दूसरे वनडे में भले बल्ला रहा खामोश, लेकिन विराट कोहली ने तोड़ डाला रिकी पोंटिंग का ऐतिहासिक वर्ल्ड रिकॉर्ड
विश्व क्रिकेट के सबसे आधुनिक रन-मशीन कहे जाने वाले भारतीय दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली के लिए कोई भी मुकाबला बिना किसी ऐतिहासिक उपलब्धि के समाप्त होना लगभग असंभव सा लगता है। न्यूजीलैंड के खिलाफ वेलिंगटन के मैदान पर खेले गए दूसरे एकदिवसीय मुकाबले में भले ही विराट कोहली का बल्ला उम्मीद के मुताबिक बड़ी पारी न खेल सका हो और वे जल्दी पवेलियन लौट गए हों, लेकिन क्रीज पर बिताए चंद पलों में ही उन्होंने क्रिकेट इतिहास के पन्नों में एक और अमर अध्याय जोड़ दिया। कोहली ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की ऑल-टाइम सूची में ऑस्ट्रेलिया के दो बार के विश्व कप विजेता पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग के ऐतिहासिक रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया है। इसके साथ ही विराट कोहली अब सचिन तेंदुलकर और कुमार संगकारा के बाद विश्व क्रिकेट के सर्वकालिक इतिहास में दुनिया के तीसरे सबसे सफल बल्लेबाज बन गए हैं। खेल प्रेमियों और क्रिकेट विश्लेषकों के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि कोहली ने पोंटिंग के इस पहाड़ जैसे स्कोर को उनसे काफी कम पारियां खेलकर पार किया है।
वेलिंगटन की मुश्किल पिच पर खामोश रहा बल्ला, लेकिन इतिहास के पन्नों में दर्ज हुआ नाम
भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए इस दूसरे एकदिवसीय मैच में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को शुरुआती झटकों का सामना करना पड़ा था। जब विराट कोहली क्रीज पर आए तो परिस्थितियां तेज गेंदबाजों के अनुकूल थीं और कीवी पेसर्स गेंद को हवा में दोनों तरफ नचा रहे थे। कोहली ने अपनी पारी की शुरुआत सधे हुए अंदाज में की और कुछ बेहतरीन सिंगल व डबल बटोरे। हालांकि, वे अपनी इस पारी को एक बड़े स्कोर में तब्दील करने में नाकाम रहे और 23 गेंदों में महज 14 रन बनाकर कीवी तेज गेंदबाज की बाहर निकलती गेंद पर विकेटकीपर को कैच थमा बैठे। कोहली का आउट होना भारतीय ड्रेसिंग रूम और प्रशंसकों के लिए निराशाजनक जरूर था, लेकिन जैसे ही उन्होंने अपनी पारी का 8वां रन पूरा किया, मैदान पर मौजूद स्टेटिशियन्स और कमेंटेटर्स ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ इस बात का ऐलान कर दिया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अब रिकी पोंटिंग का रिकॉर्ड टूट चुका है और विराट कोहली उनसे आगे निकल चुके हैं।
रिकी पोंटिंग बनाम विराट कोहली: आंकड़ों का वो जादुई सफर जिसने हिला दी दुनिया
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग ने अपने पूरे अंतरराष्ट्रीय करियर (1995 से 2012) के दौरान टेस्ट, वनडे और टी20 को मिलाकर कुल 560 मैचों की 668 पारियों में 27,483 रन बनाए थे। पिछले एक दशक से अधिक समय से पोंटिंग का यह विशाल स्कोर दुनिया के सभी बल्लेबाजों के लिए एक अजेय किला माना जाता था। लेकिन विराट कोहली ने अपने बेमिसाल अनुशासन, फिटनेस और रन बनाने की असाधारण भूख के दम पर इस ऐतिहासिक किले को ढहा दिया है। कोहली ने अपने करियर के 540 से भी कम मुकाबलों और मात्र 610 पारियों के भीतर 27,484 से अधिक रन पूरे कर पोंटिंग को पीछे छोड़ दिया। पोंटिंग की तुलना में लगभग 58 पारियां कम खेलकर इस मुकाम को हासिल करना यह साबित करता है कि तीनों प्रारूपों में विराट कोहली का दबदबा और निरंतरता किस स्तर की रही है। कोहली का औसत अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 53 से ऊपर का रहा है, जबकि पोंटिंग का करियर औसत 45.95 का था।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाले शीर्ष 5 महानतम बल्लेबाज:
