प्रेमानंद महाराज की जान को खतरा, Z+ सुरक्षा मिले: CM योगी को चिट्ठी, आश्रम में गुटबाजी की जांच की मांग
वृंदावन के विख्यात संत पूज्य प्रेमानंद महाराज और उनके राधा केली कुंज आश्रम से जुड़े हालिया घटनाक्रमों के बीच अब उनकी सुरक्षा को लेकर बड़ी मांग उठ खड़ी हुई है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष एवं प्रमुख हिंदूवादी नेता दिनेश शर्मा 'फलाहारी महाराज' ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक विस्तृत पत्र भेजकर संत प्रेमानंद महाराज की जान को गंभीर खतरा बताया है। उन्होंने सरकार से अपील की है कि पूज्य महाराज को तत्काल प्रभाव से Z+ (जेड प्लस) सुरक्षा मुहैया कराई जाए और आश्रम की गतिविधियों की निष्पक्ष व उच्चस्तरीय प्रशासनिक जांच सुनिश्चित की जाए।
आश्रम में दो गुटों का दावा और भू-माफियाओं की सक्रियता के आरोप
मुख्यमंत्री को प्रेषित अपने पत्र में दिनेश फलाहारी ने आरोप लगाया है कि राधा केली कुंज आश्रम में शिष्यों के बीच आपसी वर्चस्व और गुटबाजी बढ़ गई है। उन्होंने दावा किया कि आश्रम की व्यवस्थाओं में कथित तौर पर जमीनों का कारोबार करने वाले और संदिग्ध प्रवृत्ति के लोग सक्रिय हो चुके हैं। उनका कहना है कि कुछ लोग पूज्य संत के नाम और प्रभाव का दुरुपयोग कर रहे हैं, जिससे न केवल आश्रम की आध्यात्मिक साख को ठेस पहुंच रही है बल्कि स्वयं प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है। पत्र में यह भी आरोप लगाया गया कि इन आंतरिक विवादों और गतिविधियों से व्यथित होकर महाराज कुछ समय के लिए बेलवन आश्रम चले गए थे।
CCTV फुटेज सुरक्षित रखने और सेवादारों के पुलिस वेरिफिकेशन की मांग
न्यास अध्यक्ष ने आश्रम और उसके आसपास की परिस्थितियों की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कई कड़े कदम उठाने की मांग रखी है:
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CCTV फुटेज का संरक्षण: राधा केली कुंज आश्रम और संबंधित परिसरों के सभी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को साक्ष्य के तौर पर सुरक्षित रखवाया जाए ताकि किसी भी जांच में मदद मिल सके।
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सेवादारों का सत्यापन: आश्रम में रहने वाले और सेवा देने वाले सभी सेवादारों का अनिवार्य रूप से पुलिस वेरिफिकेशन कराया जाए।
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संपत्तियों की जांच: यमुना खादर और आसपास के क्षेत्रों में आश्रम के नाम पर हो रही कथित जमीन खरीद-फरोख्त और संपत्तियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
शिष्य की मौत और लापता बच्चों के विवाद के बाद बढ़ा तनाव
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से राधा केली कुंज आश्रम कई वजहों से चर्चा और तनाव के केंद्र में रहा है। कुछ दिन पूर्व आश्रम के एक युवा शिष्य (रसिक दुलारी) की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद मामला गरमा गया था, जिसकी पुलिस विस्तृत जांच कर रही है। इसी बीच कुछ परिजनों द्वारा बच्चों के गायब होने के आरोप लगाते हुए आश्रम के बाहर प्रदर्शन किया गया था। हालांकि, पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए लापता बताए गए युवकों (अनुज और मयंक) को सकुशल बरामद कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।
आश्रम ने की अफवाहों से बचने की अपील, धरना-प्रदर्शन हुआ निरस्त
इधर विवादों के बीच आश्रम के समर्थकों द्वारा रविवार शाम को प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन का कार्यक्रम भी निरस्त कर दिया गया। आश्रम के वरिष्ठ संतों और पदाधिकारियों ने एक बैठक के बाद वीडियो संदेश जारी कर स्पष्ट किया कि प्रेमानंद महाराज किसी भी प्रकार के धरने, प्रदर्शन या भीड़ एकत्र करने के सख्त खिलाफ हैं और सभी से शांति व संयम बनाए रखने का आग्रह किया गया है। आश्रम ट्रस्ट ने पहले ही बयान जारी कर साफ किया है कि वे किसी भी कानूनी प्रक्रिया में पुलिस प्रशासन को पूरा सहयोग दे रहे हैं और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही मनगढ़ंत अफवाहों पर ध्यान न दें।