30 हजार फीट पर खौफनाक मंजर: प्लेन क्रैश करने पर आमादा था पायलट, कॉकपिट में खूनी संघर्ष

30 हजार फीट पर खौफनाक मंजर: प्लेन क्रैश करने पर आमादा था पायलट, कॉकपिट में खूनी संघर्ष

मध्य पूर्व में जारी भारी युद्ध और सुरक्षा संकट के बीच आसमान में 30 हजार फीट की ऊंचाई पर एक ऐसा भयावह और रूह कंपा देने वाला वाकया सामने आया है, जिसने पूरी दुनिया के एविएशन सेक्टर और इजरायली सुरक्षा तंत्र की सांसें अटका दी थीं। तेल अवीव स्थित बेन गुरियन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की ओर आ रहे एक बड़े वाणिज्यिक यात्री विमान में हवा में उड़ते हुए अचानक मौत का साया मंडराने लगा। यह कोई तकनीकी खराबी या आतंकी हमला नहीं था, बल्कि कॉकपिट के बंद दरवाजों के भीतर मौजूद मुख्य पायलटों में से एक अचानक मानसिक रूप से हिंसक हो उठा और विमान को सीधे जमीन पर क्रैश कराने की कोशिश करने लगा। इस खौफनाक इरादे को नाकाम करने के लिए दूसरे पायलट ने अपनी जान की बाजी लगा दी, जिसके बाद 30,000 फीट की ऊंचाई पर कॉकपिट के भीतर भयंकर खून-खराबा और जानलेवा हाथापाई देखने को मिली।

इस जानलेवा संघर्ष के दौरान कॉकपिट के आपातकालीन उपकरण और ट्रांसपोंडर सक्रिय हो गए, जिससे इजरायल के एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) और रक्षा मंत्रालय में 'विमान अपहरण' (Squawk 7500) का सायरन बज उठा। पूरी इजरायली सरकार, वायुसेना और कमांडो दस्ते हरकत में आ गए। जमीन पर जहां फाइटर जेट्स हवा में मार गिराने के लिए तैयार खड़े थे, वहीं आसमान में एक पायलट सैकड़ों बेकसूर मुसाफिरों की जान बचाने के लिए अपने ही साथी से लहूलुहान होकर लड़ रहा था।

कॉकपिट में अचानक क्या हुआ? सुसाइड क्रैश की सनक और खूनी जंग

उड़ान जब अपने सामान्य क्रूज़िंग स्तर पर थी और यात्री अपनी सीटों पर बेफिक्र बैठे थे, तभी कॉकपिट के भीतर अचानक हालात बेकाबू हो गए। शुरुआती जांच और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर के विश्लेषण से जो जानकारी सामने आई है, उसके मुताबिक दोनों पायलटों में से एक की मानसिक स्थिति अचानक हिंसक और अनियंत्रित हो गई। उसने विमान के ऑटोपायलट सिस्टम को जबरन डिसएंगेज (बंद) कर दिया और कंट्रोल योक (स्टीयरिंग) को तेजी से नीचे की ओर दबाकर विमान को 'डाइव' मोड में ले जाने की कोशिश की, ताकि विमान सीधे जमीन से टकराकर तबाह हो जाए।

दूसरे पायलट (फर्स्ट ऑफिसर) ने जैसे ही यह आत्मघाती हरकत देखी, वह बिना एक पल गंवाए अपने साथी पर झपट पड़ा। विमान के संकरे कॉकपिट में दोनों के बीच जिंदगी और मौत की भयानक जंग शुरू हो गई। विमान के एंगल को सीधा रखने के लिए एक हाथ से कंट्रोल थामे और दूसरे हाथ से हमलावर पायलट को रोकते हुए दूसरा पायलट गंभीर रूप से घायल हो गया। कॉकपिट के भीतर दोनों के बीच घूंसे, लातें और भारी उपकरणों से एक-दूसरे पर वार किए गए, जिससे कंट्रोल पैनल्स और शीशों पर खून के छींटे बिखर गए।

ट्रांसपोंडर पर बजा 7500 कोड, इजरायल में स्क्रैम्बल हुए F-35 फाइटर जेट्स

इसी हिंसक छीना-झपटी और हाथापाई के दौरान कॉकपिट में लगा ट्रांसपोंडर पैनल दब गया और अंतरराष्ट्रीय हाईजैक कोड '7500' एयर ट्रैफिक कंट्रोल को प्रसारित हो गया। यह कोड अंतरराष्ट्रीय उड्डयन नियमों में तब इस्तेमाल होता है जब विमान किसी आतंकी या गैर-कानूनी कब्जे में आ चुका हो।

