35 हजार फीट पर कॉकपिट में खूनी संघर्ष: पायलटों के बीच चले चाकू, लहूलुहान हालत में फ्लाईदुबई फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग

35 हजार फीट पर कॉकपिट में खूनी संघर्ष: पायलटों के बीच चले चाकू, लहूलुहान हालत में फ्लाईदुबई फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग

नागरिक उड्डयन के इतिहास में आसमान में 35 हजार फीट की ऊंचाई पर एक ऐसा दिल दहला देने वाला और खौफनाक वाकया सामने आया है, जिसने दुनिया भर के सुरक्षा विशेषज्ञों और एयरलाइन यात्रियों को हिलाकर रख दिया है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की प्रमुख एयरलाइन फ्लाईदुबई (Flydubai) के एक यात्री विमान में हवा में उड़ान के दौरान उस वक्त कोहराम मच गया, जब बंद कॉकपिट के भीतर किसी बात को लेकर मुख्य कैप्टन और फर्स्ट ऑफिसर (को-पायलट) आपस में ही भिड़ गए। यह विवाद केवल बहस या हाथापाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बात इतनी बिगड़ गई कि कॉकपिट में धारदार हथियार और चाकू निकल आए। दोनों पायलटों ने एक-दूसरे पर ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे कॉकपिट का फर्श, कंट्रोल पैनल्स और शीशे खून से लाल हो गए।

इस जानलेवा संघर्ष के दौरान विमान हवा में खतरनाक तरीके से गोते खाने लगा। सैकड़ों बेकसूर मुसाफिरों की जान दांव पर लग गई थी। गनीमत यह रही कि केबिन क्रू ने असाधारण साहस दिखाते हुए दरवाजा खोला और स्थिति को संभाला, जिसके बाद विमान की तत्काल नजदीकी हवाई अड्डे पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।

35,000 फीट की ऊंचाई पर कॉकपिट बना जंग का मैदान: ऐसे शुरू हुआ विवाद

उड़ान जब अपने सामान्य क्रूज़िंग स्तर पर थी और यात्री अपनी सीटों पर आराम फरमा रहे थे, तभी कॉकपिट के भीतर दोनों पायलटों के बीच किसी तकनीकी प्रक्रिया, रोस्टर ड्यूटी या गंभीर व्यक्तिगत तनाव को लेकर तीखी बहस शुरू हुई। प्रत्यक्षदर्शियों और जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, दोनों के बीच का विवाद अचानक अनियंत्रित हो गया और हाथापाई में बदल गया।

इसी छीना-झपटी के दौरान एक पायलट ने खाने-पीने की ट्रे या इमरजेंसी टूलकिट से धारदार चाकू या कटलरी नुकीला हथियार उठा लिया और दूसरे पर हमला बोल दिया। आत्मरक्षा में दूसरे पायलट ने भी जवाबी वार किया। संकरे कॉकपिट में दोनों एक-दूसरे की जान लेने पर आमादा हो गए। हमले में दोनों पायलटों के सिर, चेहरे और हाथों पर गहरे घाव लगे और वे गंभीर रूप से लहूलुहान हो गए। संघर्ष के दौरान कंट्रोल योक और ऑटोपायलट स्विच पर गलत दबाव पड़ने से विमान असंतुलित होकर डगमगाने लगा।

केबिन क्रू का अदम्य साहस: कोड वर्ड और कॉकपिट का दरवाजा खुला

विमान जब हवा में अचानक हिचकोले खाने लगा और कॉकपिट के भीतर से चीखने-चिल्लाने की आवाजें आईं, तो केबिन क्रू को किसी बड़े अनहोने का अंदेशा हुआ। वरिष्ठ फ्लाइट अटेंडेंट ने तुरंत इमरजेंसी एक्सेस कोड के जरिए कॉकपिट का बख्तरबंद दरवाजा खोला। अंदर का मंजर देखकर क्रू मेंबर्स के पैरों तले जमीन खिसक गई।

अंदर दोनों पायलट खून से लथपथ पड़े थे और विमान का नियंत्रण छूट चुका था। केबिन क्रू ने अपनी जान की परवाह किए बिना तुरंत दोनों घायल पायलटों को एक-दूसरे से अलग किया, चाकू को कब्जे में लिया और फर्स्ट एड किट से उनका खून रोकने की कोशिश की। क्रू के सदस्यों ने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को मेडे (Mayday) का आपातकालीन सिग्नल भेजा और बताया कि विमान के दोनों पायलट गंभीर रूप से घायल हैं और तत्काल लैंडिंग की आवश्यकता है।

रनवे पर तैनात थीं एंबुलेंस, दोनों पायलट सीधे अस्पताल में भर्ती

एटीसी से आपातकालीन मंजूरी मिलते ही विमान को तुरंत नजदीकी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की ओर मोड़ दिया गया। एक पायलट ने लहूलुहान और लड़खड़ाती हालत में किसी तरह स्टीयरिंग संभालते हुए ग्राउंड कंट्रोल के निर्देशों पर विमान को सुरक्षित रनवे पर उतारा।

विमान के रुकते ही स्थानीय पुलिस, सुरक्षा एजेंसियां और मेडिकल टीमें विमान के अंदर दाखिल हुईं। दोनों घायल पायलटों को तुरंत स्ट्रेचर पर बाहर निकाला गया और नजदीकी अस्पताल के आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर लेकिन स्थिर बताई जा रही है। विमान में सवार सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित रहे, हालांकि इस रूह कंपा देने वाले अनुभव के बाद यात्रियों में गहरा खौफ देखा गया।

फ्लाईदुबई ने शुरू की आंतरिक जांच, लाइसेंस रद्द करने की तैयारी

इस अभूतपूर्व और शर्मनाक घटना के बाद फ्लाईदुबई प्रबंधन ने गहरा खेद व्यक्त करते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। विमानन नियामक प्राधिकरणों ने दोनों पायलटों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है और उनके कमर्शियल पायलट लाइसेंस को हमेशा के लिए निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि 9/11 के बाद कॉकपिट के दरवाजों को इतना मजबूत बनाया गया था कि कोई बाहरी आतंकी अंदर न घुस सके, लेकिन अगर खुद पायलट ही अंदर हिंसक हो जाएं, तो यह सुरक्षा का सबसे बड़ा ब्लाइंड स्पॉट बन जाता है। इस घटना के बाद वैश्विक स्तर पर उड़ानों से पहले पायलटों के अनिवार्य मेंटल हेल्थ स्क्रीनिंग, मनोवैज्ञानिक तनाव परीक्षण और कॉकपिट के भीतर क्रू रिसोर्स मैनेजमेंट (CRM) प्रोटोकॉल को नए सिरे से सख्त बनाने की मांग तेज हो गई है।