'कोई सीट नहीं मांगी, सिर्फ सुझाव दिए हैं'; रामपुर जेल में आजम खान से मुलाकात के बाद बोले अखिलेश यादव
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को रामपुर जिला कारागार में बंद पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खान से मुलाकात की। जेल परिसर में दोनों नेताओं के बीच करीब 45 मिनट तक चली इस वार्ता को लेकर प्रदेश के सियासी हलकों में टिकट बंटवारे और सीटों की दावेदारी को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। हालांकि, जेल से बाहर आने के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत में सपा प्रमुख ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी। अखिलेश यादव ने कहा, "आजम खान साहब ने कोई सीट नहीं मांगी है। उन्होंने सिर्फ संगठन और परिस्थितियों को लेकर कुछ सुझाव दिए हैं, जिन्हें मैंने ले लिया है। हमारी और उनकी बातचीत बहुत अच्छी रही है। वे पूरी तरह स्वस्थ हैं और उम्मीद करता हूं कि वे जल्द बाहर आएं और उन्हें न्याय मिले।"
'आजम थे, आजम हैं और आजम रहेंगे': अन्याय के आरोपों पर सरकार को घेरा
मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने भावुक और आक्रामक तेवर अपनाते हुए कहा, "मैं आदरणीय आजम खान साहब से मिलकर लौट रहा हूं। आजम थे, आजम हैं और आजम रहेंगे। देश में किसी भी राजनीतिक परिवार ने उतना अन्याय और उत्पीड़न नहीं झेला है, जितना आजम खान के परिवार ने सहन किया है।" उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने राजनीतिक बदले की भावना से उन पर दर्जनों फर्जी मुकदमे थोपे और पूरे परिवार को जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया। अखिलेश ने कहा कि किसी विश्वविद्यालय को बंद करने या बर्बाद करने की इतनी घटिया साजिश इतिहास में कभी नहीं देखी गई, लेकिन झूठ की बुनियाद पर खड़े मुकदमों में इतनी ताकत नहीं है कि वे सच को हमेशा के लिए कैद रख सकें।
'रामपुर में कुचली गई राम राज्य की भावना': रावण का उदाहरण देकर तंज
सपा प्रमुख ने सरकार के राम राज्य के दावों पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि जिस रामपुर का नाम ही भगवान 'राम' से जुड़ा है, वहीं राम राज्य की मूल भावना का गला घोंटा गया है। उन्होंने पौराणिक प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि रावण ने भी माता सीता का हरण करने के लिए केवल एक दिन के लिए साधु का भेष बदला था, लेकिन यहां तो कई वर्षों से भेष बदलकर जनता और विपक्ष के साथ छल किया जा रहा है। अखिलेश ने कहा कि जनता सत्ता के इस अत्याचार को बहुत करीब से देख रही है और लोकतांत्रिक तरीके से इसका माकूल जवाब देगी।
टिकट और गुटबाजी की अटकलों पर विराम: एकजुटता का संदेश
राजनीतिक जानकारों का मानना था कि रामपुर में मौजूदा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी और आजम खान के समर्थकों के बीच खींचतान के चलते आजम खान आगामी विधानसभा चुनावों के लिए अपने करीबियों के लिए कुछ विशेष सीटों की मांग कर सकते हैं। लेकिन अखिलेश यादव के 'कोई सीट नहीं मांगी' वाले बयान ने पार्टी के भीतर किसी भी तरह के दबाव या सौदेबाजी की चर्चाओं को पूरी तरह खारिज कर दिया है। अखिलेश ने स्पष्ट संदेश दिया कि यह मुलाकात राजनीतिक सौदेबाजी के लिए नहीं, बल्कि वरिष्ठ साथी का हालचाल जानने और उनके राजनीतिक अनुभवों के आधार पर सुझाव लेने के लिए थी।
जौहर विवि में स्वागत, फिर आजम के परिजनों से मिले अखिलेश
इससे पूर्व, दोपहर करीब 1:30 बजे अखिलेश यादव का हेलीकॉप्टर मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय परिसर में बने हेलीपैड पर उतरा। वहां आजम खान की पत्नी व पूर्व सांसद डॉ. तंजीन फातिमा, उनके बड़े बेटे अदीब खान और सपा के स्थानीय पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद अखिलेश यादव अदीब के साथ कार से रामपुर जिला जेल पहुंचे। जेल में आजम खान से लंबी बातचीत करने के बाद सपा प्रमुख सीधे जेल रोड स्थित आजम खान के आवास पहुंचे, जहां उन्होंने परिवार के अन्य सदस्यों से मिलकर उन्हें पार्टी के अटूट समर्थन का भरोसा दिलाया।