बारूदी सुरंग की चपेट में आकर डूबा 2500 कंटेनर से लदा विशाल मालवाहक जहाज, वैश्विक जलमार्ग पर भारी संकट
वैश्विक समुद्री व्यापार और कच्चे तेल के परिवहन की सबसे महत्वपूर्ण लाइफलाइन माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में एक बेहद भयावह और रणनीतिक रूप से संवेदनशील हादसा सामने आया है। लगभग 2500 भारी कंटेनरों को लेकर जा रहा एक विशालकाय वाणिज्यिक मालवाहक जहाज समुद्र के भीतर बिछाई गई शक्तिशाली बारूदी सुरंग (नेवल माइन) से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि जहाज के निचले हिस्से (हल) में एक विशाल छेद हो गया और इंजन रूम में तेजी से पानी भरने लगा। आपातकालीन अलर्ट जारी किए जाने के कुछ ही घंटों के भीतर विशाल जहाज असंतुलित होकर समुद्र के गहरे पानी में समा गया। इस विनाशकारी घटना के बाद फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ने वाले इस पूरे समुद्री गलियारे में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। विभिन्न देशों की नौसेनाएं, तटरक्षक बल और बचाव दल तुरंत राहत एवं बचाव अभियान में जुट गए हैं।
पानी में समाए सैकड़ों कंटेनर, चालक दल के सदस्यों को बचाने का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
विमानन और नौसैनिक निगरानी एजेंसियों से मिले शुरुआती दृश्यों के अनुसार, जहाज के डूबने के साथ ही उस पर लदे सैकड़ों रंग-बिरंगे कंटेनर पानी पर तैरने लगे हैं और कई गहरे समुद्र में डूब गए हैं। यह स्थिति अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग पर चलने वाले अन्य जहाजों के लिए एक भारी नौपरिवहन खतरा (नेविगेशन हैजार्ड) बन गई है। खतरे को भांपते हुए क्षेत्रीय नौसैनिक कमान ने नजदीकी जहाजों को तुरंत मार्ग बदलने की चेतावनी जारी की है। संकट की सूचना मिलते ही पास से गुजर रहे अन्य जहाजों और तटरक्षक हेलीकॉप्टरों ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया। प्राथमिक रिपोर्टों के अनुसार, चालक दल के कई सदस्यों को लाइफबोट्स के जरिए सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि कुछ लापता नाविकों की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
क्या जानबूझकर बिछाई गई थी नेवल माइन? भू-राजनीतिक साजिश की आशंका
यह हादसा केवल एक सामान्य समुद्री दुर्घटना नहीं है, बल्कि इसने पूरे पश्चिम एशिया में सैन्य और खुफिया स्तर पर भारी खलबली मचा दी है। वाणिज्यिक जहाजों के नियमित रूट पर घातक बारूदी सुरंग की मौजूदगी ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या इसे किसी क्षेत्रीय ताकत या उग्रवादी नेटवर्क द्वारा जानबूझकर बिछाया गया था। होर्मुज स्ट्रेट पहले से ही ईरान, पश्चिमी देशों और खाड़ी मुल्कों के बीच भू-राजनीतिक तनाव का सबसे गर्म केंद्र रहा है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि समुद्र में तैरने वाली या सतह के नीचे लगाई जाने वाली परिष्कृत नौसैनिक बारूदी सुरंगें किसी आम गिरोह के बस की बात नहीं हैं। इस घटना के बाद अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े (US Fifth Fleet) और क्षेत्रीय सुरक्षा बलों ने समुद्र के उस पूरे इलाके में माइन-स्वीपिंग (सुरंग खोजी) जहाजों और सोनार उपकरणों के जरिए व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया है ताकि किसी अन्य गुप्त खतरे का पता लगाया जा सके।
वैश्विक सप्लाई चेन पर गहराया संकट: मरीन इंश्योरेंस और माल ढुलाई भाड़े में उछाल तय
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का वह संकरा समुद्री चोकपॉइंट है जहां से होकर दुनिया के कुल पेट्रोलियम उपभोग का लगभग 20 से 21 प्रतिशत हिस्सा और अरबों डॉलर का कंटेनर कार्गो रोजाना गुजरता है। इस मार्ग पर एक बड़े कंटेनर जहाज के बारूदी सुरंग से टकराकर डूबने की खबर फैलते ही वैश्विक लॉजिस्टिक्स कंपनियों और शिपिंग ऑपरेटरों के होश उड़ गए हैं। वैश्विक मरीन इंश्योरेंस कंपनियों ने तत्काल प्रभाव से फारस की खाड़ी से गुजरने वाले जहाजों के 'वॉर रिस्क प्रीमियम' (युद्ध जोखिम बीमा दर) में भारी बढ़ोतरी के संकेत दिए हैं। जहाजों के बीमा और सुरक्षा लागत में होने वाली इस सीधी वृद्धि का असर एशिया और यूरोप के बीच होने वाले तमाम आयातों और निर्यातों पर पड़ेगा, जिससे वैश्विक बाजार में उपभोक्ता वस्तुओं की महंगाई दर में नया उछाल आने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
कच्चे तेल और ऊर्जा बाजार पर मंडराया साया: एशियाई देशों की सांसें थमीं
इस घटना ने दुनिया भर के ऊर्जा बाजारों में भी तुरंत घबराहट पैदा कर दी है। यद्यपि डूबा हुआ जहाज कंटेनर कार्गो ले जा रहा था, लेकिन जिस स्थान पर यह घटना घटी है, वह तेल के महाविशाल टैंकरों (VLCCs) का प्राथमिक मार्ग है। यदि इस मार्ग पर बारूदी सुरंगों का खतरा लगातार बना रहता है, तो तेल टैंकरों की आवाजाही ठप हो सकती है या उन्हें लंबा और बेहद खर्चीला चक्कर लगाना पड़ेगा। भारत, चीन, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे बड़े एशियाई आयातक देश अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए मुख्य रूप से इसी मार्ग से आने वाले खाड़ी देशों के कच्चे तेल पर निर्भर हैं। तेल व्यापारियों और ऊर्जा विश्लेषकों का मानना है कि अगर इस पूरे जलडमरूमध्य की सुरक्षा समीक्षा के नाम पर जहाजों का आवागमन कुछ दिनों के लिए भी धीमा होता है, तो ब्रेंट क्रूड की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई ऊंचाइयों को छू सकती हैं। अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की गहन फॉरेंसिक जांच कर रही हैं कि किस प्रकार की विस्फोटक सामग्री से यह टक्कर हुई थी और इसके पीछे किस रणनीतिक खिलाड़ी का हाथ था।