1430 दिन बाद लौटे भुवनेश्वर कुमार, क्राइस्टचर्च में बना अनचाहा रिकॉर्ड; T20I इतिहास में पहली बार 5 भारतीय गेंदबाजों की जमकर हुई धुनाई

1430 दिन बाद लौटे भुवनेश्वर कुमार, क्राइस्टचर्च में बना अनचाहा रिकॉर्ड; T20I इतिहास में पहली बार 5 भारतीय गेंदबाजों की जमकर हुई धुनाई

भारतीय क्रिकेट टीम के स्विंग मास्टर भुवनेश्वर कुमार ने आखिरकार करीब चार साल (1430 दिन) के लंबे अंतराल के बाद अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में टीम इंडिया की जर्सी पहनकर गेंदबाजी की। न्यूजीलैंड के खिलाफ क्राइस्टचर्च के हेगले ओवल में खेले गए पहले टी20 मैच में जैसे ही कप्तान ने नई गेंद भुवी को थमाई, उन्होंने अपनी क्लास की झलक दिखाते हुए पहली दो गेंदें डॉट फेंककर टी20आई पावरप्ले में सर्वाधिक डॉट बॉल फेंकने का नया विश्व रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज करा लिया। हालांकि, क्राइस्टचर्च की सपाट और बल्लेबाजों के मुफीद पिच पर बाद के ओवरों में कीवी बल्लेबाजों के तूफानी आक्रमण के सामने वह रनों के बहाव को पूरी तरह रोकने में नाकाम रहे और अपने तय कोटे के ओवरों में काफी महंगे साबित हुए।

टी20 इंटरनेशनल में पहली बार बना अनचाहा रिकॉर्ड: 5 भारतीय गेंदबाजों ने लुटाए 40+ रन

इस मुकाबले में भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के साथ एक ऐसा अजीबोगरीब और अनचाहा वाकया हुआ जो भारतीय टी20 अंतरराष्ट्रीय इतिहास में पहले कभी नहीं देखा गया था। मैच में गेंदबाजी करने उतरे सभी प्रमुख पांच भारतीय गेंदबाजों में से प्रत्येक ने अपने स्पैल में 40 या उससे अधिक रन लुटा दिए। कीवी बल्लेबाजों ग्लेन फिलिप्स और फिन एलेन की आतिशी बल्लेबाजी के सामने भुवनेश्वर कुमार, अर्शदीप सिंह, मयंक यादव और अक्षर पटेल समेत भारत के सभी मुख्य गेंदबाज संघर्ष करते नजर आए। यह टी20आई प्रारूप में पहली बार हुआ जब किसी एक मैच में भारत के 5 गेंदबाजों ने 40 से अधिक रन खर्च किए, जिसके चलते न्यूजीलैंड ने स्कोरबोर्ड पर 225 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया।

बल्लेबाजों ने बचाई लाज: संजू और नमन के बूते भारत ने रचा इतिहास

गेंदबाजों के इस महंगे प्रदर्शन के बावजूद भारतीय बल्लेबाजी क्रम ने निराश नहीं किया। 226 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम के लिए संजू सैमसन ने 200 से अधिक के स्ट्राइक रेट से ताबड़तोड़ अर्धशतक जमाया। इसके बाद युवा फिनिशर नमन धीर ने अंतिम ओवरों में धुआंधार छक्के बरसाते हुए भारत को 4 विकेट से ऐतिहासिक जीत दिला दी, जो टी20 अंतरराष्ट्रीय में भारत का अब तक का सबसे बड़ा सफल रन-चेज साबित हुआ। भुवनेश्वर कुमार की वापसी जीत के साथ तो हुई, लेकिन गेंदबाजी इकाई की यह अनचाही खर्चीली लिस्ट आने वाले मैचों के लिए टीम प्रबंधन के सामने रणनीति दुरुस्त करने की चुनौती छोड़ गई है।