रामपुर जेल पहुंचे अखिलेश यादव: आजम खान के बड़े बेटे अदीब के कंधे पर हाथ रख कारागार में ली एंट्री

रामपुर जेल पहुंचे अखिलेश यादव: आजम खान के बड़े बेटे अदीब के कंधे पर हाथ रख कारागार में ली एंट्री

उत्तर प्रदेश की सियासत में हलचल पैदा करते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव 22 अक्टूबर को रामपुर जिला कारागार पहुंचे, जहां उन्होंने पार्टी के संस्थापक सदस्य व पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान से मुलाकात की। रामपुर जेल परिसर में दाखिल होते समय एक भावुक और राजनीतिक रूप से अहम तस्वीर देखने को मिली, जब अखिलेश यादव आजम खान के बड़े बेटे अदीब खान के कंधे पर हाथ रखे हुए कारागार के मुख्य द्वार से अंदर गए। दोनों नेताओं के बीच जेल की सलाखों के पीछे लगभग एक घंटे तक एकांत में बातचीत हुई, जिसमें कानूनी लड़ाई, पारिवारिक हालचाल और आगामी विधानसभा चुनावों के राजनीतिक समीकरणों पर गहन मंथन हुआ।

जेल में 1 घंटे तक चला संवाद, फिर आवास पर तजीन फातिमा से मिले अखिलेश

तय कार्यक्रम के मुताबिक, अखिलेश यादव निजी हेलीकॉप्टर से बरेली होते हुए रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय परिसर में बने हेलीपैड पर उतरे। वहां से वे सीधे रामपुर जिला कारागार पहुंचे। जेल में आजम खान के साथ करीब एक घंटे की लंबी वार्ता समाप्त करने के बाद अखिलेश यादव जेल रोड स्थित आजम खान के आवास पर पहुंचे। वहां उन्होंने आजम खान की पत्नी व पूर्व सांसद डॉ. तंजीन फातिमा, बेटे अदीब खान और अन्य परिजनों से मुलाकात कर उन्हें हर स्तर पर पार्टी की ओर से पूरा समर्थन और सहयोग देने का भरोसा दिलाया।

'PDA और सामाजिक न्याय ही 2027 का रास्ता': जेल से निकलकर अखिलेश का वार

जेल से बाहर आने के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि आजम खान और उनके परिवार को राजनीतिक दुर्भावना के चलते झूठे मुकदमों में फंसाया गया है और परेशान किया जा रहा है। अखिलेश ने कहा, "आपने 2024 के लोकसभा चुनावों के नतीजे देख लिए हैं। 2027 के विधानसभा चुनाव में हमारा पूरा फोकस PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक), सामाजिक न्याय और सच्चाई पर होगा। सच यह है कि जौहर यूनिवर्सिटी जैसे संस्थान पीडीए समुदाय को शिक्षा और तरक्की की राह दिखाने के लिए बनाए गए थे, जिसे मौजूदा सत्ता निशाना बना रही है।"

पश्चिमी यूपी के समीकरण और ओवैसी के हमलों के बीच अहम कदम

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अखिलेश यादव का यह रामपुर दौरा महज एक शिष्टाचार मुलाकात नहीं, बल्कि एक सोची-समझी सियासी रणनीति का हिस्सा है। पिछले दिनों एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और आजाद समाज पार्टी के मुखिया चंद्रशेखर आजाद द्वारा रामपुर में रैलियां कर आजम खान की अनदेखी को लेकर सपा पर तीखे आरोप लगाए जा रहे थे। ओवैसी ने 'अब्दुल अब दरी नहीं बिछाएगा' का नारा देकर मुस्लिम वोट बैंक में सेंध लगाने की पुरजोर कोशिश की थी। ऐसे में अखिलेश यादव द्वारा आजम के बड़े बेटे अदीब खान को साथ लेकर जेल जाना और परिजनों से सीधा संवाद स्थापित करना, पश्चिमी यूपी और रूहेलखंड में सपा के पारंपरिक मुस्लिम-यादव कोर वोट बैंक को एकजुट रखने का बड़ा संदेश माना जा रहा है।