'2016 के पीक से भी ज्यादा खतरनाक है विराट कोहली का मौजूदा अवतार': एबी डिविलियर्स का बड़ा दावा

'2016 के पीक से भी ज्यादा खतरनाक है विराट कोहली का मौजूदा अवतार': एबी डिविलियर्स का बड़ा दावा

साल 2016 को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और आईपीएल के इतिहास में विराट कोहली के करियर का स्वर्णिम शिखर (Peak) माना जाता है, जब उन्होंने अकेले दम पर रनों का अंबार लगा दिया था। लेकिन दक्षिण अफ्रीका के महान बल्लेबाज और आरसीबी में लंबे समय तक कोहली के सबसे करीबी जोड़ीदार रहे एबी डिविलियर्स का मानना है कि कोहली का मौजूदा अवतार उस 2016 वाले पीक से भी कहीं ज्यादा परिपक्व और खतरनाक है।

डिविलियर्स ने 'स्पोर्ट्स टुडे' से बातचीत करते हुए कहा कि आज के विराट किसी दबाव या पूर्व-नियोजित रणनीति में बंधे नहीं हैं, बल्कि वे पूरी तरह तनावमुक्त (Relaxed) और बेखौफ होकर अपनी सहज वृत्ति (Instinct) पर खेल रहे हैं।

'अब ज्यादा सोचते नहीं, केवल अपनी प्रतिभा दिखा रहे हैं': डिविलियर्स का बयान

डिविलियर्स ने कोहली के खेल में आए इस मनोवैज्ञानिक बदलाव की व्याख्या करते हुए कहा:

"यह एक बड़ा सवाल है कि क्या यह 2016 से बेहतर है? मुझे लगता है कि यह उनका सबसे बेहतरीन वर्जन है, क्योंकि मैदान के बीच में वह बेहद शांत और पूरी तरह आजाद नजर आ रहे हैं। पहले वह हर गेंद और हालात को लेकर बहुत ज्यादा सोचते और गंभीर होते थे, लेकिन अब वह अपनी अंतरात्मा की आवाज और स्वाभाविक खेल पर भरोसा कर रहे हैं। चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान उनके इस नए अंदाज की हल्की झलक दिखी थी, लेकिन अब उन्होंने खुद को पूरी तरह बंधनमुक्त कर लिया है। विरोधी टीमों के लिए इस बेखौफ विराट को रोकना लगभग नामुमकिन है।"

डिविलियर्स ने आगे कहा कि फैंस अभी उनके इस नए और आक्रामक रूप का केवल ट्रेलर देख रहे हैं, आने वाले दौर में उनकी बल्लेबाजी से और भी बड़े धमाके देखने को मिलेंगे।

आंकड़े भी दे रहे गवाही: स्ट्राइक रेट और आक्रामकता में नया मुकाम

क्रिकेट के रिकॉर्ड्स और आंकड़े भी डिविलियर्स के इस दावे की तस्दीक करते हैं:

  • 2016 से 2018 का दौर: इस अवधि में कोहली ने 66 वनडे मैचों में करीब 98 से 100 के स्ट्राइक रेट से 3,401 रन बनाए थे और पारंपरिक क्लासिकल एंकर की भूमिका निभाते थे।

  • मौजूदा अवतार में बदलाव: हालिया वनडे मुकाबलों में विराट ने अपना रोल पूरी तरह बदल लिया है। वह पहली ही गेंद से गेंदबाजों पर दबाव बनाने की रणनीति अपना रहे हैं, जहां उनका वनडे स्ट्राइक रेट 117 से ऊपर पहुंच गया है।

  • छक्कों और बाउंड्री का नया अंदाज: केवल ग्राउंडेड शॉट्स खेलने वाले कोहली अब स्पिन और पेस दोनों के खिलाफ क्रीज से बाहर निकलकर और स्लॉग-स्वीप के जरिए बाउंड्रीज बटोर रहे हैं।

वेस्टइंडीज के खिलाफ तिरुवनंतपुरम वनडे के बाद खुद विराट कोहली ने भी इस बात का संकेत दिया था कि उन्होंने अपने खेल को एक नए स्तर और नई चुनौती पर ले जाने का फैसला किया है। 37 की उम्र के करीब पहुंचकर भी अपनी फिटनेस, निरंतरता और अब इस नए निडर अंदाज के साथ विराट कोहली ने साबित कर दिया है कि उनका सर्वश्रेष्ठ अभी बाकी है।