फ्लाईदुबई विमान हाइजैकिंग साजिश: तेल अवीव की गगनचुंबी इमारत थी निशाना, दोनों इंजनों को बंद करने की थी कोशिश
फ्लाईदुबई (Flydubai) की उड़ान संख्या FZ1073 (दुबई से तेल अवीव) के कॉकपिट में हुए जानलेवा हमले और अपहरण के प्रयास के मामले में जांच एजेंसियों के हाथ बेहद खौफनाक जानकारियां लगी हैं। मामले की पड़ताल कर रही अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों और एविएशन एक्सपर्ट्स की रिपोर्ट के अनुसार, 29 वर्षीय ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी (Hamam al-Hammami) 9/11 की तर्ज पर एक भीषण आत्मघाती हमले को अंजाम देने की साजिश रच चुका था।
जांच रिपोर्टों के मुताबिक, आरोपी का मुख्य निशाना तेल अवीव शहर की एक प्रमुख गगनचुंबी इमारत (Skyscraper) थी। इसके अलावा, हवा में विमान के अचानक 16,000 फीट नीचे गोता लगाने के पीछे दोनों इंजनों की ईंधन आपूर्ति बंद करने की साजिश सामने आई है।
1. 9/11 जैसा बड़ा हमला: तेल अवीव का स्काईस्क्रेपर था टारगेट
जांच एजेंसियों द्वारा अल-हमामी के डिजिटल रिकॉर्ड्स, फ्लाइट प्लान और सर्च हिस्ट्री के विश्लेषण से पता चला है कि उसने इस वारदात की तैयारी पहले से कर रखी थी:
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शहर की इमारतों की टोह: आरोपी ने तेल अवीव की प्रमुख रिहायशी और कमर्शियल गगनचुंबी इमारतों के निर्देशांक (Coordinates) और एयर रूट्स को लेकर गहन रिसर्च की थी।
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विमान को मिसाइल बनाना: आरोपी का मकसद मुख्य भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को पूरी तरह निष्क्रिय (शांत) करके विमान का संपूर्ण नियंत्रण अपने हाथ में लेना और ईंधन से भरे बोइंग 737 को सीधे तेल अवीव की इमारत से टकराना था।
2. दोनों इंजनों का फ्यूल 'Cutoff' करने की थी कोशिश
इटैलियन मीडिया कोरियारे डेला सेरा (Corriere della Sera) और एविएशन जांचकर्ताओं के तकनीकी विश्लेषण में एक नया और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है:
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अचानक केबिन लाइट्स का जलना: यात्रियों द्वारा रिकॉर्ड किए गए वीडियो फुटेज में दिखा कि क्रूजिंग एल्टीट्यूड पर अचानक पैसेंजर केबिन की इमरजेंसी लाइट्स ऑन हो गई थीं। बोइंग 737 में ऐसा आमतौर पर तब होता है जब विमान की मुख्य इलेक्ट्रिक पावर सप्लाई चली जाती है और सिस्टम बैटरी बैकअप पर आ जाता है।
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इंजन फ्यूल स्विच: एक्सपर्ट्स का मानना है कि हमले के दौरान अल-हमामी ने दोनों इंजनों में फ्यूल सप्लाई को नियंत्रित करने वाले स्विचेस को 'RUN' से 'CUTOFF' पोजीशन में धकेलने की कोशिश की थी।
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16,000 फीट का गोता: इंजन पावर कटने और नोज-डाउन कंट्रोल के कारण ही विमान महज 30 से 60 सेकंड के भीतर करीब 16,000 फीट तेजी से नीचे गिर गया, जिसे सिमुलेटर एक्सपर्ट्स ने 'वर्टिकल रोलर-कोस्टर' जैसा खतरनाक अनुभव बताया।
3. कॉकपिट कुल्हाड़ी से वार और कैप्टन की बहादुरी
जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि अल-हमामी ने कॉकपिट में रखे इमरजेंसी क्रैश एक्स (Emergency Crash Axe) से मुख्य पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर पीछे से हमला किया था।
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गंभीर रूप से घायल और लहूलुहान होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने अद्भुत साहस दिखाया और किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा आंशिक रूप से खोलने में सफल रहे।
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दरवाजे पर पैर फंसाकर उन्होंने बाहर मौजूद क्रू और यात्रियों को खतरे का संकेत दिया, जिसके बाद दिलेर यात्रियों और ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने कॉकपिट में घुसकर आरोपी को दबोच लिया और विमान को क्रैश होने से बचा लिया।
4. सऊदी अरब में इमरजेंसी लैंडिंग और ट्रांसपोंडर कोड
विमान के नियंत्रण में आते ही कॉकपिट में मौजूद अन्य पायलटों ने पहले इमरजेंसी कोड 7700 (सामान्य आपातकाल) और 7 मिनट बाद 7500 (विमान अपहरण - Unlawful Interference) ट्रांसमिट किया। इसके बाद जॉर्डन एयरस्पेस के करीब से मुड़कर विमान को सऊदी अरब के तबूक हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतारा गया।
अल-हमामी वर्तमान में सुरक्षा एजेंसियों की सख्त हिरासत में है, और अंतरराष्ट्रीय जांच दल अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि कट्टरपंथी विचारों के कारण ओमान एयर द्वारा ग्राउंड किए जाने के बावजूद वह फ्लाईदुबई के कॉकपिट तक किसके इशारे पर और कैसे पहुंचा।