जनसेवा एक्सप्रेस में सांप निकलने से मची चीख-पुकार, यात्रियों में मचा हड़कंप
बनमनखी से अमृतसर जा रही जनसेवा एक्सप्रेस में उस वक्त बड़ा हड़कंप मच गया जब चलती ट्रेन के सामान्य डिब्बे में यात्रियों को एक जिंदा सांप रेंगता हुआ दिखाई दिया। कोच में बैठे यात्रियों की नजर जैसे ही सीट के नीचे फुफकारते सांप पर पड़ी, पूरे डिब्बे में चीख-पुकार मच गई। खचाखच भरे जनरल कोच में लोग डर के मारे सीटों और बर्थों के ऊपर चढ़ गए और अपनी जान बचाने के लिए एक-दूसरे को धक्का देते हुए डिब्बे के दूसरे छोर की ओर भागने लगे।
सफर कर रहे यात्रियों ने बिना देर किए तुरंत रेलवे सुरक्षा हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दी और ऑन-ड्यूटी टीटीई व रेलवे कंट्रोल रूम को इस खौफनाक मंजर से अवगत कराया। चलती ट्रेन में सांप होने की खबर मिलते ही रेलवे प्रशासन, आरपीएफ (RPF) और जीआरपी (GRP) के अधिकारियों के बीच सनसनी फैल गई। अगले स्टेशन पर ट्रेन के रुकने तक सुरक्षा दलों को अलर्ट मोड पर डाल दिया गया ताकि किसी भी संभावित अनहोनी या भगदड़ से यात्रियों को सुरक्षित रखा जा सके।
RPF का तत्काल ऐक्शन: चलती ट्रेन में घेराबंदी कर पकड़े गए 6 सपेरे
यात्री की सूचना पर कंट्रोल रूम के निर्देशानुसार रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की टीम ने अगले ठहराव पर ट्रेन के पहुंचते ही संबंधित कोच को चारों तरफ से घेर लिया। सुरक्षा कर्मियों ने कोच में गहन तलाशी अभियान चलाया और तत्परता दिखाते हुए सांप के साथ यात्रा कर रहे 6 सपेरों को रंगे हाथों धर दबोचा। पकड़े गए आरोपियों के पास से पिटारी और थैलों में रखे सांप बरामद किए गए, जिन्हें देखकर अन्य यात्री भी हैरान रह गए।
पूछताछ में पता चला कि ये सपेरे त्योहारों और भीड़भाड़ का फायदा उठाकर जनरल डिब्बों में बिना अनुमति चढ़े थे। वे यात्रियों को सांप दिखाकर डरा रहे थे और उनसे जबरन पैसे ऐंठने और भीख मांगने का काम कर रहे थे। इसी दौरान उनकी एक टोकरी से सांप बाहर निकल आया और फर्श पर रेंगने लगा, जिससे कोच में जानलेवा भगदड़ जैसी नौबत बन गई थी। आरपीएफ ने सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर उनके सामान और सांपों को अपने कब्जे में ले लिया।
वन विभाग को सौंपी गई सांपों की कस्टडी, आरोपियों पर रेलवे एक्ट की धाराएं दर्ज
आरपीएफ पोस्ट पर सभी आरोपियों को उतारने के बाद स्थानीय वन विभाग की रेस्क्यू टीम को तुरंत मौके पर बुलाया गया। वन कर्मियों ने सावधानीपूर्वक सांपों की जांच की और उन्हें सुरक्षित तरीके से विशेष डिब्बों में रखकर प्राकृतिक पर्यावास में छोड़ने के लिए अपने साथ ले गए। वन अधिकारियों ने पुष्टि की कि समय रहते कार्रवाई होने से किसी भी यात्री को सांप ने डसा नहीं और बड़ा हादसा टल गया।
रेलवे सुरक्षा बल ने पकड़े गए सभी 6 आरोपियों के खिलाफ रेलवे अधिनियम की विभिन्न गैर-जमानती और दंडात्मक धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। चलती ट्रेन में खतरनाक और प्रतिबंधित वन्यजीवों को ले जाने, यात्रियों के जीवन को संकट में डालने, कोच में अशांति फैलाने और अनाधिकृत रूप से प्रवेश कर जबरन वसूली करने के आरोपों में कानूनी कार्रवाई की जा रही है। आरोपियों को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
ट्रेनों में खतरनाक जीव और अनाधिकृत प्रवेश पर रेलवे सख्त
इस चौंकाने वाली घटना के बाद पूर्व मध्य रेलवे और उत्तर रेलवे के सुरक्षा प्रभाग ने सभी प्रमुख ट्रेनों में अनाधिकृत तत्वों के प्रवेश पर सख्ती बढ़ा दी है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ट्रेनों में विस्फोटक, ज्वलनशील पदार्थ, हथियार या किसी भी प्रकार के विषैले व खतरनाक जीव-जंतुओं को ले जाना कानूनन गंभीर अपराध है। त्योहारों के मौसम में अक्सर ऐसे गिरोह जनरल बोगियों में सक्रिय हो जाते हैं, जिन पर लगाम लगाने के लिए अब सादे कपड़ों में भी सुरक्षा बल गश्त करेंगे।
रेलवे प्रशासन ने आम यात्रियों से अपील की है कि सफर के दौरान यदि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति, भिखारी, या अनाधिकृत वेंडर डिब्बे में दिखे या कोई असामान्य वस्तु नजर आए, तो तुरंत 'रेल मदद' ऐप अथवा 139 हेल्पलाइन पर संपर्क करें। किसी भी स्थिति में कानून को हाथ में न लें और न ही घबराकर चलती ट्रेन से कूदने का प्रयास करें, ताकि सुरक्षा बल समय रहते उचित कदम उठा सकें।