मान कैबिनेट का कर्मचारियों को बड़ा तोहफा: 1467 नर्सिंग कर्मियों के सेवा नियमों में बदलाव

मान कैबिनेट का कर्मचारियों को बड़ा तोहफा: 1467 नर्सिंग कर्मियों के सेवा नियमों में बदलाव

पंजाब की भगवंत मान सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों और स्वास्थ्य कर्मियों के हित में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में संपन्न हुई कैबिनेट बैठक में वर्षों से लंबित मांगों पर मुहर लगाते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के तहत 1,467 नर्सिंग कर्मियों के सेवा नियमों (Service Rules) में संशोधन को हरी झंडी दे दी गई है। इसके साथ ही, पंजाब सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी निगम (PITS) के बचे हुए कर्मचारियों को भी सरकारी महकमों में समायोजित (Adjust) करने का रास्ता साफ कर दिया गया है, जिससे लंबे समय से अनिश्चितता झेल रहे कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

1467 नर्सिंग कर्मियों के संशोधित नियमों को हरी झंडी

स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और अग्रिम मोर्चे पर डटे स्वास्थ्य कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने के लिए कैबिनेट ने ग्रुप-सी के तहत आने वाले स्टाफ नर्सों और नर्सिंग कैडर के सेवा नियमों को आधुनिक और पारदर्शी बनाया है:

  • पदोन्नति और करियर ग्रोथ का रास्ता साफ: पुराने नियमों की पेचीदगियों के कारण करीब 1467 नर्सिंग कर्मियों की पदोन्नति, वरिष्ठता सूची और वेतन विसंगतियों से जुड़े मामले लटके हुए थे। नए संशोधित नियमों के लागू होने से उनके प्रमोशन और इंक्रीमेंट का रास्ता साफ हो गया है।

  • कैडर पुनर्गठन: स्वास्थ्य विभाग में नर्सिंग स्टाफ की भूमिका को आधुनिक मेडिकल प्रोटोकॉल के अनुकूल बनाने के लिए शैक्षणिक और तकनीकी योग्यताओं के मानकों को भी तर्कसंगत किया गया है।

  • अस्पतालों की कार्यप्रणाली में सुधार: इस फैसले से सरकारी मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत नर्सों को स्थायित्व मिलेगा, जिसका सीधा सकारात्मक असर मरीजों की देखभाल पर पड़ेगा।

PITS कर्मचारियों को बड़ी राहत: सरकारी विभागों में होंगे एडजस्ट

पंजाब कैबिनेट ने PITS (Punjab Information Technology Solutions/Services) के गैर-समायोजित कर्मचारियों को लेकर भी मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए बड़ा फैसला लिया है:

  • बचे हुए मुलाजिमों का समायोजन: लंबे समय से अनुबंध और विभिन्न परियोजनाओं में काम कर रहे पीआईटीएस के कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करते हुए उन्हें राज्य सरकार के विभिन्न प्रशासनिक विभागों में रिक्त पदों पर समायोजित करने की मंजूरी दी गई है।

  • रोजगार की सुरक्षा: इस कदम से इन कर्मचारियों की आजीविका पर मंडरा रहा खतरा पूरी तरह टल गया है और उन्हें नियमित प्रशासनिक ढांचे का हिस्सा बनाया जा सकेगा।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी दफ्तर में नए पदों का सृजन

प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से कैबिनेट ने पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (Chief Electoral Officer - CEO) कार्यालय में नए तकनीकी और प्रशासनिक पदों के सृजन को भी अपनी मंजूरी प्रदान की है। चुनाव संबंधी डाटा प्रबंधन, मतदाता सूची के डिजिटलीकरण और फील्ड निगरानी को और अधिक पारदर्शी व सुदृढ़ बनाने के लिए अतिरिक्त मैनपॉवर की तैनाती की जाएगी।

मान सरकार के इन फैसलों को राज्य में मुलाजिम वर्ग के लंबे संघर्ष के सुखद अंत के रूप में देखा जा रहा है। सरकार का यह कर्मचारी-हितैषी रुख न केवल स्वास्थ्य तंत्र को मजबूती देगा, बल्कि आगामी दिनों में अन्य संविदा और विभागीय कर्मचारियों की लंबित मांगों के समाधान के संकेत भी दे रहा है।