'शादी शायद मुमकिन नहीं, लेकिन एक साथी की कमी खलती है'; 52 की उम्र में छलका करण जौहर का दर्द

'शादी शायद मुमकिन नहीं, लेकिन एक साथी की कमी खलती है'; 52 की उम्र में छलका करण जौहर का दर्द

बॉलीवुड के दिग्गज निर्देशक और धर्मा प्रोडक्शंस के मुखिया करण जौहर अपनी फिल्मों में भव्य प्रेम कहानियों और शादियों के सपने दिखाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने पर्दे पर रोमांस को जिस खूबसूरती से उकेरा है, उसने दशकों से दर्शकों के दिलों को छुआ है। हालांकि, असल जिंदगी में खुद करण हमेशा अपने अकेलेपन और रिश्तों को लेकर मुखर रहे हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान फिल्ममेकर ने अपनी निजी जिंदगी, ढलती उम्र और एक सच्चे जीवनसाथी की जरूरत पर दिल छू लेने वाली बातें साझा कीं। करण ने माना कि जीवन के इस मोड़ पर उन्हें अपने लिए एक हमसफर और साथी की शिद्दत से कमी महसूस होती है।

'शादी शायद मुमकिन नहीं, पर एक साथी जरूर चाहता हूं': करण जौहर

बातचीत के दौरान करण जौहर ने स्पष्ट किया कि अब उनके लिए औपचारिक रूप से विवाह के बंधन में बंधना शायद व्यावहारिक नहीं लगता। उन्होंने कहा, "मेरी उम्र 52 वर्ष से अधिक हो चुकी है और इस पड़ाव पर शादी जैसा पारंपरिक बंधन शायद मेरे लिए मुमकिन न हो। लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि मुझे किसी साथी की जरूरत नहीं है। मैं चाहता हूं कि कोई ऐसा इंसान हो जिसके साथ मैं दिनभर की थकान के बाद बैठकर चाय पी सकूं, अपने सुख-दुख साझा कर सकूं, हाथ पकड़कर टहल सकूं और जो बिना किसी उम्मीद या बनावट के सिर्फ मेरे साथ रहे। एक सच्चे दोस्त और हमसफर का वजूद जिंदगी में बहुत बड़ा सहारा होता है।"

सिंगल फादर के तौर पर बच्चों की परवरिश, लेकिन खालीपन बरकरार

करण जौहर ने साल 2017 में सरोगेसी के जरिए जुड़वां बच्चों—यश और रूही का अपने जीवन में स्वागत किया था। वे एक समर्पित सिंगल फादर के रूप में अपनी मां हीरू जौहर के साथ मिलकर बच्चों की परवरिश कर रहे हैं। इस पर चर्चा करते हुए करण ने कहा कि उनके बच्चे उनकी दुनिया हैं और मां उनका सबसे बड़ा संबल हैं, लेकिन इसके बावजूद एक पार्टनर का खालीपन एक अलग ही पहलू होता है। उन्होंने बताया कि बच्चों की अपनी जिंदगी होगी और वे बड़े होकर अपनी राह चुनेंगे, जबकि उम्र के अंतिम पड़ाव में हर इंसान को एक ऐसे साथी की जरूरत महसूस होती है जो उम्र के तकाजे को समझ सके और भावनात्मक रूप से साथ खड़ा रहे।

'रोमांस की कहानियों से दुनिया को प्यार सिखाया, खुद अधूरा रह गया'

करण ने मजाकिया और थोड़े भावुक अंदाज में यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने अपनी फिल्मों—'कुछ कुछ होता है', 'कभी खुशी कभी गम' से लेकर 'रॉकी और रानी की प्रेम कहानी' तक—के जरिए पूरी दुनिया को प्यार, रोमांस और रिश्तों की अहमियत सिखाई, लेकिन वे खुद अपने निजी जीवन में उस मुकम्मल इश्क को हासिल नहीं कर पाए। उन्होंने कहा कि अतीत में उन्होंने भी प्यार के अनुभव किए हैं, कई बार दिल टूटा और कई बार चीजें वैसी नहीं हो सकीं जैसी सोची गई थीं, लेकिन वे आज भी प्यार की ताकत और मानवीय जुड़ाव में गहरा यकीन रखते हैं।

सोशल मीडिया पर फैंस ने दिया प्यार: 'सच्चाई और सादगी की मिसाल'

करण जौहर का यह खुला और संवेदनशील बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर फैंस और फिल्म जगत से जुड़े लोग उनकी सराहना कर रहे हैं। आमतौर पर अपनी चकाचौंध भरी लाइफस्टाइल और बेबाक बयानों के लिए चर्चा में रहने वाले करण की इस भावनात्मक स्वीकारोक्ति ने लोगों का दिल जीत लिया है। यूजर्स का कहना है कि उम्र के किसी भी पड़ाव पर अकेलेपन और साथी की जरूरत को इतनी सादगी व ईमानदारी से स्वीकार करना बेहद साहसिक कदम है।