यूपी के गोरखपुर में उद्योग लगाने का सुनहरा मौका: लिंक एक्सप्रेसवे के किनारे मिलेंगे 100 से अधिक इंडस्ट्रियल प्लॉट
उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के विजन के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर में औद्योगिक गतिविधियों को नए पंख लग रहे हैं। गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) लिंक एक्सप्रेसवे के किनारे उद्यमियों और कारोबारियों के लिए एक बेहद आकर्षक योजना लेकर आ रहा है। गोरखपुर के धुरियापार औद्योगिक क्षेत्र में लिंक एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ विकसित हो रहे औद्योगिक कॉरिडोर में उद्योग स्थापित करने के लिए 100 से अधिक औद्योगिक भूखंड (Plots) उपलब्ध कराने की तैयारी पूरी कर ली गई है। इस महीने के अंतिम सप्ताह में होने वाली गीडा बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिलते ही भूखंड आवंटन के लिए विस्तृत विज्ञापन और आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
छोटे और मध्यम उद्योगों (MSME) को मिलेगा सबसे बड़ा लाभ
धुरियापार औद्योगिक क्षेत्र में अब तक केयान डिस्टलरी से लेकर अदाणी समूह जैसे बड़े औद्योगिक घरानों को भूमि आवंटित की जा चुकी है। अब गीडा प्रशासन का मुख्य फोकस सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) पर है।
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प्राधिकरण द्वारा 100 से अधिक ऐसे प्लॉट तैयार किए जा रहे हैं जिनका आकार छोटे और मध्यम दर्जे के कारखानों, एग्रो-फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, पैकेजिंग, ऑटो पार्ट्स और प्लास्टिक उत्पाद इकाइयों के अनुकूल होगा।
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इससे स्थानीय स्तर पर स्टार्टअप्स और नए उद्यमियों को अपनी विनिर्माण इकाइयां लगाने के लिए रियायती और सुसज्जित जमीन मिल सकेगी।
50 करोड़ रुपये से चौड़ी होंगी सड़कें और सुधरेगा ड्रेनेज
उद्योगों के सुगम संचालन और लॉजिस्टिक्स को सुगम बनाने के लिए गीडा बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) पर भारी निवेश कर रहा है।
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धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप के विभिन्न सेक्टरों में करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक और चौड़ी सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है।
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इसके तहत आंतरिक संपर्क मार्गों (Internal Arterial Roads) का निर्माण, भारी ट्रकों के आवागमन के अनुकूल मजबूत सड़कें और विश्वस्तरीय जल निकासी (ड्रेनेज) व्यवस्था तैयार की जा रही है, ताकि मानसून में जलभराव की कोई समस्या न आए।
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इसके अतिरिक्त बिजली सब-स्टेशन, स्ट्रीट लाइट, जलापूर्ति और फायर फाइटिंग नेटवर्क जैसी बुनियादी सुविधाएं पहले ही फेज में विकसित की जा रही हैं।
कनेक्टिविटी का जबरदस्त फायदा: सीधे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ाव
इस औद्योगिक क्षेत्र की सबसे बड़ी खासियत इसकी भौगोलिक स्थिति और एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी है:
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यह पूरा कॉरिडोर 91 किलोमीटर लंबे गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ा हुआ है।
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इस लिंक एक्सप्रेसवे के जरिए उद्यमी सीधे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और वहां से आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे होते हुए दिल्ली-एनसीआर तक बिना किसी रुकावट के अपने उत्पाद पहुंचा सकेंगे।
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नेपाल सीमा और बिहार के नजदीक होने के कारण यहां स्थापित होने वाले उद्योगों को विशाल घरेलू और सीमांत बाजार का सीधा लाभ मिलेगा।
युवाओं के लिए रोजगार और पूर्वांचल का कायाकल्प
गीडा के अधिकारियों के अनुसार, इन 100 से अधिक औद्योगिक भूखंडों के आवंटन और फैक्ट्रियों के शुरू होने से क्षेत्र में सैकड़ों करोड़ रुपये का नया निजी निवेश आएगा। इससे स्थानीय स्तर पर हजारों कुशल और अकुशल युवाओं को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। ट्रांसपोर्ट, वेयरहाउसिंग, पैकेजिंग और खान-पान जैसे सहयोगी सेवा क्षेत्रों में भी तेजी से उछाल आने की उम्मीद है। गीडा इस महीने के अंत तक 'पहले आओ, पहले पाओ' या ई-नीलामी प्रणाली के तहत ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से इन भूखंडों के आवंटन की प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है।