वापस मुड़कर देखने का कोई मतलब नहीं': मोहम्मद शमी को 2027 वर्ल्ड कप खिलाने पर बोले दिनेश कार्तिक

वापस मुड़कर देखने का कोई मतलब नहीं': मोहम्मद शमी को 2027 वर्ल्ड कप खिलाने पर बोले दिनेश कार्तिक

भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को लेकर एक बार फिर क्रिकेट गलियारों में बहस छिड़ गई है। हालिया मुकाबलों में भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण के उतार-चढ़ाव और अनुभव की कमी को देखते हुए कई पूर्व दिग्गजों और फैंस की ओर से मांग उठ रही है कि 2027 में दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप के लिए शमी को वापस टीम में शामिल किया जाना चाहिए। हालांकि, पूर्व भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज दिनेश कार्तिक इस राय से कतई इत्तेफाक नहीं रखते।

क्रिकबज (Cricbuzz) के शो पर बेबाक राय रखते हुए दिनेश कार्तिक ने साफ किया कि टीम इंडिया को अब अतीत में जाने के बजाय भविष्य के तेज गेंदबाजों पर ही भरोसा जताना चाहिए।

'भले ही अच्छी बॉलिंग की, लेकिन पीछे जाने का कोई मतलब नहीं'

जब कार्तिक से पूछा गया कि क्या भारत को 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए 36 वर्षीय मोहम्मद शमी की ओर दोबारा देखना चाहिए, तो उन्होंने बिना किसी झिझक के कहा:

"नहीं, मुझे नहीं लगता। मुझे लगता है कि टीम के पास दूसरे तेज गेंदबाज मौजूद हैं। टीम इंडिया अब उनसे आगे बढ़ चुकी है, इसलिए वापस पीछे जाने का कोई मतलब नहीं बनता। मैं उस दिशा में दोबारा नहीं देखूंगा, भले ही उन्होंने बहुत अच्छी गेंदबाजी की हो।"

कार्तिक का मानना है कि शमी के कद, अनुभव और काबिलियत पर कोई सवाल नहीं है, लेकिन आधुनिक क्रिकेट में टीम ट्रांजिशन (बदलाव के दौर) का सम्मान करना जरूरी है। यदि मैनेजमेंट ने एक नए तेज गेंदबाजी पूल को तैयार करने का मन बना लिया है, तो बीच रास्ते में फिर से पुराने विकल्पों पर लौटना दीर्घकालिक रणनीति को कमजोर करता है।

क्यों उठ रही थी शमी की वापसी की मांग?

मोहम्मद शमी ने 2023 वनडे वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा 24 विकेट लेकर तहलका मचाया था। हालांकि, इसके बाद वह चोट और फिटनेस संबंधी समस्याओं के चलते लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर रहे।

  • घरेलू क्रिकेट में दम: शमी ने घरेलू क्रिकेट में बंगाल और दलीप ट्रॉफी में गेंदबाजी करते हुए अपनी धार और फिटनेस साबित की।

  • युवा पेस अटैक का संघर्ष: हाल ही में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली गई वनडे सीरीज में जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह की गैरमौजूदगी में जब प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, आकिब नबी और अंशुल कंबोज जैसे गेंदबाजों को आजमाया गया, तो वे रनों पर अंकुश लगाने में संघर्ष करते दिखे। इसी वजह से शमी जैसे अनुभवी 'स्ट्राइक बॉलर' की वापसी की वकालत होने लगी थी।

टीम इंडिया का फोकस: अगली पीढ़ी के पेसर्स

दिनेश कार्तिक के रुख से यह साफ संकेत मिलता है कि टीम मैनेजमेंट और चयनकर्ता जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज के साथ-साथ अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा और हर्षित राणा जैसे युवा तेज गेंदबाजों का एक मजबूत कोर ग्रुप तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

कार्तिक का यह बयान साफ करता है कि भले ही शमी के आंकड़े और घरेलू प्रदर्शन कितने भी शानदार क्यों न हों, 2027 के महाकुंभ तक उनके लिए राष्ट्रीय टीम के दरवाजे दोबारा खुलना लगभग असंभव नजर आ रहा है।