नॉर्मल डिलीवरी में बह गया था बहुत ज्यादा खून, काम नहीं कर रहा था दिमाग: ऋचा चड्ढा ने बयां किया पोस्टपार्टम का भयानक दर्द

नॉर्मल डिलीवरी में बह गया था बहुत ज्यादा खून, काम नहीं कर रहा था दिमाग: ऋचा चड्ढा ने बयां किया पोस्टपार्टम का भयानक दर्द

बॉलीवुड की दमदार और संजीदा अभिनेत्रियों में शुमार ऋचा चड्ढा अक्सर अपनी बेबाकी और सामाजिक मुद्दों पर खुलकर राय रखने के लिए जानी जाती हैं। 'फुकरे' और 'मसान' जैसी फिल्मों के अलावा हाल ही में संजय लीला भंसाली की सीरीज 'हीरामंडी' में अपने अभिनय का लोहा मनवाने वाली ऋचा ने हाल ही में अपनी निजी जिंदगी के सबसे भावुक और शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण दौर का खुलासा किया है। ऋचा चड्ढा और अभिनेता अली फजल ने साल 2024 में अपनी बेटी जुनेरा का इस दुनिया में स्वागत किया था। लेकिन डिलीवरी के बाद से ही ऋचा लंबे समय तक बड़े पर्दे और कैमरे की चकाचौंध से दूर रहीं। अब अभिनेत्री ने इस बात से पर्दा उठाया है कि बेटी के जन्म के समय उनकी नॉर्मल डिलीवरी के दौरान अत्यधिक खून बह गया था, जिसके चलते उनकी तबीयत इतनी बिगड़ गई थी कि उनका दिमाग तक ठीक से काम नहीं कर पा रहा था।

नॉर्मल डिलीवरी में बहा अत्यधिक खून, दिमाग पर पड़ा बुरा असर

ऋचा चड्ढा ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान मातृत्व और प्रसव के बाद के दौर (Postpartum Period) पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि कई लोग यह मानते हैं कि डिलीवरी के तुरंत बाद एक महिला आसानी से अपने सामान्य जीवन में लौट सकती है, लेकिन असलियत इससे कोसों दूर होती है। अपनी डिलीवरी के मुश्किल पलों को याद करते हुए ऋचा ने कहा, "मैं काम पर नहीं लौट पा रही थी क्योंकि मेरी नॉर्मल डिलीवरी हुई थी और उस दौरान मेरा बहुत ज्यादा खून बह गया था। इस भारी ब्लड लॉस की वजह से मुझे शारीरिक रूप से उबरने में बहुत लंबा वक्त लगा। मेरा दिमाग एकदम सुन्न (Brain Fog) हो चुका था और ठीक से काम नहीं कर पा रहा था। उस मानसिक और शारीरिक स्थिति में मैं बाहर जाकर कैमरे के सामने एक्टिंग कैसे कर सकती थी?"

काम और मातृत्व की दोहरी जिम्मेदारी ने शरीर पर डाला भारी दबाव

ऋचा ने बताया कि जब वह मां बनी थीं, तो उनके सामने सिर्फ एक नवजात शिशु की देखभाल की ही चुनौती नहीं थी, बल्कि बतौर फिल्म प्रोड्यूसर भी उन पर बहुत बड़ा दारोमदार था। बेटी के जन्म के 6 से 8 महीने के भीतर ही वह अपनी पहली होम प्रोडक्शन फिल्म 'गर्ल्स विल बी गर्ल्स' को रिलीज कराने की जी-तोड़ कोशिशों में जुटी हुई थीं। इस फिल्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी सराहना मिली थी, लेकिन पर्दे के पीछे ऋचा को इसके लिए बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ी।

ऋचा के मुताबिक, "मैं एक तरफ ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के साथ बातचीत और सौदे तय कर रही थी, फिल्म की रिलीज और डिलीवरी से जुड़े सारे तकनीकी काम देख रही थी, और दूसरी तरफ अपनी नन्हीं बेटी को संभाल रही थी। यह सब कुछ मेरे लिए बहुत ज्यादा हो गया था। काम और मातृत्व के इस तनाव ने मेरे शरीर को बुरी तरह निचोड़ कर रख दिया। मेरी हालत ऐसी हो गई थी कि मुझे विटामिन्स और सप्लीमेंट्स पर निर्भर रहना पड़ा और डॉक्टरों ने मुझे पूरी तरह आराम करने की सख्त सलाह दी थी। मैं लोगों से दूर रहकर केवल अपने बच्चे के साथ उस खास समय को बिताना चाहती थी।"

कैमरे के सामने वापसी और नए प्रोजेक्ट्स की तैयारी

हालांकि, लंबे समय तक आराम, उचित इलाज और परिवार के सहयोग के बाद अब ऋचा चड्ढा पूरी तरह स्वस्थ महसूस कर रही हैं और एक बार फिर अपने अभिनय करियर में सक्रिय हो रही हैं। उन्होंने जानकारी दी कि उन्होंने एक बड़े ओटीटी प्लेटफॉर्म के शो की शूटिंग पूरी कर ली है। इसके अलावा वह अपने महत्वाकांक्षी नॉन-फिक्शन प्रोजेक्ट 'मुसाफिरी' को लेकर भी काफी उत्साहित हैं, जिसकी कहानी उन्होंने खुद लिखी है और इस आठ कड़ियों वाली डॉक्यूसीरीज को वह होस्ट और प्रोड्यूस भी कर रही हैं।

ऋचा ने मुस्कुराते हुए कहा कि जब आप एक साथ कई जिम्मेदारियों को संभालते हैं तो काम की रफ्तार थोड़ी धीमी जरूर हो जाती है, लेकिन अब वह पूरी ऊर्जा के साथ वापस लौट रही हैं। जल्द ही वह अनुभव सिन्हा की फिल्म 'अभी तो पार्टी शुरू हुई है' में भी नजर आने वाली हैं।

बेटी जुनेरा की परवरिश और आज के माहौल पर कही बड़ी बात

अपनी बातचीत के दौरान ऋचा ने अपनी बेटी जुनेरा के भविष्य और आज के बदलते परिवेश पर भी गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर काफी अनिश्चित और डरावना है, जहां एक तरफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का तेजी से विस्तार हो रहा है, तो दूसरी तरफ क्लाइमेट चेंज का बड़ा खतरा मंडरा रहा है।

ऋचा ने कहा कि वह अपनी बेटी की परवरिश एक स्वतंत्र और खुले विचारों वाली लड़की के रूप में करना चाहती हैं। वह चाहती हैं कि जुनेरा अपने आसपास की दुनिया को खुद देखे, समझे और अपने फैसले खुद ले। इसके साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि वह अपनी बेटी को यह सिखाएंगी कि उसे किसी भी सत्ता या अथॉरिटी के आगे बेवजह डरने या झुकने की जरूरत नहीं है। ऋचा के इस साहसिक बयान ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि वह न सिर्फ एक बेहतरीन कलाकार हैं, बल्कि एक मजबूत और जिम्मेदार मां भी हैं।