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सचिन तेंदुलकर (भारत) – 664 मैच, 782 पारियां, 34,357 रन (100 शतक)
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कुमार संगकारा (श्रीलंका) – 594 मैच, 666 पारियां, 28,016 रन (63 शतक)
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विराट कोहली (भारत) – 538+ मैच, 610 पारियां, 27,485+ रन (80+ शतक)
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रिकी पोंटिंग (ऑस्ट्रेलिया) – 560 मैच, 668 पारियां, 27,483 रन (71 शतक)
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महेला जयवर्धने (श्रीलंका) – 652 मैच, 725 पारियां, 25,957 रन (54 शतक)
अब कुमार संगकारा का दूसरा पायदान निशाने पर: क्या सचिन तक पहुंच पाएंगे कोहली?
रिकी पोंटिंग के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने के बाद अब विराट कोहली की निगाहें श्रीलंका के पूर्व दिग्गज विकेटकीपर बल्लेबाज कुमार संगकारा के रिकॉर्ड पर टिक गई हैं। संगकारा 28,016 अंतरराष्ट्रीय रनों के साथ इस सूची में दूसरे पायदान पर काबिज हैं। विराट कोहली अब संगकारा के रिकॉर्ड से महज 530 के करीब रन दूर हैं। मौजूदा फॉर्म और आगामी अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के व्यस्त कैलेंडर को देखते हुए यह उम्मीद जताई जा रही है कि कोहली बहुत जल्द संगकारा को भी पीछे छोड़कर दुनिया के दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन जाएंगे। इसके बाद उनके आगे सिर्फ और सिर्फ 'क्रिकेट के भगवान' कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर का 34,357 रनों का वह एवरेस्ट जैसा रिकॉर्ड बचेगा, जिसे पार करना किसी भी आधुनिक क्रिकेटर के लिए सबसे बड़ा सपना है।
फ्लॉप शो के बीच कोहली की निरंतरता की अनोखी कहानी
क्रिकेट के जानकार अक्सर कहते हैं कि महान खिलाड़ियों की पहचान इस बात से नहीं होती कि वे अपने सबसे बेहतरीन दिनों में क्या करते हैं, बल्कि इस बात से होती है कि वे अपने सामान्य या खराब दिनों में भी खेल पर क्या प्रभाव छोड़ते हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे वनडे में भले ही भारतीय मध्यक्रम लड़खड़ाया और कोहली बड़ा स्कोर नहीं बना पाए, लेकिन उनका यह नया रिकॉर्ड इस बात की याद दिलाता है कि उन्होंने पिछले 16 वर्षों में किस कदर अपनी रीढ़ पर भारतीय बल्लेबाजी का भार ढोया है। चाहे ऑस्ट्रेलिया की उछाल भरी पिचें हों, इंग्लैंड की स्विंग होती हवाएं हों, या फिर भारत और उपमहाद्वीप की स्पिन की मददगार सतहें—कोहली ने हर भौगोलिक परिस्थिति में रन उगलने का काम किया है। रिकी पोंटिंग जैसे आधुनिक युग के सबसे आक्रामक और सफल बल्लेबाज को पछाड़ना यह सिद्ध करता है कि कोहली का नाम अब सिर्फ इस पीढ़ी के महानतम खिलाड़ियों में ही नहीं, बल्कि क्रिकेट के पूरे इतिहास के सर्वकालिक दिग्गजों की अमर श्रेणी में दर्ज हो चुका है।