'समाजवादी शिक्षा के घोषित दुश्मन, पूरी व्यवस्था की ऐसी-तैसी कर दी'; सपा पर बरसे सीएम योगी

'समाजवादी शिक्षा के घोषित दुश्मन, पूरी व्यवस्था की ऐसी-तैसी कर दी'; सपा पर बरसे सीएम योगी

उत्तर प्रदेश में चुनावी माहौल के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। बेसिक व माध्यमिक शिक्षा के क्षेत्र में हुए सुधारों और नवनियुक्त शिक्षकों से जुड़े एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि तथाकथित 'समाजवादी' वास्तव में शिक्षा व्यवस्था के घोषित दुश्मन हैं। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सपा सरकारों ने अपने राजनीतिक हितों और भाई-भतीजावाद के चलते उत्तर प्रदेश की पूरी शिक्षा व्यवस्था की "ऐसी-तैसी" कर दी थी। उन्होंने कहा कि उस दौर में बेसिक स्कूलों को बंद होने की कगार पर पहुंचा दिया गया था और बोर्ड परीक्षाओं में नकल माफिया का खुला राज चलता था, जिससे प्रदेश के मेधावी युवाओं के भविष्य पर पहचान का गहरा संकट खड़ा हो गया था।

'सपा शासन में स्कूल थे बदहाल, बच्चों के पास नहीं थीं बुनियादी सुविधाएं'

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 से पहले के प्राथमिक शिक्षा परिदृश्य की तुलना करते हुए कहा कि सपा सरकार के दौरान सरकारी प्राथमिक स्कूल उपेक्षा और भ्रष्टाचार का केंद्र बने हुए थे:

  • जर्जर भवन और बुनियादी अभाव: सीएम ने कहा कि पहले बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों की छतें टपकती थीं, चहारदीवारी गायब थी और न तो बच्चों के लिए शुद्ध पेयजल था और न ही बालिकाओं के लिए अलग शौचालय की व्यवस्था।

  • बच्चों की उपेक्षा: उन्होंने कहा कि उस समय बच्चे कड़ाके की ठंड में नंगे पांव और फटे कपड़ों में स्कूल आने को मजबूर थे। बजट का बंदरबांट होता था और समय पर न तो यूनिफॉर्म मिलती थी और न ही पाठ्यपुस्तकें।

  • शिक्षकों की भारी कमी: योग्य शिक्षकों की पारदर्शी भर्ती के बजाय विवादित और कोर्ट-कचहरी में लटकने वाली प्रक्रियाएं अपनाई जाती थीं, जिससे स्कूलों में पठन-पाठन पूरी तरह ठप हो गया था।

'नकल माफिया को दिया था सत्ता का खुला संरक्षण'

माध्यमिक और उच्च शिक्षा पर बोलते हुए सीएम योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी के शासन में नकल को उद्योग बना दिया गया था। यूपी बोर्ड की परीक्षाओं में ठेके पर नकल कराई जाती थी और अन्य राज्यों से लोगों को फर्जी डिग्रियों के लिए लाया जाता था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस नकल माफिया के फलने-फूलने का खामियाजा यूपी के ईमानदार और होनहार छात्रों को भुगतना पड़ा। जब यहां के छात्र बाहर किसी प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय या नौकरी के लिए इंटरव्यू देने जाते थे, तो यूपी बोर्ड की मार्कशीट देखकर ही उन्हें संदेह की नजरों से देखा जाता था। उन्होंने कहा कि सपा ने अपने स्वार्थ के लिए उत्तर प्रदेश के युवाओं की साख को कलंकित करने का काम किया था।

'ऑपरेशन कायाकल्प से बदली 1.35 लाख से अधिक स्कूलों की सूरत'

मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में किए गए बुनियादी बदलावों को रेखांकित करते हुए कहा कि 2017 के बाद शिक्षा की तस्वीर पूरी तरह बदल दी गई है:

  • ऑपरेशन कायाकल्प: प्रदेश के 1 लाख 35 हजार से अधिक प्राथमिक विद्यालयों को आधुनिक सुविधाओं, स्मार्ट क्लास, टाइल्स, शुद्ध पेयजल, बालक-बालिका शौचालयों और खेल के मैदानों से सुसज्जित किया गया है।

  • डीबीटी (DBT) से सीधे बैंक खाते में पैसा: अब बिचौलियों की व्यवस्था को समाप्त कर छात्रों के अभिभावकों के बैंक खातों में यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, स्वेटर और स्कूल बैग के लिए डीबीटी के जरिए सीधे ₹1200 की राशि भेजी जा रही है।

  • नकल विहीन परीक्षाएं: यूपी बोर्ड की परीक्षाओं को सीसीटीवी कैमरों, वेबकास्टिंग और एसटीएफ (STF) की निगरानी में नकल विहीन बनाया गया। नकल कराने वालों पर एनएसए (NSA) और गैंगस्टर एक्ट जैसी सख्त कानूनी कार्रवाई की गई।

  • पारदर्शी शिक्षक भर्तियां: 1.5 लाख से अधिक बेसिक और माध्यमिक शिक्षकों की पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से भर्ती कर युवाओं को मेरिट के आधार पर नियुक्तियां दी गईं।

'गरीब के बच्चे को कॉन्वेंट स्तर की मुफ्त शिक्षा देना ही हमारा संकल्प'

सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार अब हर मंडल में 'अटल आवासीय विद्यालय' संचालित कर रही है, जहां पंजीकृत श्रमिकों और कोरोना काल में अनाथ हुए बच्चों को कॉन्वेंट स्तर की आवासीय शिक्षा, खेल और रहने की सुविधाएं पूरी तरह मुफ्त दी जा रही हैं। इसके अलावा हर ब्लॉक स्तर पर 'पीएम श्री' और 'मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट स्कूल' खोले जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि समाजवाद का नारा लगाने वालों ने केवल अपने परिवार का विकास किया, जबकि वर्तमान सरकार बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के "शिक्षित बनो" के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए गरीब, शोषित और वंचित वर्ग के बच्चों को आधुनिक व तकनीकी शिक्षा से जोड़ने का काम कर रही है।