इजरायल के हवाई क्षेत्र में किसी संदिग्ध विमान के दाखिल होने की खबर मिलते ही तेल अवीव से लेकर यरुशलम तक हड़कंप मच गया। इजरायली वायुसेना (IAF) ने तुरंत 'रेड अलर्ट' जारी किया और बेस से एफ-16 और अत्याधुनिक एफ-35 स्टील्थ फाइटर जेट्स हवा में उड़ पड़े। फाइटर जेट्स ने आसमान में ही विमान को घेर लिया (इंटरसेप्ट किया) और जमीन से स्पष्ट आदेश दे दिए गए कि यदि विमान किसी शहर, तेल शोधक कारखाने या रिहायशी इलाके की तरफ गोता लगाता है, तो उसे हवा में ही मिसाइल दागकर मार गिराया जाएगा ताकि 9/11 जैसे किसी बड़े नरसंहार को टाला जा सके।

लहूलुहान पायलट ने केबिन क्रू को पुकारा, ऐसे बची सैकड़ों मुसाफिरों की जान

कॉकपिट में चल रही इस खूनी जंग के बीच विमान जब हवा में खतरनाक हिचकोले खाने लगा, तो केबिन में बैठे मुसाफिरों में चीख-पुकार मच गई। ऑक्सीजन मास्क नीचे गिर गए और ऐसा लगा मानो अगला ही पल जिंदगी का आखिरी पल होगा। तभी लहूलुहान और बुरी तरह जख्मी हो चुके जांबाज पायलट ने किसी तरह कॉकपिट का इमरजेंसी इंटरकॉम ऑन करके केबिन क्रू (एयर होस्टेस और स्टीवर्ड) को कोड वर्ड में आपातकालीन सहायता के लिए पुकारा।

आवाज सुनते ही वरिष्ठ केबिन क्रू मेंबर्स और आगे की कतारों में बैठे कुछ तगड़े यात्रियों ने मिलकर कॉकपिट का दरवाजा खोला और अंदर का खौफनाक मंजर देखकर उनके रोंगटे खड़े हो गए। अंदर दोनों पायलट खून से लथपथ पड़े थे और हमलावर पायलट लगातार कंट्रोल को नीचे दबाने का प्रयास कर रहा था। क्रू मेंबर्स और यात्रियों ने तुरंत उस हिंसक पायलट को दबोच लिया, उसके हाथ-पैर बांधे और उसे खींचकर पीछे की एक सीट पर बेल्ट से जकड़ दिया। इसके बाद जख्मी को-पायलट ने खून से सने हाथों से ही विमान का संतुलन वापस संभाला और तेल अवीव एटीसी से तत्काल मेडिकल व सुरक्षा आपातकाल की गुहार लगाई।

एयरपोर्ट पर छावनी जैसा मंजर, कमांडो ने पायलट को हिरासत में लिया

बेन गुरियन एयरपोर्ट पर विमान की लैंडिंग से पहले पूरे रनवे को खाली करा लिया गया था। फायर टेंडर, दर्जनों एंबुलेंस और इजरायल के कुलीन आतंकवाद-रोधी कमांडो दस्ते (Yamam) ने चारों तरफ से मोर्चा संभाल लिया था। जैसे ही विमान के पहियों ने रनवे को छुआ और विमान रुका, सुरक्षा बलों ने तुरंत अंदर दाखिल होकर बांधे गए पायलट को अपनी गिरफ्त में ले लिया।

गंभीर रूप से घायल जांबाज पायलट को तत्काल स्ट्रेचर पर बाहर निकालकर अस्पताल के आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया, जिसके अदम्य साहस ने सैकड़ों बेकसूर इंसानों को एक भयानक हवाई त्रासदी से बचा लिया। सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। प्रारंभिक चिकित्सीय जांच में सामने आया है कि आरोपी पायलट अचानक 'गंभीर साइकोटिक ब्रेकडाउन' (Severe Psychotic Breakdown) या मानसिक अवसाद के घातक दौरे का शिकार हुआ था।

अंतरराष्ट्रीय उड्डयन नियामक (ICAO) और संबंधित देश की जांच एजेंसियां अब इस बात की गहन फॉरेंसिक और मेडिकल जांच कर रही हैं कि इतने बड़े संवेदनशील यात्री विमान की कमान संभालने से पहले पायलट के रूटीन मेंटल हेल्थ चेकअप में यह मानसिक विकृति कैसे पकड़ में नहीं आई। इस भयानक हादसे ने एक बार फिर जर्मनविंग्स फ्लाइट 9525 की उस खौफनाक याद को ताजा कर दिया है, जहां एक पायलट ने जानबूझकर सैकड़ों मुसाफिरों सहित विमान को पहाड़ से टकरा दिया था।