडियम में आगामी 30 अक्टूबर को प्रस्तावित कॉन्सर्ट को दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा अनुमति (Security Clearance) देने से साफ इनकार कर दिया है। कॉन्सर्ट के आयोजकों द्वारा मांगी गई अनुमति को खारिज करते हुए दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त (सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था) कार्यालय ने औपचारिक पत्र जारी किया है। शो से ठीक आठ दिन पहले आए इस फैसले के बाद हजारों टिकट धारकों और संगीत प्रेमियों में भारी निराशा और अनिश्चितता का माहौल बन गया है।

दिल्ली पुलिस ने पत्र में गिनाए ये 3 मुख्य कारण

दिल्ली पुलिस द्वारा आयोजकों को भेजे गए आधिकारिक पत्र में कॉन्सर्ट की अनुमति न देने के पीछे तीन गंभीर प्रशासनिक व सुरक्षागत आधार बताए गए हैं:

  1. विशिष्ट खुफिया इनपुट और खतरे की आशंका (Specific Threat Inputs): दिल्ली पुलिस ने पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि सुरक्षा एजेंसियों से राजधानी में भीड़भाड़ वाले बड़े सार्वजनिक आयोजनों को लेकर विशिष्ट खुफिया थ्रेट इनपुट्स (खतरे की सूचनाएं) प्राप्त हुए हैं। ऐसे माहौल में खुले स्टेडियम में 40 से 50 हजार लोगों के जमावड़े को गंभीर सुरक्षा जोखिम माना गया है।

  2. त्योहारी सीजन में कानून-व्यवस्था की व्यस्तता (Festive Season Commitments): पत्र में दूसरा बड़ा कारण मौजूदा त्योहारी सीजन (Festive Season) को बताया गया है। दीपावली, छठ और आगामी धार्मिक आयोजनों के मद्देनजर दिल्ली पुलिस के जवानों और सुरक्षा बलों की भारी तैनाती शहर के प्रमुख बाजारों, धार्मिक स्थलों, संवेदनशील इलाकों और अंतरराज्यीय सीमाओं पर पहले से निर्धारित है। ऐसे में एक ही निजी मेगा-इवेंट के लिए भारी पुलिस बल की तैनाती करना संभव नहीं है।

  3. भीड़ नियंत्रण और ट्रैफिक की गंभीर समस्या (Crowd Control & Traffic Management): जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम दक्षिणी दिल्ली के एक बेहद व्यस्त और घनी आबादी वाले इलाके में स्थित है। पहले भी ऐसे बड़े कॉन्सर्ट्स के दौरान लोधी रोड, बारापुला एलिवेटेड कॉरिडोर, लाजपत नगर और रिंग रोड पर कई किलोमीटर लंबा महाजाम लग चुका है। सुरक्षा एजेंसियों ने माना कि वीकेंड से ठीक पहले इस पैमाने के इवेंट से न केवल एम्बुलेंस और आवश्यक सेवाओं की आवाजाही ठप हो जाएगी, बल्कि भगदड़ जैसी आपात स्थितियों से निपटने में भी भारी जोखिम रहेगा।

पहले 1 नवंबर तय थी तारीख, अपील पर बदली गई थी डेट

उल्लेखनीय है कि दिलजीत दोसांझ का यह कॉन्सर्ट पहले 1 नवंबर को आयोजित किया जाना तय था। हालांकि, पंजाब से राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी और अन्य सिख संगठनों ने 1 नवंबर को 1984 के सिख विरोधी दंगों की बरसी होने का हवाला देते हुए तारीख बदलने की भावनात्मक अपील की थी। जनभावनाओं का आदर करते हुए दिलजीत और टिकटिंग पार्टनर 'बुकमायशो' ने कॉन्सर्ट को दो दिन पहले यानी 30 अक्टूबर को रिशेड्यूल कर दिया था। लेकिन अब नई तारीख पर पुलिस की तरफ से मंजूरी न मिलने से पूरा आयोजन खटाई में पड़ता नजर आ रहा है।

क्या रद्द होगा शो या तय होगा नया वेन्यू? असमंजस में फैंस

दिल्ली पुलिस द्वारा अनुमति खारिज किए जाने के बाद अब सबकी निगाहें दिलजीत दोसांझ की मैनेजमेंट टीम और इवेंट आयोजकों पर टिकी हैं। जानकारों का मानना है कि आयोजकों के पास अब केवल दो विकल्प बचे हैं—या तो वे दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों और गृह मंत्रालय से मिलकर सुरक्षा की अतिरिक्त गारंटी देकर पुनर्विचार की अपील करें, या फिर कॉन्सर्ट को एनसीआर के किसी अन्य बड़े वेन्यू (जैसे ग्रेटर नोएडा या गुरुग्राम) में शिफ्ट करें। यदि तारीख आगे बढ़ाई जाती है या शो रद्द होता है, तो बुकमायशो को टिकट खरीदारों के लिए पूर्ण रिफंड पॉलिसी जारी करनी होगी।