'कन्नौज की जनता ने अखिलेश यादव को सांसद चुनकर बड़ी भूल कर दी'; सपा कार्यकारिणी भंग होने पर योगी सरकार के मंत्री असीम अरुण का तीखा हमला

'कन्नौज की जनता ने अखिलेश यादव को सांसद चुनकर बड़ी भूल कर दी'; सपा कार्यकारिणी भंग होने पर योगी सरकार के मंत्री असीम अरुण का तीखा हमला

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कन्नौज सांसद अखिलेश यादव के गृह क्षेत्र में पीडीए सम्मेलन के दौरान खाली पड़ी कुर्सियों का विवाद अब और गरमा गया है। भीड़ न जुटने से नाराज सपा प्रदेश नेतृत्व द्वारा कन्नौज जिलाध्यक्ष कलीम खान समेत पूरी जिला कार्यकारिणी और सभी फ्रंटल संगठनों को भंग किए जाने के बाद, योगी सरकार के समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और कन्नौज सदर विधायक असीम अरुण ने अखिलेश यादव पर तीखा प्रहार किया है। असीम अरुण ने कहा कि कन्नौज की जनता ने अखिलेश यादव को सांसद चुनकर बहुत बड़ी भूल कर दी थी, और अब यहां की जनता को अपनी इस चूक का पूरा अहसास हो चुका है।

'पीडीए सिर्फ सत्ता हासिल करने की सीढ़ी, जनता समझ चुकी है सच': असीम अरुण

मंत्री असीम अरुण ने कन्नौज के घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी का 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) का नारा केवल सत्ता हासिल करने की एक सीढ़ी है। उन्होंने कहा कि सपा के पीडीए सम्मेलन में कुर्सियों का खाली रहना यह साफ दर्शाता है कि जनता के बीच उनके समर्थन में भारी गिरावट आ चुकी है। असीम अरुण ने कहा, "अखिलेश यादव ने कन्नौज से चुनाव जीतकर संसद की राह तो पकड़ ली, लेकिन जीतने के बाद वे क्षेत्र की जनता और विकास कार्यों से पूरी तरह कट गए। कन्नौज की जनता ने जिन उम्मीदों के साथ उन्हें चुना था, वे सब धरी की धरी रह गईं। खाली कुर्सियां इस बात का प्रमाण हैं कि स्थानीय लोग अब सपा के झांसे में आने वाले नहीं हैं।"

'कार्यकारिणी भंग करने से नहीं, नीति और नीयत बदलने से होगा सुधार'

सपा नेतृत्व द्वारा जिलाध्यक्ष समेत पूरी कमेटी को तत्काल प्रभाव से भंग किए जाने की कार्रवाई पर भी मंत्री असीम अरुण ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि अपनी विफलताओं और जनता की नाराजगी का ठीकरा स्थानीय पदाधिकारियों के सिर फोड़ना समाजवादी पार्टी की पुरानी आदत है। असीम अरुण ने कहा कि संगठन या कार्यकारिणी भंग करने से कुछ नहीं बदलने वाला, इसके लिए सपा को अपनी 'नीति और नीयत' बदलनी होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा जब सत्ता में रहती है तो केवल अराजकता और भाई-भतीजावाद को बढ़ावा देती है और विपक्ष में रहकर जनता को गुमराह करने की कोशिश करती है।

कन्नौज सदर में भाजपा की मजबूत घेराबंदी

कन्नौज सीट से खुद विधायक होने के नाते असीम अरुण स्थानीय स्तर पर अखिलेश यादव और सपा संगठन के खिलाफ लगातार मुखर रहे हैं। जहां अखिलेश यादव कन्नौज से लोकसभा सांसद हैं, वहीं जिले के कई विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा का मजबूत आधार है। असीम अरुण ने दोहराया कि योगी सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति, पारदर्शी कल्याणकारी योजनाओं और कानून-व्यवस्था के चलते समाज का हर वर्ग—विशेषकर पिछड़ा और वंचित समाज—अब भाजपा के साथ खड़ा है।

2027 से पहले कन्नौज बना राजनीतिक अखाड़ा

कन्नौज में सपा के पीडीए सम्मेलन के फ्लॉप होने के बाद भाजपा और एनडीए खेमे ने इसे सपा के खिलाफ बड़ा मुद्दा बना लिया है। पूर्व सांसद सुब्रत पाठक की चुनौती और कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर के तंज के बाद अब असीम अरुण के इस बयान ने जिले में सियासी पारा और चढ़ा दिया है। कन्नौज को सपा का पारंपरिक गढ़ माना जाता रहा है, लेकिन अपने ही घर में सम्मेलन के दौरान खाली कुर्सियों की तस्वीरों और उस पर शुरू हुई बयानबाजी ने आगामी विधानसभा चुनावों से पहले सपा के लिए असहज स्थिति पैदा कर दी है।