दशहरा, दिवाली और छठ पर 24 घंटे जगमग रहेगा यूपी, योगी सरकार का बड़ा फैसला
त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ ही उत्तर प्रदेश में रोशनी का उत्सव फीका न पड़े, इसके लिए राज्य सरकार और पावर कॉरपोरेशन ने कमर कस ली है। नवरात्रि, विजयादशमी, करवाचौथ, धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भैयादूज और आस्था के महापर्व छठ पूजा तक पूरे प्रदेश में बिना किसी रुकावट के बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का व्यापक खाका तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देशों के बाद उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) के शीर्ष प्रबंधन ने सभी डिस्काम (वितरण कंपनियों) को अलर्ट मोड पर डाल दिया है। इस फैसले का सीधा असर प्रदेश के करीब 25 करोड़ नागरिकों और करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं पर पड़ेगा, जिन्हें अब त्योहारों के दौरान लोकल फॉल्ट या ट्रिपिंग की समस्या से जूझना नहीं पड़ेगा। त्योहारों पर घरों के आंगन, गलियां, प्रमुख बाजार, मंदिर और पूजा पंडाल लगातार जगमग रहें, इसी संकल्प के साथ विद्युत तंत्र को चुस्त-दुरुस्त किया जा रहा है।
गांवों से लेकर महानगरों तक एक समान विद्युत नीति
उत्तर प्रदेश में आमतौर पर ग्रामीण, तहसील और शहरी क्षेत्रों के लिए आपूर्ति का रोस्टर अलग-अलग निर्धारित रहता है, लेकिन त्योहारों के इस खास पखवाड़े में इस अंतर को पूरी तरह समाप्त करने की रूपरेखा बनी है। राजधानी लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, मेरठ, आगरा, बरेली जैसे महानगरों के साथ-साथ सुदूर देहात के गांवों में भी 24 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रामलीला मंचन, दुर्गा पूजा पंडाल और छठ घाटों पर श्रद्धालुओं का भारी जमावड़ा रहता है, ऐसे में ग्रामीण अंचल को कटौती मुक्त रखना प्रशासनिक प्राथमिकता है। ऊर्जा मंत्री ने सभी मुख्य अभियंताओं और अधीक्षण अभियंताओं को साफ तौर पर हिदायत दी है कि त्योहारों की अवधि के दौरान घोषित या अघोषित बिजली कटौती बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसी भी तरह का शटडाउन केवल अत्यंत आपातकालीन स्थिति में ही लिया जा सकेगा, वह भी उच्चाधिकारियों की पूर्वानुमति के बाद।
ट्रांसफार्मर जलने पर तत्काल एक्शन, मोबाइल यूनिट्स रहेंगी तैनात
बिजली नेटवर्क में सबसे बड़ी बाधा ओवरलोडिंग के कारण ट्रांसफार्मरों का जलना या तकनीकी खराबी आना होती है। त्योहारों के दौरान बाजारों में अतिरिक्त सजावटी लाइटों और घरों में दीपमालाओं के कारण ग्रिड पर लोड अप्रत्याशित रूप से बढ़ जाता है। इस चुनौती से निपटने के लिए पावर कारपोरेशन ने हर जिले में अतिरिक्त स्पेयर ट्रांसफार्मर का बफर स्टॉक रखने का आदेश जारी किया है। नियम यह तय किया गया है कि यदि किसी इलाके में ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होता है, तो ग्रामीण क्षेत्रों में तय समय सीमा के भीतर और शहरी इलाकों में कुछ ही घंटों के भीतर नया ट्रांसफार्मर लगाकर आपूर्ति बहाल कर दी जाए। इसके अलावा संवेदनशील क्षेत्रों और घनी आबादी वाले बाजारों के पास मोबाइल ट्रॉली ट्रांसफार्मर तैनात रहेंगे, ताकि मुख्य ट्रांसफार्मर में तकनीकी खराबी आने पर बिना किसी देरी के वैकल्पिक व्यवस्था से क्षेत्र को जोड़कर लाइन चालू रखी जा सके।
फॉल्ट निवारण के लिए 24x7 क्विक रिस्पांस टीमें मैदान में
