हाइजैक की कोशिश के बाद अब तेल अवीव की फ्लाइट में बम की धमकी: एयरबस A320 की बुल्गारिया में इमरजेंसी लैंडिंग

हाइजैक की कोशिश के बाद अब तेल अवीव की फ्लाइट में बम की धमकी: एयरबस A320 की बुल्गारिया में इमरजेंसी लैंडिंग

इजरायल के तेल अवीव स्थित बेन गुरियन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से जुड़ी उड़ानों की सुरक्षा पर लगातार गंभीर खतरे मंडरा रहे हैं। अभी पिछले महीने दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट को क्रैश कराने की साजिश की खबर ठंडी भी नहीं पड़ी थी कि अब एक और अंतरराष्ट्रीय उड़ान में बम की धमकी मिलने से वैश्विक विमानन हलकों में हड़कंप मच गया है। रविवार शाम तेल अवीव से ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना के लिए रवाना हुए एयरबस A320 विमान में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब विमान हवा में था और उसमें विस्फोटक रखे होने की सूचना मिली। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पायलटों ने तुरंत इमरजेंसी सिग्नल जारी किया, जिसके बाद विमान को बुल्गारिया की राजधानी सोफिया के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की ओर डायवर्ट कर आपातकालीन स्थिति में सुरक्षित उतारा गया।

रोमानिया सीमा के पास मिला अलर्ट, बुल्गारियाई वायुसेना के फाइटर जेट्स ने घेरा

बुल्गारिया के परिवहन और संचार मंत्रालय द्वारा साझा की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, ऑस्ट्रियन एयरलाइंस का यह एयरबस A320 विमान जब रोमानिया की सीमा के निकट अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में उड़ रहा था, तभी क्रू मेंबर्स को अज्ञात स्रोत से फ्लाइट में बम रखे होने की चेतावनी प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही पायलटों ने मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत निकटतम सुरक्षित रनवे पर उतरने की अनुमति मांगी। खतरे की गंभीरता को देखते हुए बुल्गारियाई वायुसेना ने तुरंत अपने लड़ाकू विमानों (MiG-29 फाइटर जेट्स) को हवा में स्क्रैम्बल किया। लड़ाकू विमानों ने यात्री विमान को चारों तरफ से सुरक्षा घेरा (एस्कॉर्ट) प्रदान किया और सोफिया एयरपोर्ट पर रात के समय सुरक्षित लैंडिंग होने तक उसके साथ बने रहे।

51 यात्री और 6 क्रू मेंबर्स सवार, आइसोलेशन बे में चला सघन सर्च ऑपरेशन

फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा और एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, विमान में 51 यात्री और 6 चालक दल के सदस्य सवार थे। लैंडिंग होते ही विमान को रनवे से हटाकर एयरपोर्ट के एक अलग-थलग और सुरक्षित 'आइसोलेशन बे' में ले जाया गया। वहां पहले से मौजूद आपातकालीन दमकल, एंबुलेंस, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड ने मोर्चा संभाल लिया। सभी यात्रियों और क्रू मेंबर्स को आपातकालीन निकास के जरिए सुरक्षित बाहर निकाला गया और टर्मिनल पर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने यात्रियों के बैग, कार्गो होल्ड और विमान के पूरे केबिन की आधुनिक उपकरणों से सघन जांच की। अधिकारियों के मुताबिक प्राथमिक जांच में किसी भी तरह का सक्रिय विस्फोटक नहीं मिला है और धमकी के डिजिटल स्रोत की गहन अंतरराष्ट्रीय जांच की जा रही है।

30 सितंबर को को-पायलट ने की थी प्लेन क्रैश कराने की खौफनाक साजिश

तेल अवीव से जुड़ी उड़ानों में यह खौफनाक स्थिति पहली बार नहीं बनी है। इससे ठीक पहले 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव आ रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ-1937 में भीषण साजिश सामने आई थी। उस विमान में ओमान मूल के को-पायलट ने 9/11 की तर्ज पर विमान को तेल अवीव एयरपोर्ट के टर्मिनल पर क्रैश कराने की कोशिश की थी। उसने कॉकपिट में मुख्य पायलट पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया था, जिससे विमान 33,000 फीट से गिरकर सीधे 17,000 फीट पर आ गया था। उस समय भारतीय मूल के जांबाज कैप्टन स्मित मच्छार और सतर्क यात्रियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर हमलावर को काबू में किया और विमान को सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारकर 180 लोगों की जान बचाई थी। उस अदम्य साहस के लिए हाल ही में इजरायल के राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार को देश के सर्वोच्च नागरिक वीरता पुरस्कार के लिए भी आमंत्रित किया है।

इजरायल जा रही उड़ानों पर कड़े सुरक्षा नियम, लगातार मिल रहीं फर्जी धमकियां

हाल के दिनों में इजरायल आने-जाने वाली उड़ानों को निशाना बनाकर बार-बार ऐसे सुरक्षा अलर्ट सामने आ रहे हैं। 13 अक्टूबर को भी न्यूयॉर्क से तेल अवीव पहुंचे डेल्टा एयरलाइंस के विमान को बम की फर्जी धमकी मिली थी। फ्लाईदुबई की घटना के बाद इजरायल के नागरिक उड्डयन और परिवहन मंत्रालय ने सुरक्षा नियमों को बेहद सख्त कर दिया है और दुश्मन व गैर-राजनयिक संबंधों वाले 11 देशों के क्रू मेंबर्स के इजरायल की उड़ानों में शामिल होने पर रोक लगा रखी है। यूरोप और मध्य पूर्व के संवेदनशील हवाई मार्गों पर लगातार मिल रही इन बम धमकियों ने अंतरराष्ट्रीय उड्डयन सुरक्षा एजेंसियों की चिंताएं बढ़ा दी हैं, और अब यूरोपीय सुरक्षा एजेंसियां इस बात की पड़ताल में जुटी हैं कि क्या यह किसी सुनियोजित साइबर या मानसिक युद्ध का हिस्सा है।