यूपी चुनाव से पहले योगी सरकार लाएगी एक और अनुपूरक बजट, नई घोषणाओं की तैयारी

यूपी चुनाव से पहले योगी सरकार लाएगी एक और अनुपूरक बजट, नई घोषणाओं की तैयारी

उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित 2027 के विधानसभा चुनावों की उल्टी गिनती शुरू होते ही योगी सरकार ने प्रशासनिक और विकास कार्यों की गति तेज कर दी है। आचार संहिता और चुनाव अधिसूचना लागू होने से पहले राज्य सरकार जनता को कई नई जनकल्याणकारी योजनाओं की सौगात देने के मूड में है। इसी रणनीति के तहत सरकार विधानसभा चुनाव और अंतरिम बजट से पहले एक और बड़ा अनुपूरक बजट (Supplementary Budget) लाने की रूपरेखा तैयार कर रही है। शासन के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, वित्त विभाग को इस संबंध में जरूरी वित्तीय आकलन और योजनाओं के प्रस्ताव जुटाने के स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए गए हैं। यह बजट योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल का अंतिम अनुपूरक बजट होगा, जिसे आगामी शीतकालीन सत्र में पटल पर रखा जा सकता है।

शीतकालीन सत्र में पेश होगा आखिरी अनुपूरक बजट, युवाओं और जनहित पर फोकस

संसदीय परंपरा और शासन स्तर की बैठकों के संकेतों के अनुसार, उत्तर प्रदेश विधानमंडल का शीतकालीन सत्र दिसंबर माह में आहूत किए जाने की संभावना है। सरकार की मंशा है कि इसी सत्र के दौरान दूसरा अनुपूरक बजट सदन में प्रस्तुत कर पारित करा लिया जाए। इस विशेष बजट में सबसे अधिक जोर युवाओं से जुड़ी योजनाओं, रोजगार प्रोत्साहन, सामाजिक सुरक्षा और महिलाओं के लिए नई कल्याणकारी घोषणाओं पर रहने वाला है। चुनावी वर्ष में प्रवेश करने से पहले सरकार किसी भी बड़े वादे या घोषणा के क्रियान्वयन में वित्तीय कमी नहीं आने देना चाहती, जिसके लिए अतिरिक्त बजटीय प्रावधान का रास्ता चुना गया है।

59 हजार करोड़ के आसपास हो सकता है बजट का आकार

गौरतलब है कि वित्तीय वर्ष के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार ने 9.12 लाख करोड़ रुपये का विशाल वार्षिक बजट पेश किया था। इसके बाद अगस्त माह में 59,019.54 करोड़ रुपये का पहला अनुपूरक बजट विधानसभा में पारित कराया गया था, जिसमें औद्योगिक विकास, ग्रामीण इन्फ्रास्ट्रक्चर और एक्सप्रेसवे नेटवर्क को गति दी गई थी। सूत्रों का कहना है कि दिसंबर में आने वाले इस नए अनुपूरक बजट का आकार भी लगभग 50 से 60 हजार करोड़ रुपये के दायरे में हो सकता है। इस अतिरिक्त राशि के जरिए विभिन्न विभागों की उन प्राथमिक परियोजनाओं को तुरंत फंड जारी किया जाएगा, जिन्हें चुनाव से पहले धरातल पर शुरू या पूरा किया जाना अनिवार्य है।

नगर निकायों और 'नवयुग पालिका' को दिसंबर तक टेंडर पूरे करने के निर्देश

विधानसभा चुनाव की अधिसूचना जनवरी में जारी होने की संभावनाओं को देखते हुए नगर विकास विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। नगर विकास विभाग को चालू वित्तीय वर्ष में राज्य सेक्टर की योजनाओं के तहत करीब 16,239 करोड़ रुपये के विकास कार्य कराने हैं। इसमें धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व वाले शहरों में 'वंदन योजना' के तहत बुनियादी नागरिक सुविधाओं का विस्तार प्रमुखता से शामिल है। इसके अलावा जिला मुख्यालय वाले नगर निगमों को आधुनिक और स्मार्ट स्वरूप देते हुए 'नवयुग पालिका परिषद' के रूप में विकसित किया जाना है। शासन ने सभी नगर निकायों को सख्त हिदायत दी है कि वे अपने प्रस्ताव तत्काल भेजें और दिसंबर तक हर हाल में सभी विकास कार्यों की टेंडर प्रक्रिया पूरी कर मौके पर काम शुरू करा दें, ताकि अधिसूचना लागू होने के बाद विकास कार्य न अटकें।