टीम इंडिया में लंबी रेस के लिए यशस्वी जायसवाल सीख रहे नई स्किल: मुंबई के कप्तान सिद्धेश लाड ने किया बड़ा खुलासा

टीम इंडिया में लंबी रेस के लिए यशस्वी जायसवाल सीख रहे नई स्किल: मुंबई के कप्तान सिद्धेश लाड ने किया बड़ा खुलासा

भारतीय क्रिकेट टीम के युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से टेस्ट, वनडे और टी20 तीनों प्रारूपों में बेहद कम समय में धाक जमा ली है। लेकिन मॉडर्न क्रिकेट की बदलती मांगों और टीम कॉम्बिनेशन में अपनी उपयोगिता को दोगुना करने के लिए जायसवाल अब एक नई विधा में खुद को तराश रहे हैं। मुंबई की घरेलू टीम के कप्तान सिद्धेश लाड ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया है कि यशस्वी ने नियमित रूप से लेग स्पिन गेंदबाजी पर फोकस करना शुरू कर दिया है।

भारतीय टीम प्रबंधन (गंभीर-रोहित एरा) की यह स्पष्ट नीति रही है कि टॉप ऑर्डर के बल्लेबाजों में से कम से कम एक या दो खिलाड़ियों का गेंदबाजी करना टीम संतुलन के लिए बेहद जरूरी है। यशस्वी इसी रणनीति के तहत नेट्स में घंटों पसीना बहा रहे हैं।

'नेट्स में लंबी गेंदबाजी कर रहे हैं यशस्वी': कप्तान सिद्धेश लाड का बयान

मुंबई के रणजी सत्र और घरेलू मुकाबलों की तैयारियों के दौरान सिद्धेश लाड ने यशस्वी की कार्यशैली और गेंदबाजी के प्रति उनके समर्पण को करीब से देखा है।

लाड ने मीडिया से बातचीत में बताया:

"यशस्वी इस बात को बखूबी समझते हैं कि आज के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में केवल बल्लेबाजी के दम पर लंबे समय तक एकाधिकार बनाए रखना मुश्किल होता है। अगर कोई बल्लेबाज 4 से 5 चुस्त ओवर फेंकने की क्षमता रखता है, तो वह कप्तान के लिए वरदान साबित होता है। यशस्वी अपनी लेग स्पिन को काफी गंभीरता से ले रहे हैं। वह नेट्स पर बल्लेबाजी का सत्र खत्म होने के बाद घंटों तक सही लाइन-लेंथ पर लेग ब्रेक और गुगली फेंकने का अभ्यास करते हैं।"

लाड ने आगे कहा कि यशस्वी के पास गेंदबाजी का स्वाभाविक एक्शन और गेंद को दोनों तरफ घुमाने का अच्छा नियंत्रण है, जो उन्हें किसी भी कप्तान के लिए एक बेहतरीन 'पार्ट-टाइम' से 'रेगुलर विकल्प' बनाता है।

टीम इंडिया की जरूरत: टॉप ऑर्डर में छठे गेंदबाज का संकट

भारतीय टीम लंबे समय से सुरेश रैना, वीरेंद्र सहवाग, सचिन तेंदुलकर और युवराज सिंह जैसे बल्लेबाजों की कमी महसूस करती रही है, जो शीर्ष क्रम में रन बनाने के साथ-साथ बीच के ओवरों में 5-6 किफायती ओवर फेंककर साझेदारी तोड़ने का हुनर रखते थे।

  • संतुलन की मजबूरी: मौजूदा टीम संरचना में शीर्ष क्रम के अधिकांश बल्लेबाज गेंदबाजी नहीं करते, जिसके कारण टीम को गेंदबाजी ऑलराउंडरों पर अत्यधिक निर्भर रहना पड़ता है।

  • गंभीर की रणनीति: टीम इंडिया का थिंक-टैंक चाहता है कि शुभमन गिल और यशस्वी जायसवाल जैसे युवा बल्लेबाज गेंदबाजी का विकल्प दें ताकि विदेशी दौरों पर अतिरिक्त तेज गेंदबाज या विशेषज्ञ बल्लेबाज को प्लेइंग इलेवन में खिलाया जा सके।

घरेलू और जूनियर स्तर पर गेंदबाजी का अनुभव

यह पहली बार नहीं है जब यशस्वी गेंद थाम रहे हैं। अंडर-19 के दिनों में और मुंबई के लिए जूनियर क्रिकेट खेलते समय यशस्वी नियमित रूप से लेग स्पिन गेंदबाजी करते थे:

  • जूनियर क्रिकेट का रिकॉर्ड: अंडर-19 विश्व कप और घरेलू स्तर पर उन्होंने कई मौकों पर महत्वपूर्ण साझेदारियां तोड़ी हैं।

  • वेरिएशंस की मौजूदगी: उनके पास पारंपरिक लेग ब्रेक के अलावा एक सटीक स्लाइडर और तेज गति की फ्लिपर भी है, जो बल्लेबाजों को चकमा देने में सक्षम है।

क्रिकेट जानकारों का मानना है कि यदि यशस्वी अपनी गेंदबाजी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वसनीय बना लेते हैं, तो वह टीम इंडिया के लिए तीनों फॉर्मेट में एक अनिवार्य और अपूरणीय खिलाड़ी (Irreplaceable Player) बन जाएंगे।