पंजाब के पटवारियों को मान सरकार का बड़ा तोहफा: जिला कैडर दोबारा बहाल
पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने राजस्व विभाग के कर्मचारियों और पटवारियों को बड़ी राहत देते हुए राज्य स्तरीय कैडर को समाप्त कर पुराना जिला स्तरीय कैडर बहाल करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रशासनिक बदलाव को मंजूरी दी गई। पिछले काफी समय से राजस्व पटवार यूनियन इस मांग को लेकर आंदोलनरत थी और कार्यप्रणाली में आ रही जटिलताओं को दूर करने के लिए लगातार सरकार पर दबाव बना रही थी। इस फैसले के बाद पटवारियों और कानूनगो की पदोन्नति, स्थानांतरण और वरिष्ठता से जुड़ी परेशानियां जड़ से समाप्त हो जाएंगी।
कैडर बहाली के साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रदेश के शिक्षित युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा मार्ग प्रशस्त करते हुए राजस्व पटवारियों के 1001 रिक्त पदों पर सीधी भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश भी जारी किए हैं। सरकार का मानना है कि इस दोहरे निर्णय से न केवल राजस्व कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि पंजाब की आम जनता को तहसील और उप-तहसील स्तर पर जमीन-जायदाद से जुड़े कामों के लिए लगने वाले लंबे चक्करों से भी मुक्ति मिलेगी।
राज्य स्तरीय कैडर से क्यों पैदा हुआ था विवाद और प्रशासनिक संकट?
पंजाब में पूर्ववर्ती सरकार के समय पटवारियों के कैडर को जिला स्तर से बदलकर राज्य स्तरीय (State Cadre) कर दिया गया था। इस व्यवस्था के लागू होते ही विभाग के भीतर कई गंभीर प्रशासनिक और व्यावहारिक समस्याएं पैदा होने लगीं। एक जिले में तैनात पटवारी का तबादला दूसरे छोर के जिले में होने से कर्मचारियों में असंतोष फैल गया। स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों, बोली, राजस्व रिकॉर्ड और पारंपरिक पैमाइश तकनीकों से अपरिचित होने के कारण पटवारियों को नए जिलों में काम करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
इसके अलावा, सबसे बड़ा गतिरोध पदोन्नति (Promotions) और वरिष्ठता सूची (Seniority List) को लेकर खड़ा हुआ। पूरे राज्य के स्तर पर संयुक्त वरिष्ठता तय करने में कई कानूनी और तकनीकी अड़चनें आईं, जिससे कानूनगो और नायब तहसीलदार के पदों पर होने वाली पदोन्नतियां वर्षों तक लटकी रहीं। कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही हड़तालों और कार्य-बहिष्कार के चलते आम नागरिकों के जमीन के इंतकाल (Mutation), फर्द निकालने, पैमाइश, जाति-निवास प्रमाण पत्र सत्यापन जैसे जरूरी काम ठप हो रहे थे। मान सरकार द्वारा जिला कैडर की वापसी के बाद अब हर जिले में पटवारियों की तैनाती, वरिष्ठता और पदोन्नति उसी जिले के डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के स्तर पर सुव्यवस्थित ढंग से संचालित की जाएगी।
युवाओं के लिए बड़ा अवसर: 1001 नए राजस्व पटवारियों की होगी पारदर्शी भर्ती
पंजाब में बड़ी संख्या में पटवार सर्किलों के खाली होने से मौजूदा कर्मचारियों पर काम का अत्यधिक बोझ बना हुआ था। कई क्षेत्रों में एक ही पटवारी को चार से पांच सर्किलों का अतिरिक्त प्रभार संभालना पड़ रहा था, जिससे कार्यों में बेवजह देरी हो रही थी। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राजस्व विभाग में 1001 नए पटवारियों की भर्ती का ऐलान किया है।
यह भर्ती पंजाब अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (PSSSB) के माध्यम से पूरी तरह पारदर्शी और योग्यता (Merit) के आधार पर कराई जाएगी। भर्ती के तहत स्नातक (Graduation) उत्तीर्ण और निर्धारित कंप्यूटर योग्यता रखने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकेंगे। सरकार ने संबंधित अधिकारियों को विज्ञापन जारी करने, लिखित परीक्षा आयोजित करने और चयनित उम्मीदवारों के अनिवार्य प्रशिक्षण की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
आम जनता को सीधा लाभ: तहसील स्तर पर घटेगा भ्रष्टाचार और रुकेगी लेटलतीफी
पटवारियों के पद भरने और जिला कैडर बहाल होने का सीधा असर राज्य की कानून व्यवस्था और प्रशासनिक पारदर्शिता पर पड़ेगा। गांवों और शहरों में आम किसानों व संपत्ति धारकों को अपनी जमीन के रिकॉर्ड दुरुस्त करवाने के लिए महीनों इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
प्राकृतिक आपदाओं, ओलावृष्टि या बाढ़ के समय फसलों के नुकसान की विशेष गिरदावरी (फसल नुकसान का आकलन) तेजी से हो सकेगी, जिससे प्रभावित किसानों को समय पर मुआवजा मिल सकेगा। मुख्यमंत्री ने पटवारियों से अपील की है कि सरकार ने उनकी प्रमुख मांगों का सम्मान किया है, लिहाजा अब वे भी जनसेवा की भावना से काम करें और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन देने में सरकार का सहयोग करें।