सिस्टम को जमीनी स्तर पर सुचारू बनाए रखने के लिए हर विद्युत उपकेंद्र (सब-स्टेशन) पर विशेष क्विक रिस्पांस टीमें (QRT) गठित की गई हैं। इन टीमों को आधुनिक टूल्स, सेफ्टी किट और आवश्यक स्पेयर पार्ट्स के साथ तैयार रहने को कहा गया है। किसी भी फीडर में ब्रेकडाउन या तार टूटने की सूचना मिलते ही यह टीम तत्काल मौके पर रवाना होगी। पेट्रोलिंग वाहनों को निरंतर गश्त पर रहने के निर्देश हैं, ताकि तारों पर लटकती पेड़ों की टहनियों या जर्जर तारों के कारण होने वाले शॉर्ट सर्किट को पहले ही रोका जा सके। सब-स्टेशनों पर तैनात लाइनमैन, एसएसओ और तकनीकी स्टाफ की छुट्टियां इस अवधि में अत्यंत आवश्यकता होने पर ही स्वीकृत की जाएंगी। कार्यस्थल पर कर्मचारियों की शत-प्रतिशत मौजूदगी सुनिश्चित कराने के लिए औचक निरीक्षण की व्यवस्था भी बनाई गई है।
कंट्रोल रूम और 1912 हेल्पलाइन से सीधी निगरानी
उपभोक्ताओं की शिकायतों को त्वरित गति से दर्ज करने और उनका तुरंत निस्तारण करने के लिए राज्य स्तरीय और जिला स्तरीय कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे सक्रिय रहेंगे। यूपीपीसीएल के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1912 पर कॉल वॉल्यूम बढ़ने की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त कस्टमर सपोर्ट एग्जीक्यूटिव्स को तैनात किया गया है। उपभोक्ता केवल एक कॉल करके या सोशल मीडिया हैंडल पर अपनी समस्या साझा करके तकनीकी सहायता प्राप्त कर सकेंगे। लखनऊ स्थित शक्ति भवन मुख्यालय से सीधे फीडरों की रियल-टाइम डिजिटल मॉनिटरिंग की जाएगी। किस जिले में, किस उपकेंद्र पर कितने समय के लिए बिजली बाधित हुई, इसका पूरा डेटा उच्च अधिकारियों की स्क्रीन पर लाइव दिखेगा। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी पहले ही दी जा चुकी है।
छठ घाटों और पूजा पंडालों के लिए विशेष विद्युत सुरक्षा ऑडिट
दुर्गा पूजा पंडालों, रामलीला मैदानों और छठ घाटों पर सुरक्षा के दृष्टिकोण से व्यापक विद्युत सुरक्षा ऑडिट के निर्देश जारी किए गए हैं। अक्सर देखने में आता है कि अस्थायी कनेक्शनों में ढीले तार या कमजोर वायरिंग के चलते आग लगने की घटनाएं हो जाती हैं। इससे बचाव के लिए विद्युत सुरक्षा निदेशालय और वितरण मंडल मिलकर सभी प्रमुख आयोजन स्थलों की जांच कर रहे हैं। आयोजकों को वैध अस्थायी कनेक्शन लेने की सुविधा दी जा रही है ताकि अनधिकृत कटियामारी से बचा जा सके और ट्रांसफार्मरों पर अनियंत्रित लोड न पड़े। छठ पूजा के अवसर पर नदियों, सरोवरों और नहरों के किनारे स्थित घाटों पर हाईमास्ट लाइटों और अस्थायी स्ट्रीट लाइट्स के लिए अलग से निर्बाध सप्लाई लाइन का इंतजाम किया जा रहा है, जिससे व्रतियों और श्रद्धालुओं को रात और भोर के अर्घ्य के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
ग्रिड संतुलन और अतिरिक्त बिजली की अग्रिम व्यवस्था
त्योहारों पर राज्य में बिजली की कुल मांग 25,000 मेगावाट से अधिक पहुंचने का अनुमान रहता है। इस भारी मांग को पूरा करने के लिए ऊर्जा विभाग ने एनर्जी एक्सचेंज, केंद्रीय कोटे और निजी बिजली उत्पादक संयंत्रों से अतिरिक्त बिजली की अग्रिम बुकिंग कर ली है। राज्य के सभी थर्मल और हाइड्रो पावर प्लांट्स को पूरी क्षमता के साथ चलाने के लिए कोयले और पानी का पर्याप्त स्टॉक सुरक्षित रखा गया है। ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ने सभी प्रमुख ग्रिड सब-स्टेशनों और इंटरकनेक्टिंग ट्रांसफार्मरों की क्षमता जांच ली है ताकि हाई वोल्टेज या ओवरफ्लो की वजह से ग्रिड ट्रिप न हो। स्थानीय स्तर पर एहतियात बरतते हुए जर्जर खंभों को बदलने, झूलते तारों को कसने और सब-स्टेशन के पैनलों की मेंटेनेंस का काम त्योहारों से ठीक पहले पूरा कर लिया गया है। इस सुनियोजित तैयारी से उत्तर प्रदेश इस पूरे त्योहारी सीजन में रोशनी से सराबोर रहने के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रहा है।