कनाडा से दुबई तक अकूत संपत्ति, बच्चों के नाम विदेश में जायदाद; रिटायरमेंट के बाद कतर में धरा गया पूर्व वायुसेना प्रमुख शेख अब्दुल हन्नान
बांग्लादेश में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के कार्यकाल के दौरान ताकतवर ओहदों पर रहे वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के भ्रष्टाचार पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। इसी कड़ी में बांग्लादेश के 16वें वायुसेना प्रमुख (Chief of Air Staff) रहे एयर चीफ मार्शल (रिटायर्ड) शेख अब्दुल हन्नान को भ्रष्टाचार और अवैध संपत्ति अर्जित करने के गंभीर मामलों के सिलसिले में कतर में गिरफ्तार कर लिया गया है। अब्दुल हन्नान जून 2021 से जून 2024 तक बांग्लादेशी वायुसेना के शीर्ष कमांडर रहे और रिटायर होने के बाद से ही उन पर सुरक्षा खरीद में घूसखोरी, पद के दुरुपयोग और भारी वित्तीय गबन के आरोप लग रहे थे। बांग्लादेश के भ्रष्टाचार निरोधक आयोग (Anti-Corruption Commission - ACC) की सिफारिश और अंतरराष्ट्रीय वारंट के आधार पर कतर के सुरक्षा अधिकारियों ने उन्हें हिरासत में लिया है। किसी पूर्व सेना प्रमुख की इस प्रकार विदेश में गिरफ्तारी ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक और रक्षा हलकों में हलचल पैदा कर दी है।
कनाडा से लेकर दुबई तक फैला साम्राज्य: बच्चों और पत्नी के नाम खरीदी गईं संपत्तियां
भ्रष्टाचार निरोधक आयोग (ACC) द्वारा की गई जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि शेख अब्दुल हन्नान ने अपने सेवाकाल के दौरान अवैध कमाई का एक बड़ा हिस्सा विदेश में ठिकाने लगाया था। जांच एजेंसियों ने पाया कि हन्नान ने कनाडा, संयुक्त अरब अमीरात (दुबई) और कतर में आलीशान संपत्तियां, फ्लैट और व्यावसायिक निवेश किए हैं। वित्तीय हेराफेरी को छुपाने के लिए अधिकांश संपत्तियों को अपने बच्चों और पत्नी तहमीदा बेगम के नाम पर पंजीकृत कराया गया था। एसीसी ने विदेशी वित्तीय एजेंसियों से पत्राचार कर इन संपत्तियों की पूरी रजिस्ट्री और बैंक लेन-देन की डिटेल मांगी है। जांचकर्ताओं के अनुसार, वैध आय के ज्ञात स्रोतों से कोसों दूर जाकर विदेशी जमीन पर अकूत दौलत खड़ी की गई थी, जिसका सीधा संबंध बांग्लादेश के रक्षा बजट और सैन्य खरीद में हुई अनियमितताओं से जुड़ता है।
32 बैंक खाते और करोड़ों का संदिग्ध लेन-देन: पत्नी भी बनीं आरोपी
एसीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, शेख अब्दुल हन्नान और उनके परिवार के खिलाफ दो अलग-अलग आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। जांच में सामने आया कि हन्नान के नाम पर लगभग 14.08 करोड़ टका के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन पाए गए हैं। वहीं उनकी पत्नी तहमीदा बेगम के नाम पर विभिन्न बैंकों में 32 से अधिक सक्रिय खाते मिले हैं, जिनमें 1.18 करोड़ टका का संदिग्ध लेन-देन हुआ और उनके पास लगभग 1.91 करोड़ टका की आय से अधिक संपत्ति दर्ज की गई। एसीसी का आरोप है कि हन्नान ने वायुसेना प्रमुख के पद पर रहते हुए बड़े पैमाने पर कमीशनखोरी की, भर्ती में धांधली को बढ़ावा दिया और अवैध धन को वैध बनाने के लिए मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क का इस्तेमाल किया।
कोर्ट ने लगाई थी विदेश यात्रा पर रोक, संपत्तियां कुर्क करने के आदेश
शेख अब्दुल हन्नान के खिलाफ जांच की शुरुआत होते ही ढाका की विशेष अदालत ने उनके और उनके परिवार के देश छोड़ने पर यात्रा प्रतिबंध (Travel Ban) लगा दिया था। इसके साथ ही अदालत ने उनके और उनकी पत्नी के नाम दर्ज चल-अचल संपत्तियों को कुर्क करने और बैंक खातों को पूरी तरह फ्रीज करने का आदेश दिया था। संपत्तियों की देखरेख के लिए एक आधिकारिक रिसीवर भी नियुक्त कर दिया गया था। यात्रा प्रतिबंधों के बावजूद हन्नान के विदेश चले जाने और अब कतर में पकड़े जाने के बाद ढाका में अंतरिम प्रशासन उन्हें प्रत्यर्पित कर वापस बांग्लादेश लाने की कानूनी प्रक्रिया में जुट गया है।
शेख हसीना के तख्तापलट के बाद शुरू हुआ पूर्व जनरलों पर व्यापक एक्शन
अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के सत्ता से बेदखल होने के बाद बांग्लादेश में अंतरिम सरकार ने सेना, पुलिस और नौकरशाही में वर्षों से जमे भ्रष्ट तंत्र पर कड़ा प्रहार शुरू किया है। पूर्व वायुसेना प्रमुख की गिरफ्तारी इस बात का स्पष्ट संकेत है कि अब सेना के सर्वोच्च पदों पर रहे अधिकारियों को भी भ्रष्टाचार के मामलों में कोई छूट नहीं मिलने वाली है। बांग्लादेश की जनता और नागरिक समाज लंबे समय से रक्षा बजट की गोपनीयता की आड़ में होने वाली दलाली और विदेशी संपत्तियों के खुलासे की मांग कर रहे थे। हन्नान की गिरफ्तारी के बाद अब यह देखना अहम होगा कि विदेशी बैंकों में जमा काले धन और कनाडा-दुबई की संपत्तियों को वापस लाने में जांच एजेंसियां कितनी सफल हो पाती हैं।