आगरा मेट्रो का दायरा बढ़ा: ताजमहल से सीधे ISBT तक दौड़ेगी ट्रेन, 5 नए स्टेशनों को मिली हरी झंडी

आगरा मेट्रो का दायरा बढ़ा: ताजमहल से सीधे ISBT तक दौड़ेगी ट्रेन, 5 नए स्टेशनों को मिली हरी झंडी

ताजनगरी आगरा के बाशिंदों और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए शहरी परिवहन को लेकर एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। आगरा मेट्रो रेल परियोजना के तहत पहले कॉरिडोर के विस्तार को शासन और मेट्रो रेल संरक्षा आयुक्त (CMRS) से आवश्यक मंजूरी मिल गई है। अब तक आगरा मेट्रो का संचालन प्रायॉरिटी कॉरिडोर के पहले चरण यानी ताज पूर्वी गेट से मनकामेश्वर मंदिर स्टेशन तक ही सीमित था। इस नए विस्तार के साथ ही मेट्रो ट्रेन मनकामेश्वर से आगे बढ़ते हुए सीधे अंतर्राज्यीय बस अड्डे (ISBT) तक फर्राटा भरती नजर आएगी। इस विस्तार से न केवल शहर की प्रमुख लाइफलाइन एमजी रोड पर लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी, बल्कि स्थानीय लोगों, छात्रों और मरीजों को भी वातानुकूलित और तेज सफर का सीधा लाभ मिलेगा।

ये 5 नए स्टेशन जुड़ेंगे नेटवर्क से: अस्पताल, कॉलेज और बस टर्मिनल की राह होगी आसान

आगरा मेट्रो के इस नए विस्तारित खंड में पांच प्रमुख स्टेशनों को शामिल किया गया है। इनमें एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा कॉलेज, राजा की मंडी, आरबीएस कॉलेज और आईएसबीटी (ISBT) स्टेशन शामिल हैं। ये सभी स्टेशन शहर के सबसे व्यस्ततम और संवेदनशील इलाकों को आपस में जोड़ते हैं। एसएन मेडिकल कॉलेज स्टेशन के शुरू होने से दूर-दराज से आने वाले तीमारदारों और मरीजों को अस्पताल तक पहुंचने में सीधी सहूलियत होगी। वहीं आगरा कॉलेज और आरबीएस कॉलेज के जुड़ने से रोजाना हजारों की संख्या में आने वाले छात्र-छात्राओं का समय बचेगा। राजा की मंडी स्टेशन जहां रेलवे स्टेशन और व्यस्त व्यापारिक बाजार को जोड़ेगा, वहीं आईएसबीटी स्टेशन से अंतर्राज्यीय बस सेवा पकड़ने वाले यात्रियों को निर्बाध कनेक्टिविटी मिलेगी।

हाई-स्पीड और एंटी-कोलिजन सिस्टम का हुआ सफल ट्रायल: सुरक्षा को मिली हरी झंडी

इस पूरे कॉरिडोर पर यात्री सेवाएं बहाल करने से पहले सुरक्षा और तकनीक का कड़ा परीक्षण किया गया है। मेट्रो रेल संरक्षा आयुक्त की देखरेख में कम्युनिकेशन बेस्ड ट्रेन कंट्रोल (CBTC) और ऑटोमैटिक ट्रेन ऑपरेशन (ATO) प्रणालियों को बारीकी से परखा गया। परीक्षण के दौरान ट्रैक पर 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दो ट्रेनों को एक ही ट्रैक पर आमने-सामने लाकर संभावित टक्कर जैसी आपात स्थिति बनाई गई। इस परीक्षण में बिना ऑपरेटर के हस्तक्षेप के ऑटोमैटिक ब्रेक लग गए और ट्रेनें सुरक्षित दूरी पर रुक गईं। इसके अलावा ट्रैक, सिग्नलिंग, पावर सप्लाई, टेलीकॉम, लिफ्ट, एस्केलेटर और फायर फाइटिंग सिस्टम का कई बार स्पीड व लोड टेस्ट किया गया, जिसके बाद ही अंतिम सुरक्षा एनओसी जारी की गई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शुभारंभ के लिए मांगा समय: जल्द घोषित होगी तारीख

सुरक्षा संबंधी सभी मंजूरियां और दस्तावेज केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय को भेजे जाने के बाद अब उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) उद्घाटन की तैयारियों में जुट गया है। नए स्टेशनों के औपचारिक लोकार्पण के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से समय मांगा गया है। आगरा में प्रस्तावित आगामी कार्यक्रमों के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्चुअल या प्रत्यक्ष रूप से इस विस्तारित सेवा को हरी झंडी दिखाए जाने की संभावना जताई जा रही है। आधिकारिक तारीख तय होते ही आम यात्रियों के लिए टिकट खिड़कियां और ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन गेट खोल दिए जाएंगे।

सिकंदरा तक पहुंचेगी लाइन: 14 किलोमीटर का पूरा पहला कॉरिडोर जल्द होगा तैयार

आईएसबीटी तक मेट्रो के संचालन के साथ ही कॉरपोरेशन ने आगे के काम को भी तेज गति से बढ़ा दिया है। पहले कॉरिडोर के अंतिम छोर पर स्थित 'गुरु का ताल' और 'सिकंदरा' स्टेशनों पर सिविल निर्माण और फिनिशिंग का काम अंतिम चरण में चल रहा है। इन दोनों स्टेशनों के जुड़ते ही 14 किलोमीटर लंबा पूरा पहला कॉरिडोर (सिकंदरा से ताज पूर्वी गेट) बनकर तैयार हो जाएगा। इससे सिकंदरा तिराहे से ताज पूर्वी गेट तक का 14 किलोमीटर का सफर महज 28 मिनट में पूरा किया जा सकेगा, जिसमें वर्तमान में सड़क मार्ग से घंटों का समय लगता है। शहर के ऐतिहासिक और आधुनिक केंद्रों को जोड़ने वाला यह नेटवर्क ताजनगरी के पब्लिक ट्रांसपोर्ट की तस्वीर को पूरी तरह बदल देगा।